फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Reasons of BJP Defeation in Chandigarh Mayor Election

चंडीगढ़ मेयर चुनाव में भाजपा की हार के 6 कारण

Wed, 07 Jan 2015 04:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 07 Jan 2015 04:38 PM IST
विज्ञापन
Reasons of BJP Defeation in Chandigarh Mayor Election

मेयर चुनाव में माइंड गेम के जरिए आखिरकार कांग्रेस ने सफलता हासिल कर ली। तीन सीटों पर हुए चुनाव में मेयर और डिप्टी मेयर के पद पर कब्जा कर कांग्रेसियों ने साबित कर दिखाया कि शहर की राजनीति में अब भी उनकी कितनी पकड़ है।

विज्ञापन


एक तरफ कांग्रेस के नौ पार्षद और दूसरी तरफ भाजपा के 14 लोगों नेताओं की टीम। संख्या की अधिकता से भाजपा के हौसले बुलंद थे, लेकिन गुटबाजी भी उतनी ही चरम पर थी।
विज्ञापन


वहीं, कांग्रेस बड़ी ही खामोशी से अपनी रणनीति को साकार करने में जुटी थी। सदन में संख्या बेशक कम थी, लेकिन ऐसी एकजुटता और रणनीति बनाई कि जीतकर ही दम लिया। मंगलवार को मेयर चुनाव में आपसी गुटबाजी और क्रॉस वोटिंग के कारण ही भाजपा को हार का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन


मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर तीनों पदों के चुनाव में भाजपा की तरफ से क्रॉस वोटिंग की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, सीनियर डिप्टी मेयर पद जीतकर भाजपा ने किसी तरह अपनी लाज बचा ली।

भाजपा की हार के लिए ये रही मुख्य वजहें

Reasons of BJP Defeation in Chandigarh Mayor Election

- उम्मीदवार तय करने के लिए किरण खेर ने सीक्रेट वोटिंग करवाई। उसी दिन से भाजपा में गुटबाजी नजर आने लगी थी, जिसका कांग्रेस ने बखूबी फायदा उठाया।
- पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन ने डिनर डिप्लोमेसी का जो तरीका अपनाया, वह भी हार की वजहों में से एक था। मनोनीत पार्षदों ने इसमें शामिल नहीं होकर तस्वीर साफ कर दी और आखिरकार डिनर ही रद्द करना पड़ा। भाजपा के लिए बिगड़े इस माहौल को कांग्रेस ने समय रहते भांप लिया।
- सभी बड़े नेता एक साथ नहीं चले। पूर्व सांसद सत्यपाल जैन केवल देवेश मोदगिल को डिप्टी मेयर बनाने के लिए ही लॉबिंग करते रहे।
- मेयर उम्मीदवार तय होते ही सांसद किरण खेर दुबई चली गईं और चुनाव से दो दिन पहले लौटीं। इस एक हफ्ते में यदि वह मेयर उम्मीदवार के लिए प्रयास करतीं तो नतीजा कुछ और हो सकता था।
- बसपा पार्षद जन्नत जहां ने हरमोहन धवन पर धमकाने का आरोप लगाया था। चुनाव से ठीक पहले भी यह मुद्दा गर्माया रहा। इसे भी हार के कारणों में एक माना जा रहा है।
- यह जानते हुए कि मनोनीत पार्षद आशा जसवाल के हक में हैं, फिर भी पार्टी ने हीरा नेगी को उम्मीदवार बनाया। अधिकतर मनोनीत पार्षद हीरा नेगी को वोट देने के मूड में नहीं थे।

पहले ही टेस्ट में किरण खेर फेल

Reasons of BJP Defeation in Chandigarh Mayor Election

सांसद बनने के बाद मेयर चुनाव किरण खेर के लिए पहला टेस्ट था, लेकिन वह इस मौके को भुना नहीं सकी। यह जीत उनके लिए प्रतिष्ठा का सवाल था, क्योंकि हीरा नेगी को किरण खेर ने अपनी पसंद से उम्मीदवार बनाया था। उन्हें उम्मीदवार बनाने के लिए उन्होंने पार्टी की कोर कमेटी की प्रक्रिया को भी ताक पर रख दिया था। इसके बावजूद वह नेगी को नहीं जिता सकीं।

