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पहलः चंडीगढ़ में स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल होगा ‘रोड सेफ्टी’, तैयार किया जा रहा सिलेबस
Thu, 30 Jan 2020 12:41 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jan 2020 12:41 PM IST
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बैठक लेते यूटी एडवाइजर मनोज परिदा
- फोटो : अमर उजाला
यूटी प्रशासन शहर के स्कूलों के पाठ्यक्रम में रोड सेफ्टी शिक्षा को शामिल करने की तैयारी कर रहा है। यूटी सचिवालय में स्टेट लेवल रोड सेफ्टी काउंसिल की बैठक के दौरान ट्रैफिक एसएसपी शशांक आनंद ने बुधवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि एससीईआरटी, ट्रैफिक पुलिस और अराइव सेफ संस्था मिलकर इसके लिए सिलेबस तैयार कर रहे हैं। इसे स्कूलों में लागू किया जाएगा। बच्चों को पहली कक्षा से ही सड़क सड़क सुरक्षा संबंधी जानकारी दी जाएगी ताकि आने वाले समय में सड़क सड़क हादसों में कमी लाई जा सके।
एडवाइजर मनोज परिदा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सड़क सुरक्षा के उपायों के बारे में चर्चा की गई। बैठक की शुरुआत में एसएसपी ट्रैफिक शशांक आनंद ने शहर में हादसों की स्थिति, साइकिल पर चलने वाले और पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में बताया। साथ ही किस तरह ट्रैफिक पुलिस ने चंडीगढ़ के डार्क स्पॉट्स को खत्म किया है, उसके बारे में जानकारी दी।
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उन्होंने यह भी बताया कि शहर में छह एलईडी डिस्प्ले लगाए गए हैं, जो रियल टाइम स्पीड की जानकारी देते हैं। इस स्पीड डिस्प्ले बोर्ड को लगाने का मकसद यह है कि ड्राइवर खुद अपनी स्पीड को देखें और किसी भी तरह के होने वाले हादसे से बच सकें।
बैठक में एडवाइजर मनोज परिदा के अलावा गृह सचिव अरुण कुमार गुप्ता, वित्त सचिव अजॉय कुमार सिन्हा, डीसी मनदीप सिंह बराड़, नगर निगम के कमिश्नर केके यादव, सीटीयू के डायरेक्टर उमाशंकर गुप्ता, चीफ आर्किटेक्ट कपिल सेतिया समेत अन्य उपस्थित रहे।
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उन्होंने कहा कि एससीईआरटी, ट्रैफिक पुलिस और अराइव सेफ संस्था मिलकर इसके लिए सिलेबस तैयार कर रहे हैं। इसे स्कूलों में लागू किया जाएगा। बच्चों को पहली कक्षा से ही सड़क सड़क सुरक्षा संबंधी जानकारी दी जाएगी ताकि आने वाले समय में सड़क सड़क हादसों में कमी लाई जा सके।
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एडवाइजर मनोज परिदा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सड़क सुरक्षा के उपायों के बारे में चर्चा की गई। बैठक की शुरुआत में एसएसपी ट्रैफिक शशांक आनंद ने शहर में हादसों की स्थिति, साइकिल पर चलने वाले और पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में बताया। साथ ही किस तरह ट्रैफिक पुलिस ने चंडीगढ़ के डार्क स्पॉट्स को खत्म किया है, उसके बारे में जानकारी दी।
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उन्होंने यह भी बताया कि शहर में छह एलईडी डिस्प्ले लगाए गए हैं, जो रियल टाइम स्पीड की जानकारी देते हैं। इस स्पीड डिस्प्ले बोर्ड को लगाने का मकसद यह है कि ड्राइवर खुद अपनी स्पीड को देखें और किसी भी तरह के होने वाले हादसे से बच सकें।
बैठक में एडवाइजर मनोज परिदा के अलावा गृह सचिव अरुण कुमार गुप्ता, वित्त सचिव अजॉय कुमार सिन्हा, डीसी मनदीप सिंह बराड़, नगर निगम के कमिश्नर केके यादव, सीटीयू के डायरेक्टर उमाशंकर गुप्ता, चीफ आर्किटेक्ट कपिल सेतिया समेत अन्य उपस्थित रहे।
विभिन्न प्रोजेक्ट्स की एडवाइजर ने की समीक्षा
एडवाइजर मनोज परिदा ने विभिन्न प्रोजेक्ट्स की समीक्षा भी की। इनमें सेक्टर-5 के पार्किंग क्षेत्र और सुखना झील के बीच पैलिकन लाइट्स की स्थापना, सभी डिवाइडर पर लोहे की ग्रिल की स्थापना, राउंडअबाउट पर ब्लिंकर, ट्रैफिक लाइट पर टाइमिंग लाइट्स की स्थापना, एंबुलेंस में डैशबोर्ड कैमरे, शहर की सभी प्रमुख सड़कों पर लेन मार्किंग आदि पर चल रहे कामों को लेकर जानकारी ली।
लाइसेंस बनवाने से पहले अनिवार्य होगी रोड सेफ्टी मैन्युअल बुक
करीब एक साल की रिसर्च के बाद तैयार किए गए इस रोड सेफ्टी मैन्युअल बुक में यातायात नियमों की जानकारी के साथ हाईवे पर गाड़ी चलाते वक्त कौन-सी सावधानियां बरतनी चाहिए, इसकी भी जानकारी दी गई है। 200 पन्नों की किताब को चंडीगढ़ के पैटर्न पर डिजाइन किया गया है। इस किताब की कीमत करीब 150 रुपये होगी। इसे हर नए लाइसेंस बनवाने वाले और लाइसेंस रिन्यू करवाने वाले व्यक्ति को खरीदना आवश्यक होगा।
रोड सेफ्टी मैन्युअल बुक को सभी स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी में भी भेजा जाएगा ताकि विद्यार्थियों को इसके बारे में जानकारी दी जा सके। बुक का मकसद स्कूल लेवल से ही बच्चों को यातायातनियमों का पाठ पढ़ाना है ताकि वह बचपन से ही ट्रैफिक नियमों को लेकर गंभीर रहें। प्राइमरी कक्षा के बच्चों को बुक में मौजूद ग्राफिक्स और चित्रों की मदद से पढ़ाया जाएगा।
लाइसेंस बनवाने से पहले अनिवार्य होगी रोड सेफ्टी मैन्युअल बुक
करीब एक साल की रिसर्च के बाद तैयार किए गए इस रोड सेफ्टी मैन्युअल बुक में यातायात नियमों की जानकारी के साथ हाईवे पर गाड़ी चलाते वक्त कौन-सी सावधानियां बरतनी चाहिए, इसकी भी जानकारी दी गई है। 200 पन्नों की किताब को चंडीगढ़ के पैटर्न पर डिजाइन किया गया है। इस किताब की कीमत करीब 150 रुपये होगी। इसे हर नए लाइसेंस बनवाने वाले और लाइसेंस रिन्यू करवाने वाले व्यक्ति को खरीदना आवश्यक होगा।
रोड सेफ्टी मैन्युअल बुक को सभी स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी में भी भेजा जाएगा ताकि विद्यार्थियों को इसके बारे में जानकारी दी जा सके। बुक का मकसद स्कूल लेवल से ही बच्चों को यातायातनियमों का पाठ पढ़ाना है ताकि वह बचपन से ही ट्रैफिक नियमों को लेकर गंभीर रहें। प्राइमरी कक्षा के बच्चों को बुक में मौजूद ग्राफिक्स और चित्रों की मदद से पढ़ाया जाएगा।