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पुटा की चेतावनी ः पूर्व सीएमओ को दिए आवास के आदेश वापस लें वीसी, अन्यथा विजिलेंस जांच को तैयार रहें
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के पूर्व सीएमओ को आवास आवंटित करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) ने वीसी को चेतावनी दी है कि पांच दिन में यह आदेश वापस लिया जाए अन्यथा इसकी विजिलेंस से शिकायत करवाकर जांच करवाएंगे। इस प्रकरण के जरिए पुटा भ्रष्टाचार को उजागर करेगी।
पुटा ने इसको लेकर पहले भी वीसी को पत्र लिखा था। उसमें तीन दिन की चेतावनी दी गई थी। साथ ही चांसलर को भी पत्र लिखा गया था। अब तक कार्रवाई नहीं हो पाई। अब पुटा ने बैठक कर निर्णय लिया है कि इस प्रकरण का पीछा वह नहीं छोड़ेगी, क्योंकि इसमें भ्रष्टाचार की बू आ रही है। इसका खुलासा किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि शिक्षकों को आवास देने में पीयू प्रशासन बैकफुट पर आ जाता है, लेकिन नियमों को दरकिनार कर किसी को घर देना हो तो उसके लिए अधिकारी तैयार रहते हैं। पीयू के पूर्व सीएमओ को नियमों का दरकिनार कर आवास दिया गया है। इसलिए आदेश को वापस लिया जाए अन्यथा पुटा आगे की रणनीति तैयार करेगी।
इनसेट---
तीन आवास और खाली करवाए जाएं
पीयू के कुछ शिक्षकों ने वीसी तक यह प्रकरण पहुंचाया है कि तीन आवास ऐसे हैं जो नियमानुसार खाली होने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। यह आवास उन शिक्षकों के पास थे जिनका निधन हो गया था। शिक्षकों ने कहा है कि उनके परिवार के साथ सहानुभूति है, लेकिन नियमों का पालन भी सभी को करना होगा। इन बड़े आवासों को खाली कर उन्हें दूसरे आवास दिए जाने चाहिए। हालांकि पीयू प्रशासन ने यह बात सुनी जरूर है, लेकिन इस पर अमल नहीं किया है।
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पुटा ने इसको लेकर पहले भी वीसी को पत्र लिखा था। उसमें तीन दिन की चेतावनी दी गई थी। साथ ही चांसलर को भी पत्र लिखा गया था। अब तक कार्रवाई नहीं हो पाई। अब पुटा ने बैठक कर निर्णय लिया है कि इस प्रकरण का पीछा वह नहीं छोड़ेगी, क्योंकि इसमें भ्रष्टाचार की बू आ रही है। इसका खुलासा किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि शिक्षकों को आवास देने में पीयू प्रशासन बैकफुट पर आ जाता है, लेकिन नियमों को दरकिनार कर किसी को घर देना हो तो उसके लिए अधिकारी तैयार रहते हैं। पीयू के पूर्व सीएमओ को नियमों का दरकिनार कर आवास दिया गया है। इसलिए आदेश को वापस लिया जाए अन्यथा पुटा आगे की रणनीति तैयार करेगी।
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इनसेट---
तीन आवास और खाली करवाए जाएं
पीयू के कुछ शिक्षकों ने वीसी तक यह प्रकरण पहुंचाया है कि तीन आवास ऐसे हैं जो नियमानुसार खाली होने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। यह आवास उन शिक्षकों के पास थे जिनका निधन हो गया था। शिक्षकों ने कहा है कि उनके परिवार के साथ सहानुभूति है, लेकिन नियमों का पालन भी सभी को करना होगा। इन बड़े आवासों को खाली कर उन्हें दूसरे आवास दिए जाने चाहिए। हालांकि पीयू प्रशासन ने यह बात सुनी जरूर है, लेकिन इस पर अमल नहीं किया है।
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