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Hindi News ›   Chandigarh ›   Roadways Protest over Provisional Time table

प्रोविजनल टाइम टेबल पर हंगामा, निजी और रोडवेज कर्मी भिड़े

Thu, 04 Sep 2014 12:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कैथ्ाल
ब्यूरो/अमर उजाला कैथ्ाल Updated Thu, 04 Sep 2014 12:43 AM IST
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कैथल। प्रोविजनल टाइम टेबल में चलने पर रोडवेज और सहकारी परिवहन समितियों (प्राईवेट) की बसों के कर्मियों के बीच बुधवार को बवाल हो गया। मामला इतना बिगड़ गया कि प्राईवेट बस चालकों-परिचालकों एवं रोडवेज कर्मचारियों के बीच हाथापाई एवं धक्का-मुक्की तक हो गई।
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दरअसल, सहकारी समितियों की बसों के प्रोविजनल टाइम टेबल पर चलने को रोडवेज कर्मियों ने गैरकानूनी बताया और चक्का जाम कर दिया। इस विरोध में रोडवेज कर्मचारियों ने सुबह आठ से दो बजे तक चक्का जाम रखा और जिले में रोडवेज की कोई बस नहीं चली।
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 उधर, बसें न चलने से जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रशासन के हस्तक्षेप से दो बजे कर्मचारियों के साथ हाथापाई के आरोप में केस दर्ज होने के बाद मामला शांत हुआ। वहीं निजी बस संचालक समितियों ने भी वीरवार को हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
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इसलिए हुआ विवा

बुधवार सुबह करीब आठ बजे सहकारी परिवहन समिति खेड़ी लांबा बस चालक ने करीब आठ बजकर दस मिनट पर कैथल-टोहाना रूट पर बस चलाने के लिए स्टैंड पर खड़ी कर दी। रोडवेज कर्मचारियों ने इस पर आपत्ति जताई तथा टाइमटेबल के बारे में पूछा। चालक ने प्रोविजनल टाइम टेबल की जानकारी दी तो कर्मचारियों ने अधिकारियों से पूछकर ऐसे किसी टाइमटेबल के जारी होने की बात से इंकार कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में विवाद हो गया तथा बात धक्का-मुक्की एवं हाथापाई पर जा पहुंची।

 इसके बाद दोनों पक्षों से काफी संख्या में कर्मचारी एवं समिति संचालक एकत्रित हो गए। घटना के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों ने चक्का जाम का ऐलान कर दिया तथा बस अड्डा परिसर में ही धरना शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सहकारी परिवहन समिति संचालकाें ने रोडवेज कर्मचारियों पर हमला किया और धक्काशाही करते हुए सवारियां उठाने का प्रयास किया।

प्राईवेट बसों के परमिट का मामला न्यायालय में विचाराधीन है तथा 11 सितंबर को उसका फैसला आना है। जब तक उसका फैसला नहीं आ जाता, तब तक इन रूटों पर बसों को चलाना अवैध है। न्यायालय के फैसले के बिना वे गैर कानूनी तरीके से बसों को नहीं चलने देंगे।

‘आरटीओ विभाग ने दिया है प्रोविजनल टाइम’
 सहकारी समिति संचालकों का कहना है कि आरटीओ विभाग ने प्रोविजनल टाइम दिया था। जब तक ज्वाइंट टाइम नहीं मिलता, तब तक वे बस अड्डे से मिले हुए रूटों पर बसें चला सकते हैं। लेकिन इस बार रोडवेज कर्मचारियों ने उनकी बसों को चलाने से रोक दिया और उनके साथ दुर्व्यवहार और धक्का-मुक्की की गई।

पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया
इस मामले में आरटीए सुरेश चहल, टीएम कमलजीत सिंह, डीएसपी टेकनराज, सिविल लाइन थाना प्रभारी विक्रमजीत सिंह, रोडवेज नेता पहल सिंह, श्याम लाल, परिवहन समितियों के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह के साथ कई दौर की बातचीत हुई,  जिसमें रोडवेज कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की के आरोप में केस दर्ज करने, न्यायालय के फैसले तक प्रोविजनल टाइम टेबल पर बसें न चलने देने एवं रोडवेज कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज न करने की मांग को मानने के बाद ही रोडवेज कर्मचारियों ने चक्का जाम का ऐलान वापस ले लिया। एसएचओ विक्रमजीत ने बताया कि पुलिस ने रोडवेज कर्मचारियों की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ हाथापाई, सरकारी काम में बाधा पहुंचाने सहित दुर्व्यवहार करने पर केस दर्ज कर लिया है। दोनों पक्षों से शिकायतें आई हैं। दूसरे पक्ष की शिकायत पर जांच की जा रही है।

यह कहना है सहकारी परिवहन समिति संघ का
सहकारी परिवहन समिति संघ का अध्यक्ष वीरेंद्र सांगवान का कहना है कि आरटीए से मिले रूटों पर बस चलाने के लिए उन्हें प्रोविजनल टाइम दिया गया है। इसके बावजूद बसें चलाने से रोकते हुए समिति संचालकों के साथ दुर्व्यवहार एवं हाथापाई की गई है। इस कारण कैथल खंड की बसों को सेक्टर 18 में खड़ा कर दिया गया है। यदि वीरवार तक कोई फैसला नहीं हुआ तो पूरे जिले की ढांड, पूंडरी, राजौंद, गुहला-चीका, कलायत जाने वाली बसों को रोक दिया जाएगा।

बस अड्डे से नहीं चलने देंगे : रोडवेज संघ
रोडवेज कर्मचारी महासंघ के प्रधान सूरजभान, पहल सिंह, ऑडिटर श्याम लाल ने कहा कि बिना टाइम टेबल के वे प्राइवेट बसों को बस अड्डे से नहीं चलने देंगे। 11 सिंतबर को अदालत का फैसला आना है। फैसले के बाद जो टाइम टेबल अधिकारी बनाएंगे, वे उसका समर्थन करेंगे।

दोनों पक्षों की बात सुनी : आरटीओ
प्रोविजनल टाइम टेबल जारी करने वाले आरटीओ सुरेश कुमार चहल ने कहा कि उन्होंने समिति संचालकों को प्रोविजन टाइम देते हुए यह बात कही थी कि वे रोडवेज विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों से अनुरोध करके बसें चला सकते हैं। यदि रोडवेज ऐसा करने से रोकता है तो जबरदस्ती न करें। अब दोनों पक्षों की बात सुनी है। प्राईवेट समिति सदस्यों को 11 सितंबर तक फैसला आने के बाद ही बसें को चलाने की बात कही है।


दो गुटों के मामले में जनता पिसी
प्राईवेट बस चालकाें व रोडवेज कर्मचारियों के विवाद को लेकर जनता को भारी परेशनियाें को सामना करना पड़ा। सुबह से ही यात्री अपने-अपने स्थानों पर पहुंचने के लिए यहां वहां भटकते रहे। हिसार निवासी गुड्डी, कुरुक्षेत्र निवासी विशाल, सोनीपत निवासी अशोक कुमार, ढांड निवासी कमल ने बताया कि हड़ताल के कारण उन्हें भारी दिक्कतों का समाना करना पड़ रहा है जीप चालक ने ढांड के 50 रुपये मांगे।  स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी भी रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए नजर आए।
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