Chandigarh: गार्डन ऑफ साइलेंस में तेज आवाज में बजा डीजे, जमकर नाचे लोग... चुप रहे वन विभाग के अफसर
एनजीओ टीम सॉल्यूशन ने रविवार सुबह गार्डन ऑफ साइलेंस से रन फॉर फॉरेस्ट और वन विभाग के सहयोग से पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया था। तीन श्रेणियों 3.1 किमी, 10.5 किमी और 21.1 किलोमीटर की दौड़ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के लिए गार्डन ऑफ साइलेंस में स्क्रीन और म्यूजिक सिस्टम के साथ स्टेज भी बनाया गया था।
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विस्तार
चंडीगढ़ में सुखना लेक के गार्डन ऑफ साइलेंस (बुद्धा गार्डन) में नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। यहां आयोजित एक एनजीओ के कार्यक्रम में काफी तेज आवाज में डीजे बजाकर लोगों ने डांस किया। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे। सुखना लेक पर सैर करने वाले कई लोगों ने इस पर आपत्ति जताई। कहा कि साइलेंस जोन में तेज आवाज में डीजे बजाने की अनुमति आयोजकों को कैसे दी गई, इसकी जांच होनी चाहिए।
लेक पर सैर करने आए लोगों का आरोप है कि सुबह डीजे पर कई पंजाबी गाने बजाए गए। आवाज इतनी तेज थी कि लेक पर सैर कर रहे लोगों को भी सुनाई दे रहा था। लेक पर 2001 से सैर करने वाले ग्रुप सुखना शार्क के सदस्यों ने देखा कि साइलेंस जोन में डीजे पर लोग डांस कर रहे हैं। वह इस बात को लेकर ज्यादा हैरान हुए कि मौके पर वन विभाग के भी कर्मचारी और अधिकारी भी मौजूद थे। कार्यक्रम में वन विभाग के सहयोग से सुखना लेक के पास वन क्षेत्र में पौधरोपण किया गया ताकि वातावरण और पर्यावरण का संरक्षण किया जा सके। एनजीओ की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन संरक्षक नवनीत कुमार श्रीवास्तव थे जबकि पीसीएस जगनूर सिंह ग्रेवाल और केएपी सिंह और अरविंदर जीत सिंह विशेष अतिथि रहे।
क्या बोले लोग
अधिकारियों के सामने बज रहा था गाना
मैं पिछले करीब 20 वर्षों से सुबह सैर करने के लिए सुखना लेक आता हूं। रविवार सुबह हम गार्डन ऑफ साइलेंस से काफी दूर थे, फिर भी गानों की आवाज आ रही थी। मैं मौके पर गया तो देखकर हैरान रह गया कि वन विभाग के कर्मचारियों-अधिकारियों की मौजूदगी में कैसे स्क्रीन लगाकर और डीजे बजाकर लोग डांस कर रहे थे। - राजीव शर्मा, बिजनेसमैन
नियमों का पालन करना चाहिए था
रविवार सुबह बहुत तेज आवाज में गाने बज रहे थे। मैं सैर करने के लिए पिछले कई सालों से लेक पर आ रहा हूं। इतना तेज संगीत कभी नहीं सुना था। कार्यक्रम के आयोजकों को साइलेंस जोन के नियमों का पालन करना चाहिए था। - अरुण कौशिश, प्रोफेसर
तेज संगीत की वजह से हुई परेशानी
सुखना लेक पर रोजाना सैकड़ों लोग सुबह सैर करने के लिए आते हैं क्योंकि यहां बहुत शांति और सुकून मिलता है। रविवार को सुबह चल रहे तेज संगीत की वजह से लोग काफी परेशान हुए। गानों की आवाज बहुत दूर से ही सुनाई दे रही थी। - कपिल शर्मा, बिजनेसमैन
वार्मअप के लिए चलाया गया था म्यूजिक
मैराथन में हिस्सा लेने वाले लोगों को इंस्ट्रक्शन देने के लिए साउंड सिस्टम की व्यवस्था की गई थी। मैराथन को शुरू करने से पहले प्रतिभागियों के वार्मअप के लिए म्यूजिक चलाया गया था। डीजे की आवाज निर्धारित साउंड लेवल के अंदर ही थी। - नवल किशोर, निदेशक, टीम सॉल्यूशन एनजीओ
कुछ समय के लिए आवाज तेज थी
गार्डन ऑफ साइलेंस में तेज आवाज में डीजे बजाने की जानकारी मिलने के बाद मामले की जांच कराई गई। एक एनजीओ की तरफ से मैराथन का आयोजन किया गया था। हमारे जेई मौके पर थे। कुछ समय के लिए आवाज तेज हुई थी, उस पर आपत्ति जताते हुए म्यूजिक को कम करा दिया गया था। - सीबी ओझा, चीफ इंजीनियर, यूटी प्रशासन