पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर शिअद की रैली, न मास्क न सोशल डिस्टेंसिंग... कोरोना नियम गायब
- सुखबीर का आरोप- कांग्रेस ने की केंद्र की ओर से भेजे गए राशन में हेराफेरी
- कैप्टन सरकार के खिलाफ कोरोना सेफ्टी गाइडलाइन तोड़कर शिअद की रैली
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विस्तार
केंद्र सरकार की ओर से जारी कोरोना गाइडलाइन के नियमों को तोड़कर अकाली दल ने मंगलवार को रैली कर डाली। यह रैली लगातार बढ़ रहे डीजल और पेट्रोल के दामों को घटाने और वैट को कम करने को लेकर की गई। रैली में शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब की कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार ने केंद्र से भेजे गए राशन में हेराफेरी की है।
जीरकपुर में शिअद प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने लगातार बढ़ रहे डीजल-पेट्रोल के दामों को घटाने और वैट की दर कम करने की मांग की। इस मौके पर शिरोमणि अकाली दल के व्यापार विंग के प्रधान और हलका डेराबस्सी से विधायक एनके शर्मा मौजूद रहे। विधायक एनके शर्मा और उनके कार्यकर्ताओं ने केंद्र और पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि आम लोगों के हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं लेकिन केंद्र सरकार लगातार डीजल-पेट्रोल की कीमतों को बढ़ाती जा रही है। इसके साथ ही वैट भी लगातार बढ़ाया जा रहा है।
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सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि महंगाई की वजह से आम लोगों की जिंदगी मजबूरी में कटने लगी है। दूसरे राज्यों के मुकाबले पंजाब में बिजली सबसे ज्यादा महंगी है। इसकी कीमतों को तुरंत कम किया जाना चाहिए। बादल ने कैप्टन सरकार पर आरोप लगाया कि कोरोना काल के दौरान लोगों को राहत देने को केंद्र ने 70 हजार मीट्रिक टन राशन भेजा, जिसमें हेराफेरी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई नेताओं ने केंद्र द्वारा भेजे गए राशन को दुकानों पर बेचा है। यह राशन नेता और सरपंच ही खा गए।
राशन घोटाले की हो सीबीआई जांच
उन्होंने चेतावनी दी है कि केंद्र की ओर से भेजे जा रहे राशन को अब गलत ढंग से नहीं बांटने दिया जाएगा। उन्होंने राशन घोटाले के मामले में सीबीआई जांच की मांग की। राज्य के खाली खजाने को लेकर कांग्रेस के बयान पर भी सुखबीर बादल ने सवाल उठाया कि हमने अपने कार्यकाल में कभी भी नहीं कहा कि खजाना खाली है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस खजाने को पिछले तीन साल में खाली कर दिया है। रेत से जो पैसा आना था वह कांग्रेस के नेताओं के अकाउंट में जा चुका है। सुखबीर बादल ने एक बार फिर से राज्य सरकार को चुनौती दी है कि अगर डीजल-पेट्रोल के रेट नहीं घटाए गए तो वह नई दिल्ली जाकर धरना देंगे।
उन्होंने कांग्रेस सरकार और आप के राज्य प्रधान पर बरसते हुए कहा कि यह दोनों ही झूठे हैं और आपस में मिले हुए हैं। सुखबीर ने कहा कि अकाली सरकार के समय हमने पंजाब के लोगों के साथ जो वादे किए थे, वह पूरे किए। हमने बसें भी चलाईं, पंजाब में न टूटने वाली सड़कें भी बनाईं, हर वर्ग के जरूरतमंदों की पेंशन भी जारी रखी, किसानों के लिए मोटरों के बिल भी माफ कर रखे थे।
नेताजी के लिए कोरोना के नियम छूमंतर
किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो, इसके लिए यहां पर जिले के कई बड़े पुलिस अधिकारी मौजूद थे। कोरोना काल के दौरान शादी समारोह के दौरान 50 से ज्यादा लोगों की भीड़ जुटने पर आपत्ति करने और एक्शन लेने वाली जिला प्रशासन की टीम यहां मूकदर्शक बनी थी। जीरकपुर में होने वाली इस रैली के लिए कार्यकर्ताओं की भीड़ सुबह से ही जुटनी शुरू हो गई थी। रैली स्थल पर पहुंचने वाले कुछ कार्यकर्ता मास्क लगाए थे और कई बिना मास्क के ही थे।
इतना ही नहीं, कइयों ने गमछे को गले में स्टाइल से डाला था। रैली स्थल में भीतर जाने से पहले न तो यहां हाथों को सैनिटाइज करने की व्यवस्था की गई थी न ही थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था थी। रैली में हालात यह थे कि दूसरों को मास्क लगाने की प्रेरणा देने वाले शिरोमणि अकाली दल के व्यापार विंग के प्रधान एनके शर्मा ने न तो खुद मास्क लगाया था और न ही सामाजिक दूरी का ध्यान रखा था।
पुलिस की टीम हाथ बांधे खड़ी रही
पंजाब में तेजी के साथ कोरोना फैल रहा है और ऐसे में जिन अधिकारियों को कोरोना से बचाव के लिए लगाया गया है वही अधिकारी रैली ठीक ढंग से हो जाए इसके लिए तैनात रहे। जीरकपुर में अकाली दल प्रधान सुखबीर बादल द्वारा की गई रैली के दौरान सड़क को एकदम खाली रखने के लिए अंबाला से आने वाले ट्रैफिक को पुल के ऊपर ही गुजार दिया गया।
जीरकपुर पुल के नीचे किसी भी वाहन को जाने की अनुमति नहीं दी गई। इतना ही नहीं, रैली स्थल पर एसपी, डीएसपी, एसएचओ जीरकपुर के साथ भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
समाज को बचाना है नेता का काम
पंजाब में संकट, आप कर रहे हैं रैली
कांग्रेसी नेता दीपिंदर सिंह ढिल्लों ने कहा कि पंजाब में कोरोना संकट टला नहीं है। रैली में भीड़ इकट्ठी हुई, सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रखा गया, यह गलत है। आप अपनी बात कहें पर उससे समाज को नुकसान न हो तो अच्छा होगा। अब कोरोना के नियमों को ताक पर रखकर रैली की गई तो यह मैं
ठीक नहीं मानूंगा। पंजाब सरकार जहां एक ओर कोरोना की रोकथाम में लगी है वहीं, दूसरी ओर समाज को दिशा दिखाने वाले ही नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
यह हैं सवाल
- शादी या समारोह में 50 से ज्यादा भीड़ की अनुमित नहीं तो कैसे जमा हो गए 400 लोग।
- बिना मास्क चालान करने का है दावा, फिर कैसे बिना मास्क लोग पहुंच गए।
- सोशल डिस्टेंसिंग का भी नहीं रखा गया ध्यान, पुलिस ने दिया रैली में खूब साथ।
- प्रशासन को नहीं मालूम तो कैसे ट्रैफिक को किया गया जीरकपुर पुल के पास से डायवर्ट।
किसी समारोह या शादी में 50 से ज्यादा की भीड़ नहीं जुट सकती है। भारी संख्या में भीड़ जुटाई ही नहीं जा सकती है। यदि कोई इसका उल्लंघन करता है तो कार्रवाई की जाएगी।
- गिरीश दयालन डीसी, मोहाली