संगरूर उपचुनाव: सीएम मान के गढ़ में ही आप का यह हाल, अब उठने लगे कई सवाल
संगरूर उपचुनाव में मिली हार के बाद पार्टी के भीतर विरोध के स्वर उठने लगे हैं। नेता कह रहे हैं कि उपचुनाव में दिल्ली का दखल भी हार का बड़ा कारण रहा। इसके साथ ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने राज्य इकाई को भी कम स्वतंत्रता दी।
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संगरूर लोकसभा उपचुनाव के परिणाम ने पंजाब की सियासी तस्वीर बदल दी है। 100 दिन के शासन काल में ही आम आदमी पार्टी शिअद, कांग्रेस और भाजपा के साथ ही खड़ी दिखाई दे रही है। इस अप्रत्याशित हार के पार्टी के भीतर ही कई मायने लगाए जा रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव में आप की शानदार जीत पार्टी के पक्ष में नहीं थी, बल्कि पारंपरिक दलों के खिलाफ लोगों का गुस्सा था।
सबसे हैरानी वाली बात यह है कि हार से मुख्यमंत्री के तौर पर भगवंत मान के नेतृत्व पर भी सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री मान संगरूर का प्रतिनिधित्व 2014 और 2019 में कर चुके हैं। यह सीट उन्होंने तब जीती थी जब देशभर में भाजपा की लहर थी। संगरूर फतेह करने के लिए मान समेत पार्टी के शीर्ष नेताओं ने जोरदार प्रचार किया था। पिछले 10 दिनों से सभी मंत्री और अधिकांश विधायक संगरूर में ही डटे थे। इसके बावजूद मतदाताओं को पार्टी नहीं जोड़ पाई।
दिल्ली दखल भी हार का कारण
संगरूर उपचुनाव में मिली हार के बाद पार्टी के भीतर विरोध के स्वर उठने लगे हैं। नेता कह रहे हैं कि उपचुनाव में दिल्ली का दखल भी हार का बड़ा कारण रहा। इसके साथ ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने राज्य इकाई को भी कम स्वतंत्रता दी। नेताओं का कहना है कि दिल्ली की कमांड से पंजाब में सरकार प्रभावित हो रही है।
सरकार में अनुभवी नेताओं को लाने की वकालत
पार्टी के कुछ विधायकों का कहना है कि संगरूर हार से पार्टी को कई बड़े बदलाव करने होंगे। सरकार में भी अनुभवी नेताओं को लाना होगा।
संगरूर लोकसभा उपचुनाव में सिमरनजीत सिंह मान को विजय श्री मिलने पर बधाई। - चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व मुख्यमंत्री, पंजाब
पूरी विन्रमता के साथ हम संगरूर के आदेश को स्वीकारते हैं। हम और मेहनत करेंगे। अकाली दल 24 फीसदी से गिरकर 6 प्रतिशत, कांग्रेस 27 से गिरकर 11 प्रतिशत और आप के वोट प्रतिशत में दो फीसदी की गिरावट आई है। इससे जाहिर है कि आप का वोट बना रहा। अन्य पार्टियों का वोट सिमरनजीत सिंह मान को गया। पंजाब ने दूसरी पार्टियों का सफाया कर दिया। - राघव चड्ढा, राज्यसभा सांसद, आप
संगरूर की जनता का फैसला सिर माथे पर। मैं पंजाब की तरक्की और खुशहाली के लिए दिन-रात ईमानदारी से मेहनत कर रहा हूं और आगे भी करता रहूंगा। मैं आपका बेटा हूं और आपके परिवार के भविष्य को रोशन बनाने के लिए कोई कसर नहीं रहने दूंगा। - भगवंत मान, मुख्यमंत्री, पंजाब
हम लोकतंत्र में जनादेश के सामने नतमस्तक हैं। हमें विश्वास है कि नवनिर्वाचित सांसद संसद में पंजाबियों की शिकायतों को दूर करने के लिए आवाज उठाएंगे। अकाली दल ने संसदीय उपचुनाव सिद्धांतों के आधार पर लड़ा है और पार्टी उनके साथ एकजुट होकर खड़ी रहेगी। - सुखबीर बादल, प्रधान, शिअद (बादल)
मैं सिमरनजीत सिंह मान को संगरूर उपचुनाव जीतने के लिए दिल से बधाई देता हूं। पंजाब में ताबड़तोड़ हत्या, ध्वस्त कानून व्यवस्था पर लोगों ने अपना फैसला दे दिया। भगवंत मान अपनी लोकसभा सीट पर ही आम आदमी पार्टी को जीत नहीं दिला पाए। - अश्वनी शर्मा, अध्यक्ष, पंजाब भाजपा इकाई
संगरूर उपचुनाव में जनता का फैसला स्वीकार है। सिमरनजीत मान को उनकी जीत के लिए मेरी ओर से बधाई। मुझे यकीन है कि वह नई भूमिका में पंजाब की आवाज को उठाते रहेंगे। आम आदमी पार्टी के असंवेदनशील और अयोग्य शासन को संगरूर की जनता ने अस्वीकार कर दिया। - अमरिंदर राजा वड़िंग, प्रधान, पंजाब कांग्रेस