फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Satvik Art director Amit Sanoria came to theatre to escape from Maths

Amit Sanoria: मैथ से बचने के लिए बने थे नाटक रिहर्सल का हिस्सा... उसमें ऐसा रोए कि खुल गई रंगमंच की राह

Tue, 25 Jun 2024 04:00 PM IST
निवेदिता वर्मा नीरज कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
नीरज कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 25 Jun 2024 04:00 PM IST
सार

अमित सनौरिया ने ऑस्ट्रेलिया और भारत में अलग-अलग फिल्मों में काम किया है। एक अभिनेता और निर्देशक के रूप में उन्होंने 40 से अधिक नाटक प्रस्तुतियों और अलग-अलग फिल्मों और विज्ञापनों में काम किया है। वे पिछले दस वर्षों से वे थिएटर में एक अभिनेता और निर्देशक के रूप में सक्रिय हैं।

विज्ञापन
Satvik Art director Amit Sanoria came to theatre to escape from Maths
अमित सनौरिया - फोटो : संवाद

विस्तार

सात्विक आर्ट के निर्देशक अमित सनौरिया मैथ से बचने के लिए रंगमंच की तरफ आए थे। उनका कहना है कि मैथ मेरे लिए बहुत कठिन विषय था। इसमें क्लास में अपने टीचर से काफी सुनने को मिलता था। 

विज्ञापन


अमर उजाला से बातचीत में अमित सनौरिया ने बताया कि मेरे लिए सुनहरा अवसर तब आया जब मैथ के क्लास के समय में ही थिएटर के लिए रिहर्सल हो रहा था। लुधियाना से रिहर्सल करवाने आए थे। मैं भी वहां रिहर्सल में चला गया। एक सीन करना था। उस सीन में यह था कि दंगा होता है और उस दंगा में बेटा मारा जाता है। मुझे पिता की भूमिका में बेटे के मौत पर रोना था।
विज्ञापन


मैं रिहर्सल में रोने के दौरान सच में रो पड़ा। इसलिए नहीं कि चरित्र में चला गया बल्कि इसलिए कि अच्छे से रोऊंगा तो मैथ का पीरियड नहीं लगाना पड़ेगा। मेरा रोना काम आ गया और मैं वहां चुन लिया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सनौरिया ने चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी की ओर से सात दिवसीय समर थिएटर फेस्टिवल में पहला दिन नाटक महारथी का निर्देशन किया।

उन्होंने कहा कि वह नाटक आखिरी शाम था। उसमें एक पिता का अभिनय किया। इसका मंचन टैगोर थिएटर में हुआ था। बात 2003 की है। इसमें बेस्ट एक्टर का पुरस्कार मिला। पिता कहते थ कि पढ़ाई करो। बहुत डांटते थे। लेकिन मेरा मंन रंगमंच की ओर हो गया। कॉलेज में भी रंगमंच की गतिविधियां जारी रखी। एक विज्ञापन किया था। वह एक निजी टीवी चैनल पर आता था। उसे देखने के लिए पिता पड़ोसियों के घर में जाते थे। उन्हें अच्छा लगने लगा। एक दिन पिता ने कहा कि एक्टर बन रहे हो मोटा होते जा रहे हो। एक्टर को मोटा होना ठीक नहीं है। तुम जिम ज्वाइन करो। उसके बाद मेरा मन पुलिकत हो गया।


अमित सनौरिया ने बताया कि ग्रिफिथ विश्वविद्यालय ऑस्ट्रेलिया से फिल्म निर्माण की पढ़ाई की है। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश स्कूल ऑफ ड्रामा, भोपाल से थिएटर कौशल सीखा है। पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज, सेक्टर 11 चंडीगढ़ से 2009 में सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्टता का पुरस्कार प्राप्त करने के बाद उन्हें 2010 में कला और संस्कृति में उनके योगदान के लिए हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से सम्मान का पुरस्कार मिला है। 
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed