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स्वच्छ सर्वेक्षण 2023: सिटीजन फीडबैक के तरीके पर सवाल, फॉर्म भरने के लिए स्क्रीनशॉट भेज दिए जा रहे निर्देश
Sat, 29 Jul 2023 01:23 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 29 Jul 2023 01:23 PM IST
सार
लोगों का कहना है कि इस पैंतरे से हो सकता है कि शहर की स्वच्छता रैंकिंग सुधर जाए लेकिन ये एक तरह का धोखा है। पार्षद तरुणा मेहता ने कहा कि निगम को वार्ड व सेक्टर अनुसार जागरुकता कार्यक्रम चलाना चाहिए। मार्केट आदि में बैनर-होर्डिंग लगाए जाने चाहिए। इससे लोग खुद फीडबैक देने के लिए आगे आएंगे और फीडबैक भी सही मिलेगा।
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स्वच्छ सर्वेक्षण 2023
- फोटो : https://vfcity-prod.sbmurban.org/
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विस्तार
स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 में सिटीजन फीडबैक के तरीके पर चंडीगढ़ में सवाल उठ रहे हैं। स्कूलों की तरफ से बच्चों और अभिभावकों को स्क्रीनशॉट भेजकर और वीडियो के माध्यम से पहले सात कॉलम में यस...यस और आठवें-नौवें में वेरी सेटिस्फाई करने के आदेश दिए जा रहे हैं। जो खुद नहीं कर पा रहे, उन्हें पीटीएम के बहाने स्कूल में बुलाकर अध्यापक खुद फॉर्म भर रहे हैं। सरकारी और विभागों के अनुबंध के कर्मियों को भी फीडबैक देने के लक्ष्य तय किए गए हैं।
स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए फीडबैक देने का काम सिर्फ स्कूल और प्रशासन व निगम के विभागों में ही नहीं बल्कि शहर के अस्पतालों के कर्मचारियों को भी दिया गया है। अस्पतालों के नर्सिंग स्टाफ से लेकर सिक्योरिटी गार्ड तक से फॉर्म भरवाए गए हैं। बाकायदा इस काम के लिए एक कर्मी की ड्यूटी लगाई गई है। अनुबंध पर काम कर रहे कुछ कर्मचारियों को 25-25 सिटीजन फीडबैक दिलाने के बाद स्क्रीनशॉट अधिकारी को भेजने की ड्यूटी भी दी गई है।
यह भी पढ़ें: अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो: बेटे की चाह में दरिंदा बना पिता, मासूम पर ढाए ऐसे जुल्म...जान ही देनी पड़ी
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सभी को बताया गया है कि अच्छा-अच्छा फीडबैक ही देना है। कर्मियों को स्क्रीनशॉट भी भेजे गए हैं। स्कूलों के ग्रुप में तो एक वीडियो सर्कुलेट हो रही है, जिसमें पूरी प्रक्रिया को दिखाया गया है और किस कॉलम में किस पर क्लिक करना है ये भी बताया गया है। लोगों का कहना है कि इस पैंतरे से हो सकता है कि शहर की स्वच्छता रैंकिंग सुधर जाए लेकिन ये एक तरह का धोखा है। पार्षद तरुणा मेहता ने कहा कि निगम को वार्ड व सेक्टर अनुसार जागरुकता कार्यक्रम चलाना चाहिए। मार्केट आदि में बैनर-होर्डिंग लगाए जाने चाहिए। इससे लोग खुद फीडबैक देने के लिए आगे आएंगे और फीडबैक भी सही मिलेगा।
फील्ड असेसमेंट के लिए जल्द टीम भी पहुंचेगी चंडीगढ़
24 मई 2022 से सर्वेक्षण 2023 की शुरुआत हुई थी। पहले चरण में स्वच्छता के विभिन्न मापदंडों पर नागरिकों से टेलीफोन पर बातचीत की गई। चार तिमाहियों में आयोजित होने वाले इस मूल्यांकन की पहली तीन तिमाही पूरी हो चुकी हैं और चौथे तिमाही की शुरुआत एक जुलाई से कर दी गई है। ये सबसे अहम होगा, क्योंकि फील्ड असेसमेंट के लिए केंद्र की टीम शहर पहुंचेगी और 46 संकेतकों में शहरों के कार्य प्रदर्शन का अध्ययन करेंगे। इसके बाद अक्टूबर के पहले हफ्ते में रैंकिंग की घोषणा की जाएगी।
इन चीजों में चंडीगढ़ को होगा फायदा
केंद्र ने इस बार सर्वेक्षण में घर-घर से लिए गए कचरे को अलग-अलग करने, जीरो अपशिष्ट कार्यक्रम, दिव्यांग-अनुकूल शौचालय, बेहतर प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन और बैकलेन स्वच्छता से संबंधित मानदंडों पर ध्यान केंद्रित किया हैं। उनके अंक बढ़ाए गए हैं। सफाई मित्र सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। निगम ने इन सभी पर कार्य किया है। गांव-कालोनियों के अंदरूनी इलाकों को छोड़ कर बाकी जगहों से कचरा अलग-अलग लिया जा रहा है। बैकलेन की सफाई के लिए कंपनी नियुक्त की गई है। जीरो अपशिष्ट के लिए आरआरआर केंद्र, वेस्ट टू वंडर पार्क समेत कई कार्यक्रम भी चलाए गए हैं। इन सभी में चंडीगढ़ को अच्छे नंबर मिलने की उम्मीद है।
अब तक ऐसा रहा है चंडीगढ़ का प्रदर्शन
वर्ष रैंकिंग
2017 11
2018 03
2019 20
2020 16
2021 66
2022 12
(10 लाख के ऊपर की आबादी में)
आप ऐसे दे सकते हैं फीडबैक
सिटीजन फीडबैक देने के लिए वेबसाइट https://vfcity-prod.sbmurban.org/ पर जाएं। मोबाइल नंबर एंटर करें। भाषा और शहर का चुनाव करें। इसके बाद सवालों का जवाब दे सकते हैं। फीडबैक के लिए इन सवालों का देना होता है जवाब
1. क्या आपके घर से हर दिन कचरा इकट्ठा किया जाता है?
2. क्या आप अपने घर में कचरे को अलग-अलग करते हैं (गीला और सूखा)?
3. नाले या ड्रेन्स दृश्यमान (विजिबल) रूप से साफ हैं?
4. क्या आप अपने शहर में आरआरआर केंद्र के बारे में जागरूक हैं?
5. क्या आपने हाल ही में सार्वजनिक शौचालय का उपयोग किया है?
6. क्या शौचालय स्वच्छ और अच्छी तरह से रखे गए हैं?
7. क्या आपको पता है कि आप मैप पर सार्वजनिक शौचालय को खोज सकते हैं?
8. आप अपने आस-पड़ोस की साफ-सफाई को कितना रेट करेंगे?
9. आप अपने समग्र स्वच्छता को कितना रेट करेंगे?
स्कूलों को निर्देश जारी किए गए हैं कि स्वच्छ सर्वेक्षण के प्रति बच्चों और अभिभावकों को जागरूक किया जाए। ओटीपी आधारिक सिटीजन फीडबैक की व्यवस्था है। ऐसे में किसी को फॉर्म भरने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। - हरसुहिंदरपाल सिंह बराड़, निदेशक, शिक्षा विभाग
सर्वेक्षण के लिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिए कई तरह से अभियान चलाए जा रहे हैं। शहर को अव्वल बनाने में सभी लोगों को साथ देना चाहिए। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि वो फीडबैक दें। - अनूप गुप्ता, मेयर
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स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए फीडबैक देने का काम सिर्फ स्कूल और प्रशासन व निगम के विभागों में ही नहीं बल्कि शहर के अस्पतालों के कर्मचारियों को भी दिया गया है। अस्पतालों के नर्सिंग स्टाफ से लेकर सिक्योरिटी गार्ड तक से फॉर्म भरवाए गए हैं। बाकायदा इस काम के लिए एक कर्मी की ड्यूटी लगाई गई है। अनुबंध पर काम कर रहे कुछ कर्मचारियों को 25-25 सिटीजन फीडबैक दिलाने के बाद स्क्रीनशॉट अधिकारी को भेजने की ड्यूटी भी दी गई है।
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यह भी पढ़ें: अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो: बेटे की चाह में दरिंदा बना पिता, मासूम पर ढाए ऐसे जुल्म...जान ही देनी पड़ी
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सभी को बताया गया है कि अच्छा-अच्छा फीडबैक ही देना है। कर्मियों को स्क्रीनशॉट भी भेजे गए हैं। स्कूलों के ग्रुप में तो एक वीडियो सर्कुलेट हो रही है, जिसमें पूरी प्रक्रिया को दिखाया गया है और किस कॉलम में किस पर क्लिक करना है ये भी बताया गया है। लोगों का कहना है कि इस पैंतरे से हो सकता है कि शहर की स्वच्छता रैंकिंग सुधर जाए लेकिन ये एक तरह का धोखा है। पार्षद तरुणा मेहता ने कहा कि निगम को वार्ड व सेक्टर अनुसार जागरुकता कार्यक्रम चलाना चाहिए। मार्केट आदि में बैनर-होर्डिंग लगाए जाने चाहिए। इससे लोग खुद फीडबैक देने के लिए आगे आएंगे और फीडबैक भी सही मिलेगा।
फील्ड असेसमेंट के लिए जल्द टीम भी पहुंचेगी चंडीगढ़
24 मई 2022 से सर्वेक्षण 2023 की शुरुआत हुई थी। पहले चरण में स्वच्छता के विभिन्न मापदंडों पर नागरिकों से टेलीफोन पर बातचीत की गई। चार तिमाहियों में आयोजित होने वाले इस मूल्यांकन की पहली तीन तिमाही पूरी हो चुकी हैं और चौथे तिमाही की शुरुआत एक जुलाई से कर दी गई है। ये सबसे अहम होगा, क्योंकि फील्ड असेसमेंट के लिए केंद्र की टीम शहर पहुंचेगी और 46 संकेतकों में शहरों के कार्य प्रदर्शन का अध्ययन करेंगे। इसके बाद अक्टूबर के पहले हफ्ते में रैंकिंग की घोषणा की जाएगी।
इन चीजों में चंडीगढ़ को होगा फायदा
केंद्र ने इस बार सर्वेक्षण में घर-घर से लिए गए कचरे को अलग-अलग करने, जीरो अपशिष्ट कार्यक्रम, दिव्यांग-अनुकूल शौचालय, बेहतर प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन और बैकलेन स्वच्छता से संबंधित मानदंडों पर ध्यान केंद्रित किया हैं। उनके अंक बढ़ाए गए हैं। सफाई मित्र सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। निगम ने इन सभी पर कार्य किया है। गांव-कालोनियों के अंदरूनी इलाकों को छोड़ कर बाकी जगहों से कचरा अलग-अलग लिया जा रहा है। बैकलेन की सफाई के लिए कंपनी नियुक्त की गई है। जीरो अपशिष्ट के लिए आरआरआर केंद्र, वेस्ट टू वंडर पार्क समेत कई कार्यक्रम भी चलाए गए हैं। इन सभी में चंडीगढ़ को अच्छे नंबर मिलने की उम्मीद है।
अब तक ऐसा रहा है चंडीगढ़ का प्रदर्शन
वर्ष रैंकिंग
2017 11
2018 03
2019 20
2020 16
2021 66
2022 12
(10 लाख के ऊपर की आबादी में)
आप ऐसे दे सकते हैं फीडबैक
सिटीजन फीडबैक देने के लिए वेबसाइट https://vfcity-prod.sbmurban.org/ पर जाएं। मोबाइल नंबर एंटर करें। भाषा और शहर का चुनाव करें। इसके बाद सवालों का जवाब दे सकते हैं। फीडबैक के लिए इन सवालों का देना होता है जवाब
1. क्या आपके घर से हर दिन कचरा इकट्ठा किया जाता है?
2. क्या आप अपने घर में कचरे को अलग-अलग करते हैं (गीला और सूखा)?
3. नाले या ड्रेन्स दृश्यमान (विजिबल) रूप से साफ हैं?
4. क्या आप अपने शहर में आरआरआर केंद्र के बारे में जागरूक हैं?
5. क्या आपने हाल ही में सार्वजनिक शौचालय का उपयोग किया है?
6. क्या शौचालय स्वच्छ और अच्छी तरह से रखे गए हैं?
7. क्या आपको पता है कि आप मैप पर सार्वजनिक शौचालय को खोज सकते हैं?
8. आप अपने आस-पड़ोस की साफ-सफाई को कितना रेट करेंगे?
9. आप अपने समग्र स्वच्छता को कितना रेट करेंगे?
स्कूलों को निर्देश जारी किए गए हैं कि स्वच्छ सर्वेक्षण के प्रति बच्चों और अभिभावकों को जागरूक किया जाए। ओटीपी आधारिक सिटीजन फीडबैक की व्यवस्था है। ऐसे में किसी को फॉर्म भरने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। - हरसुहिंदरपाल सिंह बराड़, निदेशक, शिक्षा विभाग
सर्वेक्षण के लिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिए कई तरह से अभियान चलाए जा रहे हैं। शहर को अव्वल बनाने में सभी लोगों को साथ देना चाहिए। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि वो फीडबैक दें। - अनूप गुप्ता, मेयर