सरपंच हो तो ऐसा: आठ एकड़ के तालाब को बना दिया खूबसूरत झील, सरकार से नहीं ली कोई मदद, डेढ़ करोड़ खर्च
सरपंच लखवंत सिंह ने बताया कि उनका सरपंच बनने से पहले ही यह सपना था कि वे अपने गांव को एक अच्छा सुंदर मॉडल गांव बनाएंगे और दूर-दूर तक उनके गांव को लोग देखने आएं। आज उनका सपना पूरा हो गया है। गांव में सड़क से लेकर स्कूल, धर्मशाला, बस स्टैंड को नया रूप दिया गया है।
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पंजाब के मोगा जिले के गांव साफूवाला के सरपंच लखवंत सिंह ने आठ एकड़ में फैले तालाब को एक सुंदर झील और पार्क में बदल दिया। जहां पहले तालाब में गंदगी थी और बदबू के कारण लोग पास भी नहीं जाते थे, वहीं अब दूर-दूर से लोग इस पार्क और झील को देखने आते हैं। इस झील को तैयार होने में लगभग डेढ़ साल का समय और डेढ़ करोड़ रुपये का खर्च आया है। सबसे बड़ी बात है कि इसे बनाने में सरकार से कोई मदद नहीं मिली, सरपंच लखवंत सिंह ने खुद अपनी जेब और एनआरआई परिवारों की मदद से यह कार्य किया।
सरपंच ने गांव के एनआरआई लोगों की मदद से साफूवाला गांव को एक अच्छा मॉडल गांव बनाया। इस काम में एनआरआई परिवार ने सरपंच को पूरा सहयोग दिया। गांव में सड़क से लेकर स्कूल, धर्मशाला, बस स्टैंड को नया रूप दिया गया ताकि गांव की सुंदरता बढ़ सके। गांव के सीवरेज के गंदे पानी को ट्रीट किया जा रहा है। गांव में एक ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है। ट्रीट करने के बाद पानी का इस्तेमाल खेती में किया जाता है।
मोगा के इस सरपंच के विकास कार्य को देखने के लिए आसपास के गांवों के लोग पहुंचते हैं। इससे पहले मोगा के निहाल सिंह वाला के रांसिकला में इसी तरह विकास कार्य हुए और पंजाब में पहला मॉडल गांव बना और राष्ट्रपति अवॉर्ड भी मिला। अब साफूवाला भी एक अनोखा मिसाल पेश कर रहा है। अब देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी इस गांव की चर्चा है।
सरपंच ने कहा- सुंदर और मॉडल गांव बनाने का था सपना
सरपंच लखवंत सिंह ने बताया कि उनका सरपंच बनने से पहले ही यह सपना था कि वे अपने गांव को एक अच्छा सुंदर मॉडल गांव बनाएंगे और दूर-दूर तक उनके गांव को लोग देखने आएं। आज उनका सपना पूरा हो गया है। गांव में सड़क से लेकर स्कूल, धर्मशाला, बस स्टैंड को नया रूप दिया गया है। गांव के 8 एकड़ गंदे तालाब पर डेढ़ करोड़ रुपये लगाकर उसे एक सुंदर झील और पार्क का रूप दिया गया है। इस सारे विकास में सरकार से कोई सहयोग नहीं मिला, करीब डेढ़ करोड़ रुपया खर्च हुआ। सब उन्होंने अपनी जेब से और एनआरआई परिवार की मदद से किया।
सबसे बड़ी बात गांव में एक ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया, ताकि गांव के गंदे पानी को ट्रीट करके खेती करने की काम में लगाया जा सके। इससे पानी की बचत होगी। आने वाले दिनों में और भी प्रोजेक्ट तैयार करेंगे। पार्क का उद्घाटन करने पहुंचे फरीदकोट से सांसद मोहम्मद सादिक ने कहा कि सरपंच लखवंत सिंह ने एक मिसाल कायम की है। उन्होंने एमपी फंड से 10 लाख रुपये दिए। इस दौरान सरपंच ने मोहम्मद सादिक, हरजोत कमल, सभी एनआरआई भाइयों और गांववासियों का धन्यवाद किया।
वहीं, गांव के लोगों ने बताया कि हमें गांव के सरपंच पर मान है। आज दूर-दूर से हमारे गांव को देखने लोग आते हैं। आज जिस पार्क में खड़े हैं, यहां इससे पहले गंदा तालाब था। इतनी बदबू आती थी कि इसके सामने से कोई निकल नहीं सकता था।