Ranjit Singh Murder Case: सजा सुनते ही लटक गया राम रहीम का चेहरा, बीमारी का भी दिया हवाला
राम रहीम ने सफेद कुर्ता-पाजामा पहन रखा था। सिर पर सफेद टोपी पहनी थी, जिसका अगला हिस्सा लाल था। सीबीआई कोर्ट का फैसला आने से पहले राम रहीम और उनके वकील ने एक बार फिर अदालत में अपने डेरे की ओर से चलाए जा रहे सामाजिक कार्यों की दुहाई देकर सजा में रियायत देने का आग्रह किया। राम रहीम ने जज के सामने अपनी बीमारी का हवाला भी दिया।
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रणजीत सिंह हत्याकांड में आने वाले फैसले के लिए पुलिस सोमवार सुबह साढ़े 11 बजे इस मामले में दोषी ठहराए जा चुके जसबीर, अवतार, कृष्ण लाल और सबदिल को लेकर सीबीआई कोर्ट पहुंची। राम रहीम रोहतक जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़ा। दोनों पक्षों के अलावा रणजीत सिंह के बेटे जगसीर की तरफ से वकील आरएस बैंस के पहुंचने के बाद दोपहर 12 बजे सुनवाई शुरू हुई जो लंच तक चली।
दोपहर 1.20 बजे लंच ब्रेक हुआ। दोपहर तीन बजे अदालत की कार्रवाई दोबारा शुरू हुई और 4.20 बजे तक चली। सीबीआई के जज सुशील गर्ग अपने चैंबर में गए और 5 मिनट बाद लौटकर दोषियों को सजा सुनाई। सजा सुनते ही राम रहीम और बाकी चारों दोषियों के चेहरे लटक गए।
साढ़े 4 बजे सजा सुनाए जाने के बाद एक घंटे तक चारों दोषियों को कोर्ट के अंदर ही रखा गया। जहां कागजी औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद सभी दोषियों को कड़ी सुरक्षा में मेडिकल करवाने के लिए सेक्टर-6 स्थित सामान्य अस्पताल ले जाया गया। जहां से हरियाणा पुलिस ने अंबाला जेल पहुंचा।
आईटीबीपी और पुलिस की सुरक्षा रही पुख्ता
सीबीआई की विशेष अदालत के बाहर हरियाणा पुलिस, आईटीबीपी के जवान भारी संख्या में तैनात रहे। शहर में सुरक्षा के मद्देनजर करीब 700 जवानों को तैनात किया गया था। इसके अलावा बज्र वाहन भी तैनात किया गया था। सोमवार को बॉर्डर से लेकर शहर के अंदर पुलिस ने नाके लगाकर वाहनों की गहनता से जांच की।
मामले की संवेदनशीलता को देखकर खुफिया तंत्र भी पूरी तरह से सक्रिय रहा। पुलिस उपायुक्त मोहित हांडा के अनुसार जिले में धारा-144 लागू कर किसी भी स्थान पर पांच से अधिक लोगों के एक साथ एकत्रित होने पर पाबंदी लगी थी। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी कोर्ट का दौर कर पल-पल की जानकारी लेते रहे।
वर्ष 2017 में हिंसा से सबक लेकर पंचकूला की सीमाओं सें शहर के सभी नाकों पर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की गई थी। शहर के अंदर 17 नाके लगाए गए थे। शाम को जैसे ही कोर्ट ने पांचों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई इसके बाद पुलिस के जवानों और अधिकारियों ने राहत की सांस ली।