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कैबिनेट का फैसला: पंजाब में सीएनजी, एलपीजी किटों व इलेक्ट्रिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर लगेगी प्रोसेस फीस
Thu, 17 Dec 2020 08:38 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 17 Dec 2020 08:38 PM IST
सार
- सीएनजी-एलपीजी किट, इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन होगा महंगा
- वाहन निर्माता कंपनी और अधिकृत डीलर को देनी होगी 5000 रुपये फीस
- मंत्रिमंडल ने पड़ोसी राज्यों में लागू प्रोसेस फीस के आधार पर लिया फैसला
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पंजाब कैबिनेट।
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
पंजाब मंत्रिमंडल ने पड़ोसी राज्यों की तर्ज पर वाहनों के नए मॉडलों और उनके अलग-अलग वेरिएंट के अलावा सीएनजी व एलपीजी किटों की मंजूरी और इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण पर प्रोसेस फीस लगाने का फैसला किया है। यह फैसला मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को वर्चुअल हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
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मंत्रिमंडल ने हरियाणा की तर्ज पर पंजाब मोटर वाहन नियम, 1989 की धारा 130 के साथ धारा 130-ए जोड़ने की मंजूरी दी है। अब पंजाब में वाहनों के नए मॉडलों, एलपीजी, सीएनजी किट और इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण के लिए पांच हजार रुपये प्रोसेसिंग फीस देना पड़ेगा।
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कैबिनेट ने वाहनों के नये मॉडलों के पंजीकरण का अधिकार परिवहन विभाग के गैर-कमर्शियल विंग को देने का भी फैसला किया है। इस मंजूरी के लिए वाहन निर्माताओं या उनके द्वारा अधिकृत डीलरों को अधिकृत टेस्टिंग एजेंसियों द्वारा जारी सर्टिफिकेट पेश करना होगा।
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उल्लेखनीय है कि मौजूदा समय में पंजाब सरकार की तरफ से राज्य में रजिस्ट्रेशन की मंजूरी के लिए मोटर वाहन निर्माताओं या उनके द्वारा अधिकृत डीलरों से कोई प्रोसेसिंग फीस नहीं ली जाती, जबकि हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में कंपनियों और उनके डीलरों को यह फीस देनी पड़ती है।
सीधी भर्ती में ज्यादा उम्र वाले अनुबंध कर्मी भी कर सकेंगे अप्लाई
पंजाब मंत्रिमंडल ने एक और अहम फैसला लेते हुए राज्य सरकार के अधीन ठेका आधार पर काम कर रहे विभिन्न कैटेगरी के कर्मचारियों को सीधी भर्ती में आवेदन करने के लिए अधिकतम आयु सीमा में छूट दे दी है। मंत्रिमंडल ने पंजाब सिविल सेवाएं (आम और साझा सेवा शर्तें) नियम -1994 के नियम-19 के अंतर्गत इनके नियम 5 और 5-ए में छूट देने का फैसला किया है।
दरअसल, पंजाब सरकार के अलग-अलग विभागों में ठेके पर काम कर रहे कर्मचारी आयु सीमा पार कर जाने के कारण सीधी भर्ती में आवेदन नहीं कर सकते थे। राज्य सरकार ने वित्तीय कठिनाइयों के कारण इससे पहले छूट देने की मांग को स्वीकृत नहीं दी थी।