भाजपा के रविकांत शर्मा बने चंडीगढ़ के नए मेयर, महेश इंदर सिंह को मिली सीनियर डिप्टी मेयर की कुर्सी
चंडीगढ़ नगर निगम में एक बार फिर कमल खिला है। शुक्रवार को हुए मेयर चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रविकांत शर्मा अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के देवेंद्र सिंह बबला को हराकर शहर के नए मेयर चुने गए। रविकांत शर्मा को कुल 17 वोट मिले जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार देवेंद्र सिंह बबला को पांच वोट मिले।
सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर चुनाव का कांग्रेस ने बहिष्कार कर दिया। भाजपा के महेश इंदर सिंह सिद्धू 19 वोट पाकर सीनियर डिप्टी मेयर जबकि भाजपा की ही फर्मिला देवी 19 वोटों के साथ डिप्टी मेयर चुनी गईं। चुनाव में जीत के बाद पार्टी पदाधिकारियों ने विजयी उम्मीदवारों को बधाई दी।
उम्मीद के अनुसार चुनाव की शुरुआत से बवाल शुरू हो गया। कांग्रेस पार्षदों ने किसी भी व्यक्ति की चेकिंग न करने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यहां अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है। सभी पार्षद मोबाइल लेकर अंदर जा रहे हैं। एक-एक कर सारे पार्षद अंदर पहुंच गए। वोटिंग हाल में जैसे चुनाव अधिकारी अजय दत्ता, डीसी मंदीप सिंह बराड़ और सेक्रेटरी अनिल गर्ग पहुंचे, कांग्रेस पार्षदों ने इसकी शिकायत की।
सेक्रेटरी की अपील पर भाजपा पार्षदों ने अपने-अपने मोबाइल एक ट्रे में सामने रख दिया। मेयर के लिए मतदान के बाद जब परिणाम सामने आया तो कांग्रेस पार्षदों ने नियमों के उल्लंघन की बात कहकर सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर चुनाव का बहिष्कार कर दिया और सदन के बाहर चले गए। इस दौरान भाजपा की ओर से प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के सह प्रभारी संजय टंडन मौजूद रहे। वहीं कांग्रेस की ओर से प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुभाष चावला मौजूद रहे।
हीरा नेगी की बिगड़ी तबीयत नहीं आ सकीं वोट डालने
भाजपा सांसद किरन खेर को लेकर सभी को पता था कि वह वोट डालने नहीं आएंगी लेकिन कोरोना संक्रमित पार्षद हीरा नेगी को लेकर भाजपा पार्षद आश्वस्त थे कि वह वोट डालने आएंगी। इस कारण कुछ कर्मचारियों को पीपीई किट पहनाकर तैयार रखा गया था। मतदान के अंतिम चरण में चुनाव अधिकारी ने भाजपा पार्षदों से पूछा कि हीरा नेगी आएंगी अथवा नहीं। बाद में बताया गया कि उनकी स्थिति ठीक नहीं है। उन्हें ऑक्सीजन लगाया गया है इसलिए वह नहीं आ सकेंगी।
वोट डालने में ज्यादा समय लेने पर भी कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस के पार्षद 30 सेकंड में वोट डालकर बाहर आ जा रहे थे, लेकिन भाजपा के पार्षदों को अपने वोट को सही साबित करने के लिए सबूत लाना था, इसलिए उन्हें दो मिनट लग रहे थे। पार्षदों ने कहा कि इस बार योजना के तहत सभी भाजपा पार्षद महिलाओं को एक ही रंग के लंबे कोट पहनाए गए थे। यह लोकतंत्र की हत्या है।
आंदोलन में मरे किसानों को श्रद्धांजलि देने पर भी हुई बहस
चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले अकाली दल के पार्षद हरदीप सिंह ने अपील की कि किसान आंदोलन में अपनी जान गंवाने वाले किसानों के लिए सदन दो मिनट का मौन रखे। इस पर भाजपा पार्षदों ने कहा कि यह प्रक्रिया सदन की बैठक में होती है। चुनाव में इस प्रकार का कोई नियम नहीं है। इस दौरान भाजपा पार्षद गुरप्रीत ढिल्लों व कांग्रेस के पार्षदों ने हरदीप सिंह का समर्थन करते हुए मृत किसानों के लिए मौन रखा। शेष पार्षद अपने स्थान पर ही बैठकर चर्चा करते रहे।
काला कपड़ा पहनकर सदन पहुंचे हरदीप सिंह
अकाली दल के पार्षद हरदीप सिंह काला कपड़ा पहनकर नगर निगम पहुंचे थे। जैसे ही उनका वोट डालने का नंबर आया, उन्होंने सेक्रेटरी को पत्र देकर कहा कि वह किसान आंदोलन के समर्थन में हैं। किसानों की मांगें पूरी न कर भाजपा की केंद्र सरकार गलत कर रही है। आंदोलन के समर्थन में वह चुनाव का बहिष्कार कर रहे हैं और वोट नहीं डालेंगे। उसके बाद वह बाहर निकल गए।
राजबाला मलिक ने हाथ पकड़कर रविकांत शर्मा को कुर्सी पर बैठाया
नगर निगम में पिछले पूरे साल कुर्सी पर बैठने को लेकर बहस चली थी। पार्टी में आंतरिक मतभेदों के कारण कई लोगों ने यहां तक कह दिया था कि राजबाला मलिक सीनियर डिप्टी मेयर को कुर्सी पर नहीं बैठने देना चाहती हैं। शुक्रवार को जैसे ही रविकांत शर्मा की जीत घोषित हुई तो राजबाला मलिक ने उनका हाथ पकड़कर खुद नए मेयर को कुर्सी पर बैठाया।
- 10.30 बजे अधिकारियों ने चुनाव की तैयारियां परखीं।
- 10.36 बजे कांग्रेसियों ने व्यवस्था को लेकर किया हंगामा।
- 10.40 बजे कांग्रेस के पदाधिकारी व पार्षद निगम पहुंचे।
- 11.04 बजे कांग्रेस ने वोटिंग हाल में हंगामा किया।
- 11.26 बजे मतदान शुरू हुआ।
- 11.53 बजे मतों की गिनती शुरू हुई।
- 11.57 बजे भाजपा के मेयर प्रत्याशी रविकांत शर्मा विजयी घोषित।
- 12.00 बजे कांग्रेस ने सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव का किया बहिष्कार।
- 12.15 बजे सीनियर डिप्टी मेयर के लिए मतदान शुरू।
- 12.33 बजे सीनियर डिप्टी मेयर का परिणाम घोषित।
- 12.40 बजे डिप्टी मेयर के लिए मतदान शुरू।
- 12.48 बजे डिप्टी मेयर का परिणाम घोषित।
यह है जीत का आंकड़ा
- कुल मत- 27
- पार्षद- 26
- सांसद-1
- भाजपा- 20
- कांग्रेस- 05
- अकाली दल - 01
- जीत के लिए जरूरी - 14 मत
इन्हें मिले इतने मत
- मेयर पद
- रविकांत शर्मा (भाजपा)- 17
- देवेंद्र सिंह बबला (कांग्रेस)- 05
सीनियर डिप्टी मेयर पद
- महेश इंदर सिंह सिद्धू (भाजपा)- 19
- रविंदर कौर गुजराल (कांग्रेस)- चुनाव बहिष्कार
डिप्टी मेयर पद
- फर्मिला (भाजपा)- 19
- सतीश कैंथ (कांग्रेस)- चुनाव बहिष्कार
सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर नाम के पद
वैसे तो निगम में मेयर के बाद सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के दो पद होते हैं लेकिन यह महज नाम के ही पद होते हैं। हालांकि सीनियर डिप्टी मेयर को 20 लाख और डिप्टी मेयर को 10 लाख रुपये का फंड अलग से मिलता है। जिसे किसी भी क्षेत्र में लगाया जा सकता है। इन दोनों पदों का भी कार्यकाल एक साल का होता है। सीनियर डिप्टी और डिप्टी मेयर के पास कोई अधिकार नहीं होते हैं। निगम में उनका एक दफ्तर होता है। हालांकि सदन में कई बार सीनियर डिप्टी और डिप्टी मेयर के लिए सरकारी गाड़ी की मांग की जा चुकी है लेकिन प्रशासन ने यह मांग सिरे से खारिज कर दी।