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Punjab Weather: अगस्त में कम हो रही मानसून की बारिश, इस साल भी 61 फीसदी की कमी, मौसम वैज्ञानिक चिंतित
Thu, 31 Aug 2023 03:09 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 31 Aug 2023 03:09 PM IST
सार
साल 2014 से अगस्त के महीने में मानसून की बारिश में कमी दर्ज की जा रही है। इस दौरान केवल अगस्त 2018 में सामान्य बारिश रही है। इस बार अगस्त में अब तक 141.2 एमएम सामान्य बारिश के मुकाबले केवल 55.0 एमएम बारिश हुई है। यह सामान्य से 61 फीसदी कम है।
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पंजाब में कम हो रही बरसात
- फोटो : फाइल
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विस्तार
पंजाब में बीते 10 साल से अगस्त में मानसून की बारिश में भारी कमी दर्ज की जा रही है। इस बार भी अगस्त में सामान्य की तुलना में 61 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान केवल अगस्त 2018 में बारिश सामान्य रही है। मौसम वैज्ञानिक इस स्थिति को चिंताजनक बता रहे हैं।
पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी से जलवायु परिवर्तन एवं कृषि मौसम विज्ञान विभाग से डॉ. पवनीत कौर किंगरा के मुताबिक ग्लोबल वार्मिंग व जलवायु परिवर्तन से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहे हैं। अब बारिश में परिवर्तनशीलता बहुत बढ़ गई है। एकसारता नहीं रही है, किसी जगह बारिश होती है, तो कहीं एक बूंद पानी का नहीं गिरता है।
यह भी पढ़ें: Punjab: समय पूर्व पंचायतें भंग करने के निर्णय से पलटी पंजाब सरकार, हाईकोर्ट को बताया-आदेश वापस लेंगे
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बारिश में कमी से किसानों की ओर से फसलों की सिंचाई में भू-जल का दोहन ज्यादा किया जा रहा है। इससे सूबे में जमीन के नीचे पानी का स्तर लगातार कम हो रहा है। वाटर रिचार्जिंग भी कम हो रही है। इन सबसे बचने के लिए पौधरोपण और प्रदूषण को घटाने पर जोर दिया जाना चाहिए।
केवल अगस्त 2018 में रही है सामान्य बारिश
मौसम विभाग से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक साल 2014 से अगस्त के महीने में मानसून की बारिश में कमी दर्ज की जा रही है। इस दौरान केवल अगस्त 2018 में सामान्य बारिश रही है। 2014 में अगस्त में पंजाब में मात्र 41.9 एमएम, अगस्त 2015 में 88.6, 2016 में 144.8, 2017 में 119.4, 2019 में 156.4, 2020 में 134.1, 2021 में 70.3 एमएम बारिश हुई है।
इस बार अगस्त में अब तक 141.2 एमएम सामान्य बारिश के मुकाबले केवल 55.0 एमएम बारिश हुई है। यह सामान्य से 61 फीसदी कम है। वहीं, अगस्त 2022 में 146.2 एमएम सामान्य बारिश के मुकाबले 58.4 एमएम बारिश हुई थी। यह सामान्य से 60 फीसदी कम थी।
मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र के डायरेक्टर मनमोहन सिंह के मुताबिक अगस्त में पश्चिमी विक्षोभ पंजाब में सक्रिय नहीं हुए। इसके अलावा अल निनो भी सक्रिय रहा है। इस कारण अगस्त में बारिश में भारी कमी दर्ज की गई है।
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पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी से जलवायु परिवर्तन एवं कृषि मौसम विज्ञान विभाग से डॉ. पवनीत कौर किंगरा के मुताबिक ग्लोबल वार्मिंग व जलवायु परिवर्तन से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहे हैं। अब बारिश में परिवर्तनशीलता बहुत बढ़ गई है। एकसारता नहीं रही है, किसी जगह बारिश होती है, तो कहीं एक बूंद पानी का नहीं गिरता है।
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बारिश में कमी से किसानों की ओर से फसलों की सिंचाई में भू-जल का दोहन ज्यादा किया जा रहा है। इससे सूबे में जमीन के नीचे पानी का स्तर लगातार कम हो रहा है। वाटर रिचार्जिंग भी कम हो रही है। इन सबसे बचने के लिए पौधरोपण और प्रदूषण को घटाने पर जोर दिया जाना चाहिए।
केवल अगस्त 2018 में रही है सामान्य बारिश
मौसम विभाग से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक साल 2014 से अगस्त के महीने में मानसून की बारिश में कमी दर्ज की जा रही है। इस दौरान केवल अगस्त 2018 में सामान्य बारिश रही है। 2014 में अगस्त में पंजाब में मात्र 41.9 एमएम, अगस्त 2015 में 88.6, 2016 में 144.8, 2017 में 119.4, 2019 में 156.4, 2020 में 134.1, 2021 में 70.3 एमएम बारिश हुई है।
इस बार अगस्त में अब तक 141.2 एमएम सामान्य बारिश के मुकाबले केवल 55.0 एमएम बारिश हुई है। यह सामान्य से 61 फीसदी कम है। वहीं, अगस्त 2022 में 146.2 एमएम सामान्य बारिश के मुकाबले 58.4 एमएम बारिश हुई थी। यह सामान्य से 60 फीसदी कम थी।
मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र के डायरेक्टर मनमोहन सिंह के मुताबिक अगस्त में पश्चिमी विक्षोभ पंजाब में सक्रिय नहीं हुए। इसके अलावा अल निनो भी सक्रिय रहा है। इस कारण अगस्त में बारिश में भारी कमी दर्ज की गई है।