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भ्रष्टाचार का एक रुप: चंडीगढ़ में कहीं दो तो कहीं चार महीने में टूट रही सड़क, बनने के बाद ही लगने लगे पैचवर्क
Sat, 13 Jan 2024 05:50 PM IST
निवेदिता वर्मा
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 13 Jan 2024 05:50 PM IST
सार
सिटी ब्यूटीफुल चंडीगढ़ को चौड़ी और साफ सुथरी सड़कों के लिए भी देशभर में जाना जाता है लेकिन अब यही सड़कें शहर की खूबसूरती पर दाग लगाने लगे हैं। गांव-कालोनियों की सड़कों की हालत पिछले काफी समय से खराब हैं। जो सड़कें बन रही हैं, उनकी गुणवत्ता को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं।
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टूटी सड़क
- फोटो : फाइल
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विस्तार
चंडीगढ़ में सड़कों के नाम पर काफी गड़बड़ी हो रही है। कोई सड़क बनने के दो महीने में टूट रही है तो कोई चार महीने में। सड़क बनाने में खराब सामग्री के इस्तेमाल की अधिकारियों के पास शिकायत भी जाती है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही। अकाली दल के पार्षद ने मंगलवार को हुई सड़क की बैठक में उनके एरिया में करीब दो महीने पहले बनी सड़क को लेकर कई सवाल उठाए। आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने भी माना कि मामला गंभीर लग रहा है।
मंगलवार को हुई सदन की बैठक में पार्षद हरदीप सिंह ने सड़कों का मुद्दा उठाया और अधिकारियों से पूछा कि उनके इलाके में बनी सड़क एक-दो महीने में कैसे टूट सकती है। अधिकारियों ने जांच करने की बात कही तो उन्होंने पूछा कि सड़क रात के अंधेरे में बनाई गई थी। इसकी जानकारी उन्होंने सभी अधिकारियों को दी थी फिर निर्माण क्यों नहीं रुका। अब दो महीने में ही सड़क कई जगह से टूट गई है। अपनी गलतियों को छुपाने के लिए नगर निगम दो महीने पहले बनी सड़क पर पैच वर्क लगा रहा है।
इस पर निगम के एससी बीएंडआर ने कहा कि वह सड़क की जांच करेंगे कि ऐसा क्यों हुआ। इस पर आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने कहा कि मामला गंभीर है। इसकी अच्छे से जांच की जानी चाहिए और अगर ठेकेदार की गलती है तो उस पर जुर्माना लगाया जाना चाहिए। सेक्टर-22डी की स्लिप रोड के टूटने के मामले पर प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने कहा कि जल्दी सड़क के टूटने के कारणों की जांच के लिए संबंधित एक्सइन को आदेश दिए हैं। लोगों को परेशानी न आए, इसलिए सड़क को तुरंत ठीक कराया जाएगा।
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सड़क 1 - सेक्टर-41
एरिया पार्षद हरदीप सिंह ने बताया कि सेक्टर-41 स्थित शिवालिक स्कूल के पास की सड़क करीब दो महीने में ही टूट चुकी है और कई जगह पैचवर्क का काम करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि सड़क रात में बनाई जा रही थी। उन्होंने इसको लेकर विरोध जताया था और नगर निगम के कई बड़े अधिकारियों को इसकी जानकारी दी थी लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उसका नतीजा यह हुआ है कि दो महीने में ही सड़क कई जगह से टूट चुकी है। हैरानी की बात है कि जिस ठेकेदार ने सड़क बनाई, सड़क टूटने के बाद पैच वर्क का ठेकेदार की जगह नगर निगम की तरफ से किया जा रहा है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि ठेकेदार को बचाने के लिए निगम किस हद तक जा सकते हैं। हरदीप ने सदन में भी यह बात उठाई, जिसका अधिकारियों के पास भी जवाब नहीं था।
सड़क 2 - सेक्टर-22
एरिया पार्षद और नेता प्रतिपक्ष दमनप्रीत सिंह ने बताया कि सेक्टर-22डी स्थित मार्केट की स्लिप रोड (किसान भवन के दूसरी तरफ) को करीब तीन महीने पहले ही बनाई गई है लेकिन अभी से ही वह कई जगह से टूट चुकी है। हालत यह है कि सड़क की निचली परत भी नजर आने लगी है। ऐसा सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि कई जगह से हुआ है। दमनप्रीत सिंह ने कहा कि सड़क को बनाने में काफी घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ है। इस पर प्रशासन को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और ठेकेदार पर जुर्माना लगाया जाना चाहिए। कोई भी सड़क सिर्फ तीन-चार महीने में कैसे टूट सकती है। जरूरत कोई बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है।
