फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Round of resignations and party changes begins in Haryana

Chandigarh News: हरियाणा में इस्तीफों और दल बदलने का दौर शुरू

Tue, 09 Apr 2024 02:01 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 09 Apr 2024 02:01 AM IST
विज्ञापन
Round of resignations and party changes begins in Haryana
बिखरने की कगार पर जजपा, प्रदेशाध्यक्ष, राष्ट्रीय महासचिव समेत कई ने छोड़ी पार्टी
विज्ञापन


कल भाजपा में शामिल होंगे भाजपा-जजपा गठबंधन के सूत्रधार मीनू बेनीवाल
बीरेंद्र सिंह और प्रेमलता ने भाजपा से दिया इस्तीफा, आज फिर से कांग्रेस में लौटेंगे

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़/फतेहाबाद/नारनौल। लोकसभा चुनाव नजदीक आते ही हरियाणा में सियासी पारा चढ़ने लगा है। बेरुखी और नाराजगी के चलते पार्टियों से इस्तीफा देने और दल बदलने का दौर शुरू हो गया है। जजपा के प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह समेत कई नेताओं ने सोमवार को अपनी पार्टी को अलविदा बोल दिया। निशान सिंह ने अभी मौखिक तौर पर इस्तीफा दिया है, जबकि लिखित में एक-दो दिन में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला को इस्तीफा सौंपेंगे। उनके कांग्रेस में जाने की अटकलें लग रही हैं।
निशान सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह दो-चार दिनों में समर्थकों से सलाह-मशविरा करके फैसला लेंगे। निशान सिंह के पार्टी छोड़ने के साथ ही फतेहाबाद में कई पदाधिकारियों ने इस्तीफे देने शुरू कर दिए हैं। प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र लेगा, महिला विंग की प्रदेश महासचिव ममता कटारिया, महिला नेत्री रेखा शाक्य ने पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी है। नारनौल नगर परिषद की चेयरपर्सन और जजपा की राष्ट्रीय महासचिव कमलेश सैनी ने भी पार्टी छोड़ दी है। वे किस पार्टी में जाएंगी इसका खुलासा नहीं किया है, हालांकि कमलेश के भाजपा में जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
विज्ञापन

वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह व उनकी पत्नी प्रेमलता ने भी सोमवार को भाजपा छोड़ दी। ये दोनों मंगलवार को दिल्ली में दोबारा से कांग्रेस का दामन थामेंगे। 2019 में भाजपा व जजपा के बीच गठबंधन के सूत्रधार बने मीनू बेनीवाल भी बुधवार को भाजपा में शामिल होंगे। मीनू बेनीवाल बुधवार को सिरसा के कालांवाली में रैली का आयोजन कर रहे हैं। इस रैली में मुख्यमंत्री नायब सैनी और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल बतौर मुख्य अतिथि भाग लेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


----------
नाम के प्रदेशाध्यक्ष थे निशान सिंह

दिसंबर 2018 में जजपा बनने के साथ निशान सिंह को प्रदेशाध्यक्ष की कमान सौंपी गई थी। 2021 और 2023 में जजपा के पूरे संगठन में फेरबदल हुआ, लेकिन निशान सिंह प्रदेशाध्यक्ष पद पर बरकरार रहे। हालांकि, वह केवल नाम के प्रदेशाध्यक्ष थे, क्योंकि संगठन और सरकार के तमाम फैसले दुष्यंत चौटाला ही लेते हैं। सरकार में शामिल होने के बावजूद निशान सिंह अपने कार्यकर्ताओं के काम नहीं करा पाए। निशान सिंह का इस्तीफा दुष्यंत व अजय चौटाला के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। भाजपा के साथ गठबंधन टूटने के बाद जननायक जनता पार्टी लगातार बिखराव की तरफ बढ़ रही है। पिछले कुछ दिनों से निशान सिंह खराब सेहत का हवाला देकर पार्टी की बैठकों से दूरी बनाए हुए थे। निशान सिंह 2000 में टोहाना से विधायक बने थे।
---------
अशोक अरोड़ा ने दिल्ली में कराई थी हुड्डा से मुलाकात

सूत्रों के अनुसार निशान सिंह ने छह अप्रैल को दिल्ली में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मुलाकात की थी। प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र लेगा व फतेहाबाद से पवन चुघ भी निशान सिंह के साथ थे। इस मुलाकात के बाद उनके कांग्रेस में शामिल होने के आसार बढ़ गए हैं। इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष रहे और मौजूदा वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक अरोड़ा के जरिये निशान सिंह को कांग्रेस में लाने की पटकथा लिखी गई है।
--------
लोग जाएंगे-आएंगे, हम घबराने वाले नहीं: दुष्यंत
हिसार। पूर्व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि चुनाव के समय लोग आते-जाते रहते हैं। कुछ लोग छोड़कर जाएंगे तो कुछ लोग आएंगे। मैंने तो तीन महीने पहले ही विधानसभा में कह दिया था कि मौसम आ रहा है लोग जाएंगे। विपरीत हवाओं से हम नहीं घबराते। मेहनत कर पार्टी को अधिक मजबूत करेंगे। मीनू बेनीवाल के पार्टी छोड़ने के सवाल पर दुष्यंत ने कहा कि वह पार्टी के प्राथमिक सदस्य भी नहीं थे। निशान सिंह के लिए कहा कि उन्हें अपने फैसले पर फिर से विचार करना चाहिए। जजपा नेताओं के लगातार हो रहे विरोध पर दुष्यंत ने कहा कि अपनों का ही विरोध किया जाता है। जिसको भी शिकायत है उनसे मिल-बैठ कर बातचीत करेंगे और मनमुटाव दूर करेंगे।

------------
जजपा के दो विधायक जल्द छोड़ेंगे पार्टी

हिसार। हिसार जिले में जजपा के तीन विधायक हैं। इनमें से दो विधायक लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा का दामन थाम सकते हैं। दोनाें विधायक दल-बदल से पहले अपने टिकट को लेकर आश्वासन चाहते हैं। अगर भाजपा से टिकट का पक्का भरोसा नहीं मिला तो ये कांग्रेस में भी जाने को तैयार हैं। हालांकि अभी तक कांग्रेस से भी इन लोगों को टिकट का वादा नहीं मिल रहा। जजपा के पांच बागी विधायक भाजपा सरकार के समर्थन में हैं। भाजपा-जजपा गठबंधन टूटने के बाद भी विधानसभा में सरकार के साथ दिखे थे। हालांकि इन्होंने उसी दिन जजपा की हिसार रैली से दूरी बनाकर पार्टी को संदेश दे दिया था। इससे कांग्रेस की पूर्व मंत्री सावित्री जिंदल भाजपा में आ चुकी हैं। ऐसे में भाजपा को हिसार जिले की विधानसभा सीटों की टिकटों में बदलाव करना पड़ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article