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जब जैन और बंसल में हुई भिड़ंत, जमकर तू-तू-मैं-मैं, माहौल गरमाया
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 10 Oct 2016 12:16 AM IST
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सत्यपाल जैन और पवन बंसल में हुई तू-तू-मैं-मैं
- फोटो : File Photo
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पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट (2012-16) सत्र की रविवार को हुई अंतिम मीटिंग में जमकर हंगामा हुआ। महिला प्रोफेसर यौन उत्पीड़न मामले की रिपोर्ट मामले इतना तूल पकड़ गया कि वीसी को दो बार मीटिंग छोड़कर बाहर जाना पड़ा।
बैठक में इस मामले में पहली बार बीजेपी नेता और पूर्व सांसद सत्यपाल जैन तथा पूर्व रेल मंत्री और कांग्रेस नेता पवन कुमार बंसल के बीच मामला तू-तू-मैं-मैं तक पहुंच गया। दोनों पक्षों में जमकर हंगामा हुआ। सत्यपाल जैन द्वारा कुलपति के पक्ष में स्पष्टीकरण देने पर मामला बिगड़ा। दोनों के बीच कहासुनी के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मामला शांत करने के लिए कुछ देर के लिए सीनेट मीटिंग स्थगित करनी पड़ी।
पीयू सीनेट में अशोक गोयल ग्रुप और पीयू-डीएवी ग्रुप के कई अन्य सीनेटरों ने भी इस संबंध में बात रखी। लेकिन मामला सुलझता नजर नहीं आया। आखिर वरिष्ठ सीनेटर प्रो.एसएस जोहल, पूर्व कुलपति प्रो.आरपी भांबा को हस्तक्षेप करना पड़ा। सीनेट सदस्यों के सुझाव के बाद कुलपति प्रो.अरुण ग्रोवर की जगह प्रो.जोहल ने पांच सदस्यों की कमेटी गठित की और फिर दोपहर बाद जोहल की अध्यक्षता में कमेटी की पहली मीटिंग भी हुई। ऐसा पहली बार हुआ की सीनेट की मीटिंग में वीसी की सीट पर कोई अन्य सीनेटर बैठा।
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बैठक में इस मामले में पहली बार बीजेपी नेता और पूर्व सांसद सत्यपाल जैन तथा पूर्व रेल मंत्री और कांग्रेस नेता पवन कुमार बंसल के बीच मामला तू-तू-मैं-मैं तक पहुंच गया। दोनों पक्षों में जमकर हंगामा हुआ। सत्यपाल जैन द्वारा कुलपति के पक्ष में स्पष्टीकरण देने पर मामला बिगड़ा। दोनों के बीच कहासुनी के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मामला शांत करने के लिए कुछ देर के लिए सीनेट मीटिंग स्थगित करनी पड़ी।
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पीयू सीनेट में अशोक गोयल ग्रुप और पीयू-डीएवी ग्रुप के कई अन्य सीनेटरों ने भी इस संबंध में बात रखी। लेकिन मामला सुलझता नजर नहीं आया। आखिर वरिष्ठ सीनेटर प्रो.एसएस जोहल, पूर्व कुलपति प्रो.आरपी भांबा को हस्तक्षेप करना पड़ा। सीनेट सदस्यों के सुझाव के बाद कुलपति प्रो.अरुण ग्रोवर की जगह प्रो.जोहल ने पांच सदस्यों की कमेटी गठित की और फिर दोपहर बाद जोहल की अध्यक्षता में कमेटी की पहली मीटिंग भी हुई। ऐसा पहली बार हुआ की सीनेट की मीटिंग में वीसी की सीट पर कोई अन्य सीनेटर बैठा।
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प्रो. चोपड़ा को री-इंप्लायमेंट देने से इनकार, पीयू रजिस्ट्रार पर आरोप
VC Arun Grover On PU
- फोटो : File Photo
उधर, पीयू सीनेट ने ईवनिंग विभाग के रिटायर्ड प्रोफेसर वीके चोपड़ा को री-इम्प्लाइमेंट नहीं देने का फैसला लिया है। इस मामले को लेकर भी पीयू सीनेट में कई सदस्यों ने सवाल उठाया। लेकिन अंत में वीसी ने कहा कि प्रो.चोपड़ा के एकेडमिक रिकार्ड को देखते हुए उन्हें रीइम्पलाइमेंट नहीं दी जा सकती।
गौरतलब है कि पिछले दो सिंडीकेट और सीनेट में इस मामले को लेकर जमकर हंगामा हुआ था। प्रो.अशोक गोयल, प्रो.केशव मल्होत्रा और प्रो.राजेश गिल ने प्रो.चोपड़ा को रीइम्पलाइमेंट देने के पक्ष में थे और फैसले का कड़े शब्दों में विरोध किया था।
पीयू रजिस्ट्रार पर लगाए आरोप
यौन उत्पीड़न की शिकायत चांसलर दफ्तर तक पहुंचाने वाली महिला प्रोफेसर ने सीनेट मीटिंग में अपनी बात रखनी चाहिए। लेकिन कुलपति द्वारा मामले में कोई जवाब नहीं देनेे पर उन्होेंने पूरे सदन में जमकर गुस्सा निकाला। इस मामले में अशोक गोयल ने पीयू रजिस्ट्रार पर मामले में लापरवाही बरतने और महिला की पहचान सार्वजनिक करने का आरोप लगाया। महिला प्रोफेसर पूर्व सांसद सत्यपाल जैन पर कुलपति का पक्ष लेने का आरोप लगाते हुए सीनेट से बाहर चली गईं। काफी देर बाद उनको दोबारा सीनेट में लाया गया।
गौरतलब है कि पिछले दो सिंडीकेट और सीनेट में इस मामले को लेकर जमकर हंगामा हुआ था। प्रो.अशोक गोयल, प्रो.केशव मल्होत्रा और प्रो.राजेश गिल ने प्रो.चोपड़ा को रीइम्पलाइमेंट देने के पक्ष में थे और फैसले का कड़े शब्दों में विरोध किया था।
पीयू रजिस्ट्रार पर लगाए आरोप
यौन उत्पीड़न की शिकायत चांसलर दफ्तर तक पहुंचाने वाली महिला प्रोफेसर ने सीनेट मीटिंग में अपनी बात रखनी चाहिए। लेकिन कुलपति द्वारा मामले में कोई जवाब नहीं देनेे पर उन्होेंने पूरे सदन में जमकर गुस्सा निकाला। इस मामले में अशोक गोयल ने पीयू रजिस्ट्रार पर मामले में लापरवाही बरतने और महिला की पहचान सार्वजनिक करने का आरोप लगाया। महिला प्रोफेसर पूर्व सांसद सत्यपाल जैन पर कुलपति का पक्ष लेने का आरोप लगाते हुए सीनेट से बाहर चली गईं। काफी देर बाद उनको दोबारा सीनेट में लाया गया।