Moosewala Murder : पंजाब पुलिस ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को किया सीजेएम की अदालत में पेश
पंजाब पुलिस ने कोर्ट से सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के मामले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से पूछताछ करने के लिए उसकी ट्रांजिट रिमांड मांगी थी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया था।
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पंजाब पुलिस तड़के गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को दिल्ली से मानसा ले आई। बिश्नोई को मूसेवाला हत्याकांड मामले में मानसा की सीजेएम की अदालत में पेश किया गया। अदालत से पंजाब पुलिस को बिश्नोई की सात दिन की रिमांड मिली है। जानकारी के अनुसार सात दिन के पुलिस रिमांड पर उसे खरड़ ले जाया गया है। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स उससे पूछताछ करेगी। मानसा की कोर्ट में पेशी से पहले लॉरेंस का मेडिकल कराया गया। वहीं दिल्ली से लाने से पहले भी आरएमएल अस्पताल में उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया था।
Punjab police gets 7 days remand of gangster Lawrence Bishnoi. He was produced before Chief Judicial Magistrate in Mansa court in connection with Sidhu Moose Wala murder case
— ANI (@ANI) June 15, 2022विज्ञापन
इससे पहले पंजाब पुलिस ने कोर्ट से सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के मामले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से पूछताछ करने के लिए उसकी ट्रांजिट रिमांड मांगी थी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया था। पटियाला हाउस कोर्ट में सुनावाई के दौरान बिश्नोई के वकीलों ने उसके एनकाउंटर की आशंका जताई। इस पर पंजाब पुलिस ने कहा कि कि वह पूरे दल बल के साथ आए हैं और पूरे रास्ते की वीडियोग्राफी करवाई जाएगी।
#WATCH | Sidhu Moose Wala murder case | Punjab Police brings Gangster Lawrence Bishnoi to CIA (Crime Investigation Agency) office in Kharar, Punjab. pic.twitter.com/j93WMW73Ni
— ANI (@ANI) June 15, 2022
अदालत ने पंजाब पुलिस को आदेश दिया है कि इस मामले में बिश्नोई को औपचारिक रूप से गिरफ्तार करने के बाद ही अदालत के समक्ष पेश किया जाए। अदालत ने पंजाब पुलिस को बुधवार को मानसा अदालत में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। पंजाब पुलिस ने कहा था कि मूसेवाला की हत्या एक अंतरराज्यीय गिरोह की प्रतिद्वंद्विता का परिणाम है। इसमें लॉरेंस बिश्नोई गिरोह शामिल था। मूसेवाला की 29 मई को पंजाब के मानसा जिले में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
बिश्नोई, मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज मामलों में तिहाड़ जेल में बंद है। स्पेशल सेल ने रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद मंगलवार को लॉरेंस को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। इस बीच सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड की जांच में जुटी पंजाब पुलिस ने भी पटियाला हाउस कोर्ट में पेश होकर लॉरेंस बिश्नोई की गिरफ्तारी और ट्रांजिट रिमांड देने की मांग की।
