फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Resident doctors on indefinite strike, chaos in GMCH-32

रेजिडेंट डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, जीएमसीएच-32 में व्यवस्था धड़ाम

Tue, 07 Dec 2021 02:18 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 07 Dec 2021 02:18 AM IST
विज्ञापन
Resident doctors on indefinite strike, chaos in GMCH-32
चंडीगढ़। नीट पीजी काउंसलिंग-2021 की प्रक्रिया में लगातार होती देरी के कारण चल रहे देशव्यापी प्रदर्शन का असर सोमवार को चंडीगढ़ में भी नजर आया। जीएमसीएच- 32 के रेजीडेंट डॉक्टर सोमवार को अनिश्चतकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इससे अस्पताल की व्यवस्था धड़ाम हो गई। इमरजेंसी के रेजीडेंट डॉक्टरों के हड़ताल में शामिल न होने से कुछ गनीमत थी। लेकिन अन्य यूनिटों व ओपीडी में उनके काम बंद करने से मरीजों के साथ ही अस्पताल प्रशासन को परेशानी झेलनी पड़ी। सीनियर रेजीडेंटों को डबल शिफ्ट में काम करना पड़ा। ओपीडी से वार्ड तक के मरीज उनके जिम्मे थे। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुधीर गर्ग का कहना है कि अगर रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त नहीं हुई तो स्थिति संभालने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ेगी, क्योंकि जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर अस्पताल संचालन में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
विज्ञापन

बॉक्स
25 अक्तूबर को शुरू होनी थी काउंसलिंग
नीट पीजी काउसलिंग 25 अक्टूबर 2021 से शुरू होनी थी, लेकिन कुछ छात्र नीट में शुरू हुई दो आरक्षित श्रेणियों-27 फीसदी ओबीसी-नॉन क्रीमी लेयर और 10 फीसदी गैर आरक्षित वर्गों के लिए शुरू हुई ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर) के इस वर्ष लागू होने के खिलाफ उच्चतम न्यायालय चले गए थे। न्यायालय ने इस मामले का हल न निकलने तक काउंसलिंग पर रोक लगा दी। आर्थिक आधार पर कमजोर वर्गों के मापदंड पर पुनर्विचार करने हेतु केंद्र सरकार द्वारा चार सप्ताह का समय मांगा गया है। यह मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है और इस मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी 2022 को होनी है।
विज्ञापन

बॉक्स
कोविड के कारण पहले से है काम का दबाव
रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि कोविड-19 महामारी के कारण पहले से ही उन पर काम का बहुत अधिक बोझ है। इसके बाद पीजी मेडिसिन के लिए हुई नीट काउंसलिंग-2021 में देरी की वजह से उन्हें प्रथम वर्ष का भी काम करना पड़ रहा है, क्योंकि प्रवेश की प्रक्रिया ही बाधित है। डॉक्टरों ने हड़ताल के माध्यम से अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि द्वितीय और तृतीय वर्ष को पूरा कर चुके रेजीडेंट डॉक्टरों का तनाव लगातार बढ़ रहा है, जो पूरी तरह अनुचित है। इसलिए काउंसलिंग को जल्द से जल्द शुरू करते हुए पीजी मेडिसिन पाठ्यक्रम की प्रवेश प्रक्रिया को पूरा किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed