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Chandigarh News: ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र पर यूपीएससी उम्मीदवार को राहत
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चंडीगढ़। सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) की चंडीगढ़ बेंच ने संघ लोक सेवा आयोग को हरियाणा के एक युवक को ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में सिविल सेवा परीक्षा के होने वाले आगे के चरणों में भाग लेने की अनुमति देने के निर्देश दिए हैं। प्रतीक बंसल ने कैट में याचिका दायर कर बताया कि आयोग ने उन्हें इस आधार पर ईडब्ल्यूएस श्रेणी से अनारक्षित श्रेणी में स्थानांतरित कर दिया कि एक नायब तहसीलदार आय प्रमाणपत्र जारी करने के लिए सक्षम प्राधिकारी नहीं है। कैट ने प्रतिवादियों (यूपीएससी) को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई एक फरवरी तय की है।
पीड़ित के वकील हरीश चंद्र ने कैट में तर्क दिया कि हरियाणा सरकार की ओर से 13 जुलाई, 2022 को जारी अधिसूचना के अनुसार नायब तहसीलदारों और तहसीलदारों को आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए आय और संपत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए डेजिगनेटेड अधिकारी बनाया गया है। वकील ने कहा कि अंतरिम राहत के तौर पर उत्तरदाताओं को आवेदक को ईडब्ल्यूएस उम्मीदवार के रूप में सिविल सेवा परीक्षा प्रक्रिया के सभी चरणों में भाग लेने की अनुमति देने के निर्देश जारी किए जाएं। आवेदक के वकील ने इसी तरह के एक मामले में प्रधान पीठ की ओर से पारित आदेश पर भरोसा किया। दलीलें सुनने के बाद, बेंच ने उत्तरदाताओं को निर्देश दिया कि वे आवेदक को ईडब्ल्यूएस उम्मीदवार के रूप में परीक्षा प्रक्रिया के आगे के चरणों में भाग लेने की अनुमति दें। हालांकि, बेंच ने कहा कि आवेदक का परिणाम ट्रिब्यूनल की पूर्व अनुमति के बिना सार्वजनिक डोमेन में नहीं रखा जाएगा।
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पीड़ित के वकील हरीश चंद्र ने कैट में तर्क दिया कि हरियाणा सरकार की ओर से 13 जुलाई, 2022 को जारी अधिसूचना के अनुसार नायब तहसीलदारों और तहसीलदारों को आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए आय और संपत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए डेजिगनेटेड अधिकारी बनाया गया है। वकील ने कहा कि अंतरिम राहत के तौर पर उत्तरदाताओं को आवेदक को ईडब्ल्यूएस उम्मीदवार के रूप में सिविल सेवा परीक्षा प्रक्रिया के सभी चरणों में भाग लेने की अनुमति देने के निर्देश जारी किए जाएं। आवेदक के वकील ने इसी तरह के एक मामले में प्रधान पीठ की ओर से पारित आदेश पर भरोसा किया। दलीलें सुनने के बाद, बेंच ने उत्तरदाताओं को निर्देश दिया कि वे आवेदक को ईडब्ल्यूएस उम्मीदवार के रूप में परीक्षा प्रक्रिया के आगे के चरणों में भाग लेने की अनुमति दें। हालांकि, बेंच ने कहा कि आवेदक का परिणाम ट्रिब्यूनल की पूर्व अनुमति के बिना सार्वजनिक डोमेन में नहीं रखा जाएगा।
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