सड़क 3 - सेक्टर-44डी
एरिया पार्षद जसमनप्रीत सिंह ने बताया कि सेक्टर-44डी मार्केट की सड़क नगर निगम चुनाव से ठीक पहले बनी थी। सड़क बनने के बाद से सड़क कई बार टूट चुकी है। उन्होंने बताया कि दो साल में वह खुद पांच बार सड़क पर पैच वर्क का काम करा चुके हैं। ये काफी गंभीर है क्योंकि अच्छी गुणवत्ता की सड़क इतनी जल्दी नहीं टूट सकती। जसमनप्रीत सिंह ने सदन में भी इस मुद्दे को उठाया।
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मंगलवार को हुई सदन की बैठक में पार्षद हरदीप सिंह ने सड़कों का मुद्दा उठाया और अधिकारियों से पूछा कि उनके इलाके में बनी सड़क एक-दो महीने में कैसे टूट सकती है। अधिकारियों ने जांच करने की बात कही तो उन्होंने पूछा कि सड़क रात के अंधेरे में बनाई गई थी। इसकी जानकारी उन्होंने सभी अधिकारियों को दी थी फिर निर्माण क्यों नहीं रुका। अब दो महीने में ही सड़क कई जगह से टूट गई है। अपनी गलतियों को छुपाने के लिए नगर निगम दो महीने पहले बनी सड़क पर पैच वर्क लगा रहा है।
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इस पर निगम के एससी बीएंडआर ने कहा कि वह सड़क की जांच करेंगे कि ऐसा क्यों हुआ। इस पर आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने कहा कि मामला गंभीर है। इसकी अच्छे से जांच की जानी चाहिए और अगर ठेकेदार की गलती है तो उस पर जुर्माना लगाया जाना चाहिए। सेक्टर-22डी की स्लिप रोड के टूटने के मामले पर प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने कहा कि जल्दी सड़क के टूटने के कारणों की जांच के लिए संबंधित एक्सइन को आदेश दिए हैं। लोगों को परेशानी न आए, इसलिए सड़क को तुरंत ठीक कराया जाएगा।
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सड़क 1 - सेक्टर-41
एरिया पार्षद हरदीप सिंह ने बताया कि सेक्टर-41 स्थित शिवालिक स्कूल के पास की सड़क करीब दो महीने में ही टूट चुकी है और कई जगह पैचवर्क का काम करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि सड़क रात में बनाई जा रही थी। उन्होंने इसको लेकर विरोध जताया था और नगर निगम के कई बड़े अधिकारियों को इसकी जानकारी दी थी लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उसका नतीजा यह हुआ है कि दो महीने में ही सड़क कई जगह से टूट चुकी है। हैरानी की बात है कि जिस ठेकेदार ने सड़क बनाई, सड़क टूटने के बाद पैच वर्क का ठेकेदार की जगह नगर निगम की तरफ से किया जा रहा है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि ठेकेदार को बचाने के लिए निगम किस हद तक जा सकते हैं। हरदीप ने सदन में भी यह बात उठाई, जिसका अधिकारियों के पास भी जवाब नहीं था।
सड़क 2 - सेक्टर-22
एरिया पार्षद और नेता प्रतिपक्ष दमनप्रीत सिंह ने बताया कि सेक्टर-22डी स्थित मार्केट की स्लिप रोड (किसान भवन के दूसरी तरफ) को करीब तीन महीने पहले ही बनाई गई है लेकिन अभी से ही वह कई जगह से टूट चुकी है। हालत यह है कि सड़क की निचली परत भी नजर आने लगी है। ऐसा सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि कई जगह से हुआ है। दमनप्रीत सिंह ने कहा कि सड़क को बनाने में काफी घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ है। इस पर प्रशासन को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और ठेकेदार पर जुर्माना लगाया जाना चाहिए। कोई भी सड़क सिर्फ तीन-चार महीने में कैसे टूट सकती है। जरूरत कोई बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है।
सड़क 3 - सेक्टर-44डी
एरिया पार्षद जसमनप्रीत सिंह ने बताया कि सेक्टर-44डी मार्केट की सड़क नगर निगम चुनाव से ठीक पहले बनी थी। सड़क बनने के बाद से सड़क कई बार टूट चुकी है। उन्होंने बताया कि दो साल में वह खुद पांच बार सड़क पर पैच वर्क का काम करा चुके हैं। ये काफी गंभीर है क्योंकि अच्छी गुणवत्ता की सड़क इतनी जल्दी नहीं टूट सकती। जसमनप्रीत सिंह ने सदन में भी इस मुद्दे को उठाया।