रोहतक सिस्टर्स केस में ड्राइवर, पुलिस को बड़ी राहत
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रोहतक में रोडवेज बस में दो बहनों से कथित छेड़छाड़ के मामले में कंडक्टर, चालक व पुलिस पर कार्रवाई की मांग को लेकर दायर याचिका बुधवार को वापस ले ली गई। हरियाणा सरकार ने जवाब दिया कि पुख्ता कार्रवाई की जा रही है।
इस पर हाईकोर्ट ने कहा, जब पुलिस कार्रवाई जारी है तो अदालत के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। लायर्स फॉर ह्यूमन राइट्स इंटरनेशनल के अध्यक्ष एडवोकेट नवकिरन सिंह ने जनहित याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि लड़कियों को मौकेपर मदद नहीं मिली।
याचिका में कहा गया कि हाईकोर्ट एक मामले में निर्देश दे चुका है कि छेड़छाड़ का मामला सामने आने पर ड्राइवर व कंडक्टर की ओर से लड़कियों की मदद की व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
बहनों ने मदद न करने के लगाए थे आरोप
आरोप था कि रोहतक मामले में ड्राइवर व कंडक्टर ने लड़कियों की कोई मदद नहीं की। बस को नजदीकी पुलिस स्टेशन नहीं ले जाया गया। महिला हेल्पलाइन ने मौके पर काम नहीं किया और न ही महिलाओं के लिए सुरक्षित सीटों की व्यवस्था का ध्यान रखा गया।
यह आरोप भी था कि मामले में एफआईआर भी दो दिन बाद दर्ज की गई। याचिका में इन दलीलों के साथ छेड़छाड़ के आरोपियों, रोडवेज स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई मांग की गई थी। इसके अलावा संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ इस मामले को हल्के में लेने के कारण कार्रवाई की मांग भी की गई थी।
हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से इस मामले में जवाब मंागा था। इसके अलावा हरियाणा व पंजाब सरकार और यूटी प्रशासन से महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाने पर दिशा-निर्देशों की अनुपालना की स्थिति रिपोर्ट तलब की थी।