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प्रिंसिपल ने छात्रा को किया 10 बार फोन, भड़के परिजनों ने गाड़ी तोड़ी
ब्यूरो/अमर उजाला, अबोहर(पंजाब)
Updated Wed, 19 Apr 2017 09:20 AM IST
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आरोपी प्रिंसिपल की गाड़ी तोड़ी
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हल्का बल्लूआना के गांव के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल की ओर से स्कूल की 12वीं कक्षा की छात्रा को फोन करके उसे परेशान करने का मामला सामने आया है। मामले की जानकारी होने पर छात्रा के परिजनों ने पंचायत के सहयोग से पहले आरोपी प्रिंसिपल के फोन की कॉल डिटेल हासिल की, उसके बाद मंगलवार को स्कूल में पहुंच कर धरना दिया और प्रिंसिपल के खिलाफ नारेबाजी की।
मामले की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस के सामने ही नाराज ग्रामीणों ने प्रिंसिपल की कार को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया। करीब 3 घंटे बाद स्कूल पहुंचे एसपी चरणजीत सिंह ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर प्रिंसिपल का स्थानांतरण डीईओ ऑफिस करवा दिया। वहीं छात्रा के परिजनों ने आरोपी प्रिंसिपल के खिलाफ मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सरपंच अमरदेव गंगपारिया, पंच दिलीप कुमार, नंबरदार राम कुमार ने बताया कि सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल का प्रिंसिपल सुखदेव सिंह फरवरी से ही छात्रा को परेशान कर रहा था। उन्होंने बताया कि 27 फरवरी को प्रिंसिपल ने छात्रा को रात 12 बजे करीब 10 बार फोन करके परेशान किया।
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मामले की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस के सामने ही नाराज ग्रामीणों ने प्रिंसिपल की कार को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया। करीब 3 घंटे बाद स्कूल पहुंचे एसपी चरणजीत सिंह ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर प्रिंसिपल का स्थानांतरण डीईओ ऑफिस करवा दिया। वहीं छात्रा के परिजनों ने आरोपी प्रिंसिपल के खिलाफ मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
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सरपंच अमरदेव गंगपारिया, पंच दिलीप कुमार, नंबरदार राम कुमार ने बताया कि सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल का प्रिंसिपल सुखदेव सिंह फरवरी से ही छात्रा को परेशान कर रहा था। उन्होंने बताया कि 27 फरवरी को प्रिंसिपल ने छात्रा को रात 12 बजे करीब 10 बार फोन करके परेशान किया।
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स्कूल में धरने पर बैठे परिजन
स्कूल में धरने पर बैठे परिजन
सुबह होने पर छात्रा ने यह बात अपने परिजनों को बताई। छात्रा की परीक्षा प्रभावित होने के भय से परिजन कुछ दिन शांत रहे। लेकिन प्रिंसिपल सुखदेव लगातार छात्रा को परेशान करता रहा। इसके बाद तंग आकर परिजनों ने पंचायत के माध्यम से सुखदेव के मोबाइल की कॉल डिटेल सहित कई अन्य सबूत हासिल किए।
जिन्हें लेकर मंगलवार को पंचायत व छात्रा के परिजन प्रिंसिपल से मिलने स्कूल में गए तो प्रिंसिपल ने उनसे दुर्व्यवहार किया। इस पर भड़के ग्रामीणों ने बच्चों की छुट्टी कर दी और स्कूल में ताला लगाकर धरना लगा दिया। घटना की सूचना मिलते ही थाना बहाववाला प्रभारी छिंदरपाल सिंह सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार चरणजीत सिंह, एसडीएम जसप्रीत सिंह, एसपी चरणजीत सिंह और शिक्षा अधिकारी राजेश सचदेवा ने प्राथमिक कार्रवाई के तहत आरोपी प्रिंसिपल सुखदेव को डीईओ ऑफिस स्थानांतरित कर दिया।
साथ ही उन्होंने परिजनों को आश्वासन दिया कि जांच में अगर प्रिंसिपल दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं आरोपी प्रिंसिपल सुखदेव ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि इस बारे में उसे कुछ भी याद नहीं। हालांकि उसने स्वीकार किया कि अगर जांच में वह दोषी पाया जाता है तो सजा भुगतने को तैयार है।
जिन्हें लेकर मंगलवार को पंचायत व छात्रा के परिजन प्रिंसिपल से मिलने स्कूल में गए तो प्रिंसिपल ने उनसे दुर्व्यवहार किया। इस पर भड़के ग्रामीणों ने बच्चों की छुट्टी कर दी और स्कूल में ताला लगाकर धरना लगा दिया। घटना की सूचना मिलते ही थाना बहाववाला प्रभारी छिंदरपाल सिंह सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार चरणजीत सिंह, एसडीएम जसप्रीत सिंह, एसपी चरणजीत सिंह और शिक्षा अधिकारी राजेश सचदेवा ने प्राथमिक कार्रवाई के तहत आरोपी प्रिंसिपल सुखदेव को डीईओ ऑफिस स्थानांतरित कर दिया।
साथ ही उन्होंने परिजनों को आश्वासन दिया कि जांच में अगर प्रिंसिपल दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं आरोपी प्रिंसिपल सुखदेव ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि इस बारे में उसे कुछ भी याद नहीं। हालांकि उसने स्वीकार किया कि अगर जांच में वह दोषी पाया जाता है तो सजा भुगतने को तैयार है।