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चंडीगढ़ में कोरोना : प्रशासन ने बढ़ाई आरटीपीसीआर जांच की क्षमता, अब नई दिक्कत-लोग नमूने ही नहीं दे रहे 

Sat, 27 Mar 2021 02:28 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sat, 27 Mar 2021 02:28 AM IST
सार

  • चंडीगढ़ में लोग आरटीपीसीआर जांच के लिए नहीं दे रहे सैंपल
  • प्रशासन के सामने खड़ी हुई नई समस्या
  • निजी लैब की मदद से अपनी क्षमता बढ़ा चुका है चंडीगढ़ प्रशासन

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People not giving samples for RT PCR test in chandigarh 
कोरोना वायरस की जांच - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

केंद्र सरकार की फटकार के बाद चंडीगढ़ प्रशासन कोरोना की पहचान के लिए आरटीपीसीआर जांच में तेजी लाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन अब अधिकारियों के सामने एक नई चुनौती है। प्रशासन ने निजी लैब का सहारा लेकर अपनी क्षमता तो बढ़ा ली है, मगर लोग नमूने देने के लिए नहीं आ रहे हैं।
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प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा काफी प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन नमूनों की संख्या कम होने की वजह से वह जांच को बढ़ा नहीं पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीजीआई और जीएमसीएच-32 को आरटीपीसीआर जांच की क्षमता बढ़ाने के लिए कहा गया है।
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इसके अलावा निजी लैब से भी समझौता किया गया है। ये 500 रुपये में प्रति नमूनों की आरटीपीसीआर जांच करेंगे, लेकिन समस्या ये है कि स्वास्थ्य विभाग को नमूने नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार लोगों को नमूने देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है, इसलिए आग्रह किया जा रहा है कि कोरोना की जांच कराएं।
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चंडीगढ़ को बढ़ानी थी आरटीपीसीआर टेस्ट की संख्या

गौरतलब है कि पिछले दिनों यूटी स्वास्थ्य विभाग की ओर से की जा रही जांच पर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा था कि चंडीगढ़ में आरटीपीसीआर टेस्ट कम किए जा रहे हैं। कुल जांच में आरटीपीसीआर टेस्ट का शेयर 40 प्रतिशत है, यह बेहद कम है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में रैपिड एंटीजन टेस्ट ज्यादा किए जा रहे हैं। उन्होंने चंडीगढ़ के स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए थे कि आरटीपीसीआर टेस्ट का शेयर 70 प्रतिशत किया जाए और जांचों की संख्या को निरंतर बढ़ाने की कोशिश की जाए।


नमूने एकत्रित करने के लिए रोजाना पांच जगह जाती है मोबाइल टीम

पिछले कई महीनों से स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल टीम शहर के पांच हिस्सों में जाकर कोरोना की जांच कर रही है। प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के आदेश के बाद ये टीमें रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, सब्जी मंडी, कंटेनमेंट जोन आदि में जाती हैं और नमूने एकत्रित कर रही हैं। हालांकि लोगों द्वारा कुछ खास रूचि नहीं दिखाई जा रही है। लोग अब भी कोरोना जांच कराने से कतरा रहे हैं। हालांकि जांच की संख्या बढ़ाने के लिए प्रशासन ने बीते दिनों ये भी फैसला लिया कि विभिन्न अस्पतालों की ओपीडी में इलाज कराने आने वाले मरीजों की पहले आरटीपीसीआर जांच की जाएगी, इसके बाद उन्हें डॉक्टर देखेंगे।


दिनांक    नमूनों की जांच

26 मार्च      1944

25 मार्च      2018

24 मार्च      2008

23 मार्च      2056

22 मार्च      1840

21 मार्च      2228

20 मार्च      2014
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