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रोडवेज की दो दिन हड़ताल से तीस लाख का नुकसान
अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 09 Sep 2014 12:17 AM IST
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कुरुक्षेत्र। प्रदेश सरकार की ओर से मांगों को मानने के आश्वासन के बाद रोडवेज कर्मचारियों ने सोमवार को हड़ताल समाप्त कर दी। इससे यात्रियों को काफी राहत मिली।
दो दिन तक रहे रोडवेज बसों के चक्का जाम से निगम को करीब तीस लाख का नुकसान हुआ है। आश्वासन के बाद जैसे ही कर्मियों ने हड़ताली तोड़ी और वर्कशॉप में खड़ी बसें सड़कों पर दिखाई दी।
उल्लेखनीय है कि 3519 निजी परमिट रद्द करने की मांग पर तालमेल कमेटी के आह्वान पर हरियाणा रोडवेज के कर्मचारी पिछले दो दिन से हड़ताल पर थे। कर्मियों ने न सिर्फ बसों का चक्का जाम रखा, बल्कि नए बस अड्डे पर गेट मीटिंग कर लगातार नारेबाजी भी कर रहे थे।
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इस दौरान कर्मचारियों ने निजी परमिट रद्द करने की मांग की। यूनियन के सदस्यों को उम्मीद है कि अब सरकार चुनाव से पहले उनकी मांग को प्रमुखता से स्वीकार करेगी। प्रदर्शनकारियों ने हड़ताल वापिस लेने से पहले चेताया कि यदि अब भी सरकार ने आश्वासन पूरा नहीं किया, तो फिर आंदोलन तेज कर दिया जाएगा और उससे लोगों को होने वाली परेशानी का उत्तरदायित्व सरकार पर ही होगा। काबिलेगौर है कि हड़ताल के दौरान निजी वाहन चालकों ने जमकर चांदी कूटी थी और उन्होंने सवारियों से मनमाना किराया वसूला, जबकि निजी बसों में खूब भीड़ रही।
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दो दिन तक रहे रोडवेज बसों के चक्का जाम से निगम को करीब तीस लाख का नुकसान हुआ है। आश्वासन के बाद जैसे ही कर्मियों ने हड़ताली तोड़ी और वर्कशॉप में खड़ी बसें सड़कों पर दिखाई दी।
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उल्लेखनीय है कि 3519 निजी परमिट रद्द करने की मांग पर तालमेल कमेटी के आह्वान पर हरियाणा रोडवेज के कर्मचारी पिछले दो दिन से हड़ताल पर थे। कर्मियों ने न सिर्फ बसों का चक्का जाम रखा, बल्कि नए बस अड्डे पर गेट मीटिंग कर लगातार नारेबाजी भी कर रहे थे।
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इस दौरान कर्मचारियों ने निजी परमिट रद्द करने की मांग की। यूनियन के सदस्यों को उम्मीद है कि अब सरकार चुनाव से पहले उनकी मांग को प्रमुखता से स्वीकार करेगी। प्रदर्शनकारियों ने हड़ताल वापिस लेने से पहले चेताया कि यदि अब भी सरकार ने आश्वासन पूरा नहीं किया, तो फिर आंदोलन तेज कर दिया जाएगा और उससे लोगों को होने वाली परेशानी का उत्तरदायित्व सरकार पर ही होगा। काबिलेगौर है कि हड़ताल के दौरान निजी वाहन चालकों ने जमकर चांदी कूटी थी और उन्होंने सवारियों से मनमाना किराया वसूला, जबकि निजी बसों में खूब भीड़ रही।