फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   sambhar Death in Chandigarh after see in sector 22

चंडीगढ़ः सड़कों पर उछल कूद करता दिखा बारहसिंघा, लोग हुए हैरान, लेकिन ऐसे हो गई मौत

Tue, 05 Feb 2019 12:37 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 05 Feb 2019 12:37 PM IST
विज्ञापन
sambhar Death in Chandigarh after see in sector 22
बारहसिंघा

जंगल से रास्ता भटक कर सेक्टर-22 पहुंचे बारहसिंघा की मौत हो गई। करीब दो से ढाई घंटे तक वह कई सेक्टरों में घूमता रहा। सेक्टर-22 में पकड़कर उसे सेक्टर-38 स्थित सोसाइटी फार दी प्रीवेंशन आफ क्रूएल्टी टू एनिमल्स (एसपीसीए) के पास ले गए। वहां पहुंचने से पहले उसकी मौत हो गई।

विज्ञापन


वहां के डॉक्टरों ने अपनी प्रारंभिक जांच में पाया कि उसकी मौत सदमे और कुछ चोट लगने से हुई है। बाद में उसे नेपली जंगल में दफना दिया गया। बाहरसिंघा की उम्र करीब दस से 12 साल बताई गई।
विज्ञापन


वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट का कहना है कि सुबह साढ़े आठ बजे सूचना मिली कि सेक्टर-10 लेजर वैली के पास एक बाहरसिंघा है, जो सड़कों पर भाग रहा है। सूचना मिलते ही वाइल्ड लाइफ के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और लेकिन उन्हें मिला नहीं। इतने में वह सेक्टर-17 बस अड्डे में पहुंच गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


कर्मचारी उसके पीछे भागे। बस अड्डे में भी वह नहीं मिला, जबकि बारहसिंघा वहां से अरोमा लाइट प्वाइंट और कुछ देर बाद सेक्टर-22 सी की मार्केट में पहुंचा गया। इस दौरान टीम भी पहुंची और उसे पकड़ने के लिए कर्मचारियों ने कोशिश की।

वाइल्ड लाइफ के कर्मचारियों ने कई बार जाल फेंका, लेकिन वह फुर्ती दिखाकर भाग जाता। एक बार वह जाल में फंस भी गया। मगर वह फिर से भाग निकला। इस दौरान एक-दो कर्मचारियों के हाथों में झटका भी आया। करीब 15 से 20 मिनट की मशक्कत के बाद उसे पकड़ने में कामयाबी मिली। जब उसे पकड़ा गया तो उसके मुंह से खून निकल रहा था और कुछ हिस्से में घाव भी था। 

वाइल्ड लाइफ की ओर से एसपीसीए के डॉक्टरों को फोन कर उन्हें मौके पर बुलाया गया। जब वे पहुंचे तो उन्हें कोई नहीं मिला। वे एसपीसीए वापस लौटे तो वहां पर वाइल्ड लाइफ कर्मचारी बारहसिंघा के साथ मिल गए। जब जांच की तो पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है।

मौत का कारण
वाइल्ड लाइफ के अधिकारियों और एसपीसीए के डॉक्टरों ने बताया कि बाहरसिंघा के मुंह से खून निकल रहा था। शरीर में तीन जगह चोट के निशान थे। पसलियां भी टूटी थीं। एसपीसीए के डॉक्टरों का कहना है कि उसकी मौत का कारण सदमा भी हो सकता है। वह करीब डेढ़ घंटे तक इंसानी बस्ती में रहा है। इनका दिल काफी कमजोर होता है।

यह भी संभावना जताई जा रही है कि सुबह के वक्त धुंध काफी थी। बाहरसिंघा लोगों को देखकर सड़कों पर इधर-उधर तेजी से भाग रहा था। संभव है कि वह किसी वाहन से टकराया हो। इस वजह से उसे चोट आई हों। 

सेक्टर-2 के आसपास से आने की संभावना
वाइल्ड लाइफ को सबसे पहले लोकेशन लेजरवैली की मिली। संभावना जताई जा रही है कि वह सेक्टर-2 के आसपास से लेजरवैली में दाखिल हुआ है। रॉक गार्डन के आसपास बने जंगलों में काफी संख्या में सांभर और बारहसिंघा हैं। संभव है कि वहां के जंगलों से वह शहर की ओर दाखिल हुआ हो।

डिपार्टमेंट के पास जैसे ही कॉल आई है, कर्मचारी तुरंत स्पॉट पर पहुंच गए। जब उसे पकड़ा गया तो उसके शरीर में तीन जगह चोटें थीं। पसलियां भी टूटी थीं। उसके मुंह से ब्लड भी आ रहा था। शायद वह किसी वाहन से टकराया हो। मैंने खुद उसे चेक किया। -डॉ. अब्दुल कय्यूम, उप वन सरंक्षक, वाइल्ड लाइफ

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed