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Chandigarh News: 3658 प्राइवेट बस परमिट देने के खिलाफ सड़कों पर उतरे रोडवेज कर्मचारी
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निजीकरण के खिलाफ प्रदेशभर के सभी डिपो में धरने प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार की ओर से 3658 प्राइवेट बस परमिट देने के खिलाफ रोडवेज कर्मचारी सड़कों पर उतर आए हैं। मंगलवार को प्रदेशभर के सभी डिपो में कर्मचारियों ने इसका विरोध किया। साथ ही बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के आह्वान पर कर्मचारियों की ओर से निजीकरण के खिलाफ व मानी गई मांगों को लागू न करने पर जमकर नारेबाजी की।
हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के वरिष्ठ नेता नरेंद्र दिनोद, सुमेर सिवाच, ओमप्रकाश ग्रेवाल ने कहा कि सरकार प्राइवेट बसों को परमिट देने पर क्यों अड़ी है। सांझा मोर्चा के नेताओं ने सरकार से मांग की अगर सरकार की नीयत जनता व बेरोजगारों के प्रति सही है तो 3658 रूट परमिट देने का निर्णय रद्द कर विभाग में 10 हजार सरकारी बसें शामिल की जाए। इससे बेहतर व सुरक्षित परिवहन सेवा मिलने के साथ-साथ 60 हजार बेरोजगारों को स्थायी रोजगार मिल सकेगा। कर्मचारी नेता जयबीर घणघस, आजाद गिल, जगदीप लाठर, वीरेंद्र सिगरोहा अशोक खोखर, दिनेश हुड्डा, अशोक खोकर, जयभगवान कादियान, संजीव कुमार, मायाराम उनियाल, अमित महराना, हरिकृष्ण व नीरज शर्मा ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार निजीकरण पॉलिसी अगर वापस नही लेती हैं, तो 14 जुलाई को पूरे प्रदेश के सभी डिपो व सब डिपो के हजारों कर्मचारियों की ओर से अम्बाला शहर में परिवहन मंत्री के आवास का घेराव करके आगामी बड़े आंदोलन की घोषणा करने को मजबूर होंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार की ओर से 3658 प्राइवेट बस परमिट देने के खिलाफ रोडवेज कर्मचारी सड़कों पर उतर आए हैं। मंगलवार को प्रदेशभर के सभी डिपो में कर्मचारियों ने इसका विरोध किया। साथ ही बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के आह्वान पर कर्मचारियों की ओर से निजीकरण के खिलाफ व मानी गई मांगों को लागू न करने पर जमकर नारेबाजी की।
हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के वरिष्ठ नेता नरेंद्र दिनोद, सुमेर सिवाच, ओमप्रकाश ग्रेवाल ने कहा कि सरकार प्राइवेट बसों को परमिट देने पर क्यों अड़ी है। सांझा मोर्चा के नेताओं ने सरकार से मांग की अगर सरकार की नीयत जनता व बेरोजगारों के प्रति सही है तो 3658 रूट परमिट देने का निर्णय रद्द कर विभाग में 10 हजार सरकारी बसें शामिल की जाए। इससे बेहतर व सुरक्षित परिवहन सेवा मिलने के साथ-साथ 60 हजार बेरोजगारों को स्थायी रोजगार मिल सकेगा। कर्मचारी नेता जयबीर घणघस, आजाद गिल, जगदीप लाठर, वीरेंद्र सिगरोहा अशोक खोखर, दिनेश हुड्डा, अशोक खोकर, जयभगवान कादियान, संजीव कुमार, मायाराम उनियाल, अमित महराना, हरिकृष्ण व नीरज शर्मा ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार निजीकरण पॉलिसी अगर वापस नही लेती हैं, तो 14 जुलाई को पूरे प्रदेश के सभी डिपो व सब डिपो के हजारों कर्मचारियों की ओर से अम्बाला शहर में परिवहन मंत्री के आवास का घेराव करके आगामी बड़े आंदोलन की घोषणा करने को मजबूर होंगे।
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