भाजपाइयों ने एक-दूसरे पर फोड़ा हार का ठीकरा
मेयर चुनाव में मुंह की खाने के बाद भाजपा के नेता अब एक-दूसरे पर आरोप लगाने लगे हैं। सूत्रों का कहना है कि चुनाव के नतीजे आते ही किरण खेर ने अपना गुस्सा पार्षदों पर उतारना शुरू कर दिया। उन्होंने आशा जसवाल को भी खरी-खोटी सुनाई। साथ ही टंडन गुट के पार्षदों पर भी गुस्सा उतारा।

हमें हार-जीत से कभी मायूस नहीं होना चाहिए। इस हार से हमें सबक लेने की जरूरत है।
- हीरा नेगी, भाजपा की मेयर उम्मीदवार
हमलोगों की जितनी सदन में संख्या थी, हमें उससे कम वोट मिले। हम इस हार की समीक्षा करेंगे।
- संजय टंडन, प्रदेश अध्यक्ष
हमारे लिए दुख की बात है। हमारे पास पार्षदों की संख्या अधिक थी, जबकि कांग्रेस के पास 9 ही पार्षद थे। यदि क्रॉस वोटिंग हुई है तो इसकी जांच जरूर की जाएगी।
- किरण खेर, सांसद

धवन की धमकी ले डूबी भाजपा को

Reasons of BJP Defeation in Chandigarh Mayor Election

पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन की धमकी ने कांग्रेस की जीत की राह को और आसान कर दिया। बहुजन समाज पार्टी की पार्षद जन्नत जहां ने वोटिंग से चंद घंटे पहले धवन पर वोट डालने के लिए धमकाने और गालियां देने का आरोप लगाया था। साथ ही चुनाव से पहले ही ऐलान कर दिया कि वह कांग्रेस को ही वोट देंगी।

उनकी पार्टी के पार्षद नरेश कुमार ने भी कहा कि वह भी कांग्रेस को ही वोट करेंगे। इस पर सांसद किरण खेर ने आपत्ति जताई कि यह गोपनीयता के खिलाफ है। खेर ने जन्नत जहां का वोट इनवैलिड करने की मांग की, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। वोटिंग शुरू होने से पहले जन्नत जहां ने धवन पर आरोप लगाते हुए मुद्दे को हाउस में तूल दिया और भाजपा नेताओं पर भड़ास निकाली।

उन्होंने सांसद किरण खेर और विपक्ष के नेता अरुण सूद को भी खरी-खरी सुनाई। जन्नत ने कहा कि एक रात पहले धवन ने उनके पति को फोन कर धमकाया और गालियां भी दीं। यदि उन्हें वोट का इतना ही लालच था तो अपनी पत्नी को नगर निगम चुनाव जिता देते। धवन की पत्नी सतिंदर धवन पिछले नगर निगम चुनाव में हार गई थीं।

भाजपा की जीत महज 2 वोट से दूर रह गई

Reasons of BJP Defeation in Chandigarh Mayor Election

मेयर चुनाव में भाजपा की जीत महज 2 वोट से दूर रह गई। कांग्रेस के लिए ये दो वोट ही निर्णायक साबित हुए। मेयर चुनाव में कांग्रेस को 17 वोट मिले। इनमें से दो वोट पर भाजपा ने आपत्ति जताई। इनमें बैलेट पेपर पर पूनम शर्मा के नाम पर मुहर लगाई गई जबकि लगानी सामने बने खाली बॉक्स पर थी।

भाजपा की आपत्ति पर फैसला कुछ देर के लिए टाल दिया गया। कुछ देर विचार-विमर्श के बाद पीठासीन अधिकारी बाबू लाल ने दोनों वोट वैलिड करार दे दिए। भाजपा पार्षद अरुण सूद ने कहा कि दो साल पहले मेयर चुनाव में भी ऐसी ही स्थिति बन गई थी लेकिन तब पीठासीन अधिकारी ने वोट इनवैलिड करार दिए थे। इन्हीं दो वोट से बाजी पलट गई।

हम अपनी हार स्वीकार करते हैं। हमारे पास 14 वोट थे फिर भी हम उसे जीत में नहीं बदल सके। हमारे लिए कांग्रेस की ओर से जो दुष्प्रचार हुआ वह भारी पड़ गया।
अरुण सूद, नेता विपक्ष

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed