फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   road safety, separate traffic wing in haryana with extra staff

रोड सेफ्टी: हरियाणा के हर जिले में अब पुलिस से अलग होगी ट्रैफिक विंग और स्टाफ भी अतिरिक्त

Thu, 11 Jul 2019 10:14 AM IST
खुशबू गोयल मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 11 Jul 2019 10:14 AM IST
विज्ञापन
road safety, separate traffic wing in haryana with extra staff
सांकेतिक तस्वीर
हरियाणा में रोड सेफ्टी को और मजबूत बनाने के लिए अब हर जिले में पुलिस से अलग एक ट्रैफिक विंग बनाया जाएगा। इसके लिए अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती भी होगी और ये विंग पुलिस महानिदेशक की निगरानी में अपनी अलग व्यवस्था के साथ काम करेगी। अभी जिलों में ट्रैफिक कंट्रोल से लेकर वाहनों के चालान इत्यादि की जिम्मेवारी ट्रैफिक पुलिस केसाथ-साथ जिला पुलिस भी संभालती है।
विज्ञापन


जिला पुलिस का काफी स्टाफ इस काम में लगता है। मगर अब जिलों में ट्रैफिक विंग को पूरी तरह से अलग करने की तैयारी की जा रही है। जिला पुलिस का स्टाफ केवल अपने-अपने इलाकों में लॉ एंड आर्डर की स्थिति कायम रखने और क्राइम कंट्रोल के काम में ही लगेगा।
विज्ञापन


दिसंबर 2014 में पंजाब एंव हरियाणा हाईकोर्ट ने इस संदर्भ में आदेश भी दिए थे। जिसके बाद जनवरी 2015 में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में गृह विभाग के अधिकारी, वित्त विभाग के प्रधान सचिव, अर्बन लोकल बॉडी विभाग व ट्रांसपोर्ट विभाग के अफसरों, डीजीपी हरियाणा, एडीजीपी, आईजीपी, डीआईजी ट्रैफिक ने इस बारे में मंथन किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


लेकिन उसके बाद ये प्रक्रिया ठंडे बस्ते में चली गई। लेकिन अब चूंकि रोड सेफ्टी के मुद्दे पर हरियाणा सरकार पूरी तरह से गंभीर है, इसलिए हरियाणा पुलिस अब इस एक्सरसाइज को आगे बढ़ाते हुए हर जिले में ट्रैफिक विंग को अलग से बनाएगी और इसके लिए अलग स्टाफ की भी व्यवस्था करेगी। अलग ट्रैफिक विंग बनने के बाद प्रदेश में रोड सेफ्टी के अभियान को पुलिस प्रशासन की तरफ से और प्रभावशाली बनाया जा सकेगा।

उधर, सड़क हादसों के मामले में पिछले चारमाही की रिपोर्ट देखें तो प्रदेश में 3672 सड़क हादसे हुए, जबकि वर्ष 2018 में इसी चारमाही में हादसों की संख्या 3964 थी। इस वर्ष पिछली चारमाही के सड़क हादसों में 1671 लोगों की जानें गई, जबकि पिछली वर्ष 1791 लोग सड़क हादसे में मारे गए थे। अब सरकार इन्ही आंकड़ों को और सुधारना चाहती है और जिलों में ट्रैफिक विंग को अलग कर उन्हे सिर्फऔर सिर्फ रोड सेफ्टी के काम  पर लगाना इन्ही प्रयासों का हिस्सा है।

इतने स्टाफ की रहेगी जरूरत
-जिलों में ट्रैफिक विंग को पूरी तरह अलग करने के बाद करीब 2135 कर्मचारियों की जरूरत बताई गई है। जिसमें 3 एसपी, 23 डीएसपी, 56 इंस्पेक्टर, 148 सब इंस्पेक्टर, 386 एएसआई, 516 हेड कांस्टेबल और 1003 कांस्टेबल शामिल है। इस स्टाफ और इस व्यवस्था के लिए करीबन 71.36 करोड़ से अधिक फंड की आवश्यकता रहेगी।

गुरुग्राम और फरीदाबाद में तो ट्रैफिक विंग को अलग करके रोड सेफ्टी पर काम लिया जा रहा है। मगर अभी जिलों ट्रैफिक विंग जिला पुलिस के साथ ही अटैच है। रोड सेफ्टी को और ज्यादा प्रभावशाली  बनाने के लिए अब जिलों में भी ट्रैफिक विंग अलग की जाएगी।
- मनोज यादव, डीजीपी, हरियाणा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed