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राम रहीम पहुंचा हाईकोर्ट: लोकसभा चुनाव से पहले रंजिशन कार्रवाई की जताई आशंका, पंजाब सरकार-सीबीआई को नोटिस
Wed, 10 Apr 2024 11:54 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 10 Apr 2024 11:54 AM IST
सार
डेरा सिरसा मुखी पर बठिंडा के दयालपुर और मोगा के समालसर में बेअदबी मामले में केस दर्ज है। इन्हीं दोनों मामलों की सीबीआई से जांच करवाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है।
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राम रहीम
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विस्तार
लोकसभा चुनाव से ठीक पहले रंजिशन कार्रवाई की आशंका जताते हुए राम रहीम ने बेअदबी मामले में बठिंडा के दयालपुर और मोगा के समालसर में दर्ज दोनों एफआईआर की सीबीआई से जांच कराने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार व सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया गया कि फरवरी 2024 को इन दोनों मामलों में आरोपी प्रदीप क्लेर को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसके बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराए गए थे। इसी आधार पर अब पंजाब सरकार याची के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट मांग सकती है। याची ने बताया कि बेअदबी को लेकर कुल 5 एफआईआर दर्ज की गई थीं। याची ने कहा कि पंजाब सरकार राजनीतिक रंजिश के तहत 2022 के विधानसभा के चुनाव से ठीक पहले फरीदकोट में दर्ज तीन एफआईआर में ऐसा कर चुकी है।
फरीदकोट की तीनों एफआईआर में बीते माह हाईकोर्ट जांच पर रोक लगा चुका है और सीबीआई जांच की मांग को बड़ी बेंच को रेफर कर चुका है। अब लोकसभा चुनाव से पहले भी उनके खिलाफ बाकी बची दो एफआईआर में प्रोडक्शन वारंट का खेल खेल सकती है। बठिंडा और मोगा की इन दोनों एफआईआर में याची के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
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हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद याचिका पर पंजाब सरकार व सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही कोर्ट ने अपने आदेश में यह स्पष्ट कर दिया कि यदि इन दो मामलों में याची के खिलाफ पंजाब सरकार को कोई भी कार्रवाई करनी है तो उससे पहले उन्हें 7 दिन का एडवांस नोटिस दिया जाए।
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याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया गया कि फरवरी 2024 को इन दोनों मामलों में आरोपी प्रदीप क्लेर को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसके बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराए गए थे। इसी आधार पर अब पंजाब सरकार याची के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट मांग सकती है। याची ने बताया कि बेअदबी को लेकर कुल 5 एफआईआर दर्ज की गई थीं। याची ने कहा कि पंजाब सरकार राजनीतिक रंजिश के तहत 2022 के विधानसभा के चुनाव से ठीक पहले फरीदकोट में दर्ज तीन एफआईआर में ऐसा कर चुकी है।
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फरीदकोट की तीनों एफआईआर में बीते माह हाईकोर्ट जांच पर रोक लगा चुका है और सीबीआई जांच की मांग को बड़ी बेंच को रेफर कर चुका है। अब लोकसभा चुनाव से पहले भी उनके खिलाफ बाकी बची दो एफआईआर में प्रोडक्शन वारंट का खेल खेल सकती है। बठिंडा और मोगा की इन दोनों एफआईआर में याची के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
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हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद याचिका पर पंजाब सरकार व सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही कोर्ट ने अपने आदेश में यह स्पष्ट कर दिया कि यदि इन दो मामलों में याची के खिलाफ पंजाब सरकार को कोई भी कार्रवाई करनी है तो उससे पहले उन्हें 7 दिन का एडवांस नोटिस दिया जाए।