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पंजाब में इन दवाओं की बिक्री पर लगी पाबंदी, 15 दिनों में वापस करना होगा स्टॉक
Fri, 02 Aug 2019 12:29 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 02 Aug 2019 12:29 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
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पंजाब में रिटेल व थोक लाइसेंस धारकों के ट्रामाडोल और टैपेंटाडोल दवाओं के भंडारण, वितरण और बिक्री पर पाबंदी लगा दी गई है। सरकार के नोटिफिकेशन जारी करने के बाद फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन डायरेक्टोरेट ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं।
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एफडीए कमिश्नर केएस पन्नू ने बताया कि ये दोनों टेबलेट सिर्फ मान्यता प्राप्त विक्रेताओं के पास उपलब्ध होंगी। जो सरकारी या निजी अस्पतालों के अंदर या बाहर मेडिकल स्टोर चला रहे हैं। ताकि न इनकी उपलब्धता पर असर पड़े और न ही इनका दुरुपयोग हो सके।
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लाइसेंस धारक एक समय में अधिकतम पांच सौ गोलियां रखने की शर्त के साथ जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी को आवेदन दे सकते हैं। कंपनियों के स्टॉकिस्ट को एक समय में अधिकतम 5000 गोलियां रखने की इजाजत स्टेट लाइसेंसिंग अथॉरिटी से लेनी होगी। सीएंडएफ एजेंट आज्ञा लेने के बाद 50000 गोलियां रख सकेंगे। बाकी आम केमिस्टों पर ट्रामाडोल और टैपेंटाडोल की बिक्री पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी।
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उनके पास इन दवाओं का जो भी स्टॉक है, उसे 15 दिन में स्टॉकिस्ट को वापस कर इलाके के ड्रग इंस्पेक्टरों को सूचित करना होगा। इसके साथ ही केमिस्टों के लिए डेक्स्ट्रोप्रोपॉक्सिफीन, डाईपेनोजाइलेट, कोडीन, पेंटाजोसिन, बुपरिनॉर्फिन, निट्राजीपाम रखने की भी मनाही है।
पन्नू ने कहा कि सभी स्टॉकिस्ट को कहा गया है कि वह दवाओं की खरीद, बिक्री और भंडारण का रिकॉर्ड संबंधित ड्रग इंस्पेक्टर के पास जमा करवाएं। जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी को हिदायत दी गई है कि इन आदेशों को लागू करवाने के लिए तुरंत मीटिंग करें।