चंडीगढ़ः सड़कों पर उछल कूद करता दिखा बारहसिंघा, लोग हुए हैरान, लेकिन ऐसे हो गई मौत
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जंगल से रास्ता भटक कर सेक्टर-22 पहुंचे बारहसिंघा की मौत हो गई। करीब दो से ढाई घंटे तक वह कई सेक्टरों में घूमता रहा। सेक्टर-22 में पकड़कर उसे सेक्टर-38 स्थित सोसाइटी फार दी प्रीवेंशन आफ क्रूएल्टी टू एनिमल्स (एसपीसीए) के पास ले गए। वहां पहुंचने से पहले उसकी मौत हो गई।
वहां के डॉक्टरों ने अपनी प्रारंभिक जांच में पाया कि उसकी मौत सदमे और कुछ चोट लगने से हुई है। बाद में उसे नेपली जंगल में दफना दिया गया। बाहरसिंघा की उम्र करीब दस से 12 साल बताई गई।
वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट का कहना है कि सुबह साढ़े आठ बजे सूचना मिली कि सेक्टर-10 लेजर वैली के पास एक बाहरसिंघा है, जो सड़कों पर भाग रहा है। सूचना मिलते ही वाइल्ड लाइफ के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और लेकिन उन्हें मिला नहीं। इतने में वह सेक्टर-17 बस अड्डे में पहुंच गया।
कर्मचारी उसके पीछे भागे। बस अड्डे में भी वह नहीं मिला, जबकि बारहसिंघा वहां से अरोमा लाइट प्वाइंट और कुछ देर बाद सेक्टर-22 सी की मार्केट में पहुंचा गया। इस दौरान टीम भी पहुंची और उसे पकड़ने के लिए कर्मचारियों ने कोशिश की।
वाइल्ड लाइफ के कर्मचारियों ने कई बार जाल फेंका, लेकिन वह फुर्ती दिखाकर भाग जाता। एक बार वह जाल में फंस भी गया। मगर वह फिर से भाग निकला। इस दौरान एक-दो कर्मचारियों के हाथों में झटका भी आया। करीब 15 से 20 मिनट की मशक्कत के बाद उसे पकड़ने में कामयाबी मिली। जब उसे पकड़ा गया तो उसके मुंह से खून निकल रहा था और कुछ हिस्से में घाव भी था।
वाइल्ड लाइफ की ओर से एसपीसीए के डॉक्टरों को फोन कर उन्हें मौके पर बुलाया गया। जब वे पहुंचे तो उन्हें कोई नहीं मिला। वे एसपीसीए वापस लौटे तो वहां पर वाइल्ड लाइफ कर्मचारी बारहसिंघा के साथ मिल गए। जब जांच की तो पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है।
मौत का कारण
वाइल्ड लाइफ के अधिकारियों और एसपीसीए के डॉक्टरों ने बताया कि बाहरसिंघा के मुंह से खून निकल रहा था। शरीर में तीन जगह चोट के निशान थे। पसलियां भी टूटी थीं। एसपीसीए के डॉक्टरों का कहना है कि उसकी मौत का कारण सदमा भी हो सकता है। वह करीब डेढ़ घंटे तक इंसानी बस्ती में रहा है। इनका दिल काफी कमजोर होता है।
यह भी संभावना जताई जा रही है कि सुबह के वक्त धुंध काफी थी। बाहरसिंघा लोगों को देखकर सड़कों पर इधर-उधर तेजी से भाग रहा था। संभव है कि वह किसी वाहन से टकराया हो। इस वजह से उसे चोट आई हों।
सेक्टर-2 के आसपास से आने की संभावना
वाइल्ड लाइफ को सबसे पहले लोकेशन लेजरवैली की मिली। संभावना जताई जा रही है कि वह सेक्टर-2 के आसपास से लेजरवैली में दाखिल हुआ है। रॉक गार्डन के आसपास बने जंगलों में काफी संख्या में सांभर और बारहसिंघा हैं। संभव है कि वहां के जंगलों से वह शहर की ओर दाखिल हुआ हो।
डिपार्टमेंट के पास जैसे ही कॉल आई है, कर्मचारी तुरंत स्पॉट पर पहुंच गए। जब उसे पकड़ा गया तो उसके शरीर में तीन जगह चोटें थीं। पसलियां भी टूटी थीं। उसके मुंह से ब्लड भी आ रहा था। शायद वह किसी वाहन से टकराया हो। मैंने खुद उसे चेक किया। -डॉ. अब्दुल कय्यूम, उप वन सरंक्षक, वाइल्ड लाइफ