{"_id":"60c63ca58ebc3eb6015ed8ff","slug":"ruckus-in-pu-on-roster-officer-silent-solution-is-not-coming-out-chandigarh-news-pkl4165775113","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोस्टर पर पीयू में घमासान, अफसर मौन, नहीं निकल रहा समाधान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोस्टर पर पीयू में घमासान, अफसर मौन, नहीं निकल रहा समाधान
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में इस समय रोस्टर पर घमासान तेज हो गया है। पीयू के अफसर मौन हैं, अब तक समाधान नहीं निकल पा रहा है। वहीं कर्मचारियों में आक्रोश है। एससी-एसटी वर्ग चाहता है कि जल्द से जल्द आपत्तियों का निपटारा कर पीयू रोस्टर को अंतिम चरण में पहुंचाए। वहीं सामान्य वर्ग रोस्टर के विरोध में है, जिसकी ओर से प्रदर्शन किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि इसका हल पीयू जल्द निकाले अन्यथा पीयू का मैदान अखाड़ा भी बन सकता है।
पदोन्नति में आरक्षण का लाभ देने के लिए रोस्टर लागू होना है। रोस्टर में यह तय होगा कि किस पद पर किस वर्ग के व्यक्ति का प्रमोशन होना है। इस रोस्टर के लिए एससी-एसटी, बीसी वर्ग वर्षों से लगा हुआ है। केंद्र सरकार से लेकर यूजीसी, एससी-एसटी आयोग तक पहुंचे। वहां से पीयू का आदेश मिले कि रोस्टर को जल्द से जल्द लागू किया जाए, लेकिन पीयू इसे तैयार नहीं कर पाई। दो बार रोस्टर बनाया गया, लेकिन सिंडिकेट व सीनेट ने कमियां निकालकर उसमें सुधार की सिफारिश कर दी। अब पीयू पर रोस्टर लागू करने का पूरा दबाव आया तो उन्होंने अपनी वेबसाइट पर कच्चा रोस्टर डालकर उस पर आपत्तियां मांग लीं। इसको लेकर सामान्य वर्ग में आक्रोश पनप गया। वह इसके विरोध में उतर आए।
सामान्य वर्ग का तर्क है कि नौकरी में जब एससी-एसटी, बीसी वर्ग को आरक्षण का लाभ मिल चुका है तो अब पदोन्नति में क्यों दिया जा रहा है। यह गलत है। उनका तर्क है कि पीयू के नियमों में भी रोस्टर का जिक्र नहीं है। न ही सरकार के कोई आदेश हैं। ऐसे में रोस्टर लागू नहीं होना चाहिए। सामान्य वर्ग के कर्मचारी कई दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन पीयू का रुख रोस्टर को लेकर स्पष्ट नहीं हुआ। पीयू रोस्टर लागू करने के चक्कर में है। कर्मचारियों का आरोप है कि बिना सिंडिकेट व सीनेट के रोस्टर को लागू नहीं किया जा सकता। इस पर मंथन होना चाहिए। किसी भी कर्मचारी को नुकसान नहीं हो।
विज्ञापन
वर्जन----
एससी-एसटी, बीसी वर्ग को रोस्टर का लाभ बहुत पहले मिल जाना चाहिए था लेकिन अब तक नहीं दिया गया जबकि यूजीसी से लेकर एससी-एसटी आयोग तक इसके लिए आदेश जारी कर चुके हैं। रोस्टर लागू करवाकर दम लेंगे। चाहे किसी भी स्तर तक जाना पड़े।
-- हरप्रीत सिंह, अध्यक्ष, एससी-एसटी, बीसी एसोसिएशन
वर्जन---
जब नौकरी के समय आरक्षण का लाभ मिल गया है तो पदोन्नति में देने का सवाल नहीं बनता। पीयू की रूल बुक में रोस्टर का जिक्र नहीं है लेकिन पीयू इसे लागू करने पर तुली हुई है जो नहीं होने दिया जाएगा। हमने अपनी आपत्तियां दायर कर दी हैं।
--- सुरजीत सिंह ठाकुर, चेयरमैन, सामान्य वर्ग एसोसिएशन
विज्ञापन
पदोन्नति में आरक्षण का लाभ देने के लिए रोस्टर लागू होना है। रोस्टर में यह तय होगा कि किस पद पर किस वर्ग के व्यक्ति का प्रमोशन होना है। इस रोस्टर के लिए एससी-एसटी, बीसी वर्ग वर्षों से लगा हुआ है। केंद्र सरकार से लेकर यूजीसी, एससी-एसटी आयोग तक पहुंचे। वहां से पीयू का आदेश मिले कि रोस्टर को जल्द से जल्द लागू किया जाए, लेकिन पीयू इसे तैयार नहीं कर पाई। दो बार रोस्टर बनाया गया, लेकिन सिंडिकेट व सीनेट ने कमियां निकालकर उसमें सुधार की सिफारिश कर दी। अब पीयू पर रोस्टर लागू करने का पूरा दबाव आया तो उन्होंने अपनी वेबसाइट पर कच्चा रोस्टर डालकर उस पर आपत्तियां मांग लीं। इसको लेकर सामान्य वर्ग में आक्रोश पनप गया। वह इसके विरोध में उतर आए।
विज्ञापन
सामान्य वर्ग का तर्क है कि नौकरी में जब एससी-एसटी, बीसी वर्ग को आरक्षण का लाभ मिल चुका है तो अब पदोन्नति में क्यों दिया जा रहा है। यह गलत है। उनका तर्क है कि पीयू के नियमों में भी रोस्टर का जिक्र नहीं है। न ही सरकार के कोई आदेश हैं। ऐसे में रोस्टर लागू नहीं होना चाहिए। सामान्य वर्ग के कर्मचारी कई दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन पीयू का रुख रोस्टर को लेकर स्पष्ट नहीं हुआ। पीयू रोस्टर लागू करने के चक्कर में है। कर्मचारियों का आरोप है कि बिना सिंडिकेट व सीनेट के रोस्टर को लागू नहीं किया जा सकता। इस पर मंथन होना चाहिए। किसी भी कर्मचारी को नुकसान नहीं हो।
विज्ञापन
वर्जन----
एससी-एसटी, बीसी वर्ग को रोस्टर का लाभ बहुत पहले मिल जाना चाहिए था लेकिन अब तक नहीं दिया गया जबकि यूजीसी से लेकर एससी-एसटी आयोग तक इसके लिए आदेश जारी कर चुके हैं। रोस्टर लागू करवाकर दम लेंगे। चाहे किसी भी स्तर तक जाना पड़े।
-- हरप्रीत सिंह, अध्यक्ष, एससी-एसटी, बीसी एसोसिएशन
वर्जन---
जब नौकरी के समय आरक्षण का लाभ मिल गया है तो पदोन्नति में देने का सवाल नहीं बनता। पीयू की रूल बुक में रोस्टर का जिक्र नहीं है लेकिन पीयू इसे लागू करने पर तुली हुई है जो नहीं होने दिया जाएगा। हमने अपनी आपत्तियां दायर कर दी हैं।
--- सुरजीत सिंह ठाकुर, चेयरमैन, सामान्य वर्ग एसोसिएशन