पंजाब पुलिस ने कहा कि वह सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में लॉरेंस से पूछताछ करना चाहती है। पंजाब पुलिस ने दलील दी कि इस मामले की जांच के दौरान पता चला है कि लॉरेंस बिश्नोई सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता है, इसलिए उससे पूछताछ जरूरी है। बिश्नोई के वकील विशाल चोपड़ा ने ट्रांजिट रिमांड की मांग का विरोध करते हुए कहा कि इस मामले में बिश्नोई से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पूछताछ की जा सकती है। पुलिस जरूरत पड़ने पर बिश्नोई को सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में गिरफ्तार कर सकती है लेकिन उसे दिल्ली से बाहर नहीं ले जाया जाना चाहिए। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में लॉरेंस बिश्नोई को ट्रांजिट रिमांड पर पंजाब पुलिस को सौंप दिया है।
एडीजीपी (लॉ एंड आर्डर) के नेतृत्व में पंजाब के एडवोकेट जनरल समेत एक टीम मंगलवार को दिल्ली पहुंच गई थी, जहां दिल्ली पुलिस की ओर से रिमांड की समाप्ति पर लारेंस बिश्नोई को अदालत में पेश किया जाना था। दिल्ली पुलिस ने लारेंस बिश्नोई को जैसे ही अदालत में पेश किया, पंजाब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पंजाब ले जाने के लिए दो अलग-अलग अर्जियां अदालत में पेश कर दीं, जिन पर काफी लंबी बहस चली। बिश्नोई के वकीलों ने उसे पंजाब पुलिस के हवाले किए जाने का यह कहते हुए भारी विरोध किया कि पंजाब में बिश्नोई का एनकाउंटर हो सकता है।
दो बुलेट प्रूफ समेत 22 गाड़ियां और 50 कर्मचारियों के साथ पहुंची थी पंजाब पुलिस
दूसरी ओर पंजाब पुलिस ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि वह दो बुलेट प्रूफ गाड़ियां, अन्य 20 गाड़ियां और उच्च पुलिस अधिकारियों समेत 50 पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचे हैं। लॉरेंस को पंजाब ले जाते समय पूरे रास्ते की वीडियोग्राफी की जाएगी। इस पर बिश्नोई के वकीलों ने अदालत से कहा कि पंजाब पुलिस गिरफ्तारी के बाद दिल्ली में ही बिश्नोई से पूछताछ कर ले और अगर गैंगस्टर को पंजाब ले ही जाना है तो उसे हथकड़ियां और बेड़ियां लगाकर ले जाया जाए, ताकि किसी भी तरह पुलिस यह बहाना न बना सके कि लारेंस बिश्नोई ने भागने की कोशिश की थी। अदालत ने लॉरेंस बिश्नोई के वकील और पंजाब पुलिस का पक्ष सुनने के बाद बिश्नोई को पंजाब पुलिस के हवाले करने के आदेश दिए। देर शाम अदालत की ओर से ट्रांजिट रिमांड भी दे दिया गया। लॉरेंस बिश्नोई पंजाब पुलिस की गिरफ्त में है। लेकिन खबर लिखे जाने तक पंजाब पुलिस उसे लेकर रवाना नहीं हुई थी।
लॉरेंस के खिलाफ 5 राज्यों में दर्ज हैं 36 केस, सबसे अधिक पंजाब में 17
जेल में बैठकर भी हत्याएं करवा रहे राज्य के कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली व राजस्थान में कुल 36 केस दर्ज हैं। इनमें से सबसे ज्यादा 17 केस पंजाब के विभिन्न जिलों में लंबित चल रहे हैं। फरीदकोट जिले में भी लॉरेंस बिश्नोई पर दो केस दर्ज हैं और इनमें से एक केस यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष गुरलाल सिंह पहलवान का है। पहलवान की फरवरी 2021 में शूटरों ने गोलियां दागकर हत्या कर दी थी। हत्या के कुछ समय बाद ही सोशल मीडिया पर लॉरेंस व गोल्डी बराड़ ने हत्याकांड की जिम्मेवारी ले ली थी। हालांकि उस समय राजस्थान की अजमेर जेल में बंद लारेंस को फरीदकोट पुलिस ने प्रॉडक्शन वारंट पर लाने की कोशिश की थी। उसका दो बार प्रॉडक्शन वारंट भी जारी करवाया लेकिन सुरक्षा कारणों का हवाला देकर उसे फरीदकोट नहीं लाया जा सका। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार लारेंस बिश्नोई पर फरीदकोट, मुक्तसर, फाजिल्का, मोहाली, अमृतसर आदि जिलों में कुल 17 केस दर्ज है जिनमें से फरीदकोट के दोनों मामलों समेत कुछ केसों में अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इसके अलावा उसके खिलाफ चंडीगढ़ में 7, हरियाणा में 2, राजस्थान में 6 और दिल्ली में 4 केस दर्ज हैं।