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दिन में वकालत, रात में मंच संचालन
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 26 Sep 2014 03:31 PM IST
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दिन में वकालत, रात में मंच संचालन...। जी हां कुछ ऐसी ही दिनचर्या है फेज-1 में अंकुश क्लब द्वारा आयोजित रामलीला के मंच संचालक एडवोकेट संजीव शर्मा की है। वह 24 साल से रामलीला में मंच का संचालन करते आ रहे हैं।
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इतना ही नहीं यदि कोई कलाकार किसी कारण वश रामलीला में न पहुंच पाए तो उस किरदार की भूमिका भी मंच पर अदा करते हैं। रावण की भूमिका उनकी यादगार भूमिकाओं में से एक है।
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उन्होंने बताया कि मंच संचालन आसान नहीं है। दर्शकों को अपनी आवाज से जोड़े रखने के लिए उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ती है। इसके अलावा रामलीला व उसके हर पात्रों की भूमिका को भी माइंड में रखना पड़ता है।
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उन्होंने बताया कि मंच संचालन के बल पर उन्हें छोटे पर्दे पर भी आने का मौका मिला। वे कई नेशनल न्यूज चैनलों पर एकरिंग की है।
संजीव बताते हैं कि रामलीला से उन्हें कई चीजे सीखने को मिलती हैं। उन्होंने बताया कि उनकी सारे कलाकार रामलीला खत्म होने के बाद ही खाना खाते है।