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सनसनीखेज खुलासा: पंजाब में दर्द से छुटकारा दिलाने वाली 'मॉर्फिन' ही ले रही है युवाओं की जान
Tue, 27 Aug 2019 11:16 AM IST
खुशबू गोयल
हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़
हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 27 Aug 2019 11:16 AM IST
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फाइल फोटो
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पंजाब सरकार की फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पिछले 23 माह के दौरान लैब में 134 लोगों के विसरा की जांच की गई, जिनमें से 78 मामले नशे के ओवरडोज के सामने आए। इनमें से अधिकतर मौतें मॉर्फिन के ओवरडोज से हुई हैं। लैब के अधिकारियों के मुताबिक इस रिपोर्ट से यह भी साफ हो गया कि राज्य में अफीम से बनाई जाने वाली दर्द निवारक दवा मॉर्फिन का अब नशे के तौर पर ज्यादा इस्तेमाल होने लगा है।
सूत्रों के मुताबिक, इसके अलावा यह भी सामने आया है कि पंजाब में मॉर्फिन पाउडर की शक्ल में काफी महंगी 4000-4500 रुपये प्रति ग्राम बिक रही है। वहीं इंजेक्शन के रूप में यह महज 500-700 रुपये में उपलब्ध है। नशे के आदी लोगों को इंजेक्शन खरीदना सस्ता लगता है। लेकिन वे मॉर्फिन के इंजेक्शन और पाउडर की मात्रा में फर्क नहीं समझ पाते और इसके ओवरडोज से मर जाते हैं।
लैब के अधिकारियों के मुताबिक, एक साल में नशे के ओवरडोज से मरने वालों में 88 फीसदी मॉर्फिन का शिकार हुए थे। इसके अलावा 14 फीसदी विसरा में कीटनाशकों की मात्रा भी पाई गई है। लैब में अब भी 4000 सैंपल जांच के लिए पड़े हैं।
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सूत्रों के मुताबिक, इसके अलावा यह भी सामने आया है कि पंजाब में मॉर्फिन पाउडर की शक्ल में काफी महंगी 4000-4500 रुपये प्रति ग्राम बिक रही है। वहीं इंजेक्शन के रूप में यह महज 500-700 रुपये में उपलब्ध है। नशे के आदी लोगों को इंजेक्शन खरीदना सस्ता लगता है। लेकिन वे मॉर्फिन के इंजेक्शन और पाउडर की मात्रा में फर्क नहीं समझ पाते और इसके ओवरडोज से मर जाते हैं।
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लैब के अधिकारियों के मुताबिक, एक साल में नशे के ओवरडोज से मरने वालों में 88 फीसदी मॉर्फिन का शिकार हुए थे। इसके अलावा 14 फीसदी विसरा में कीटनाशकों की मात्रा भी पाई गई है। लैब में अब भी 4000 सैंपल जांच के लिए पड़े हैं।
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सबसे अधिक मौतें अमृतसर में
23 माह में नशे के ओवरडोज से मौतों के मामले में अमृतसर पहले नंबर पर रहा। यहां 15 मौतें हुईं। वहीं होशियारपुर में 11, लुधियाना में 8, फिरोजपुर व जालंधर में 5-5 मौतें दर्ज की गईं। बठिंडा, गुरदासपुर, पटियाला भी इससे अछूते नहीं रहे। मृतकों में बड़ी संख्या 18-25 साल के युवाओं की है।
सेहत विभाग के साथ मिलकर अभियान चला रही एसटीएफ
राज्य में नशा सप्लाई पर एसटीएफ के अधिकारियों का कहना है कि हेरोइन और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स की आमद और बिक्री पर जबरदस्त अंकुश लगा है और नशा कारोबारियों ने प्रदेश से बाहर का रुख कर लिया है। दर्द निवारक और अन्य दवाओं के नशे के रूप में इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए राज्य पुलिस सेहत विभाग के साथ अभियान चला रही है।
नशे के ओवरडोज से मौत की घटनाओं में इस साल काफी कमी आई है। सरकार आम लोगों को जागरूक करने के साथ नशे के आदी लोगों के उपचार के लिए विशेष कार्यक्रम चला रही है। इस मामले में आम लोगों का जागरूक होना बहुत जरूरी है।
- बलबीर सिंह सिद्धू, स्वास्थ्य मंत्री, पंजाब
सेहत विभाग के साथ मिलकर अभियान चला रही एसटीएफ
राज्य में नशा सप्लाई पर एसटीएफ के अधिकारियों का कहना है कि हेरोइन और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स की आमद और बिक्री पर जबरदस्त अंकुश लगा है और नशा कारोबारियों ने प्रदेश से बाहर का रुख कर लिया है। दर्द निवारक और अन्य दवाओं के नशे के रूप में इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए राज्य पुलिस सेहत विभाग के साथ अभियान चला रही है।
नशे के ओवरडोज से मौत की घटनाओं में इस साल काफी कमी आई है। सरकार आम लोगों को जागरूक करने के साथ नशे के आदी लोगों के उपचार के लिए विशेष कार्यक्रम चला रही है। इस मामले में आम लोगों का जागरूक होना बहुत जरूरी है।
- बलबीर सिंह सिद्धू, स्वास्थ्य मंत्री, पंजाब