कोरोना पर सख्ती : पंजाब में अब रोज दो लाख लोगों के टीकाकरण का निर्देश, रोज 50 हजार हो सैंपलिंग
- कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुख्य सचिव को टीकाकरण के बारे में जागरूकता अभियान शुरु करने को कहा
- प्रधानमंत्री के साथ आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री करेंगे कोरोना पर बात
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पंजाब में पिछले सप्ताह कोविड पॉजिटिविटी और केस फेटलिटी रेट (सीएफआर) दर क्रमशः 7.7 फीसदी और 2 फीसदी तक पहुंच गया है। इसी के मद्देनजर, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बुधवार को स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि राज्य में टीकाकरण अभियान को तेज करते हुए प्रति दिन 2 लाख रोगियों को टीके लगाएं। साथ ही उन्होंने प्रतिदिन 50 हजार सैंपलिंग के अलावा रोगियों के करीबी संपर्क वाले 30 लोगों की जांच करने के भी निर्देश दिए हैं।
उच्च सीएफआर दर को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मौतें दुखद हैं। इनमें से कई लोगों को समय पर इलाज करके बचाया जा सकता था। उन्होंने मुख्य सचिव विनी महाजन को निर्देश दिया कि वे लोगों को शुरुआती चरणों में अस्पतालों में आने के लिए प्रेरित करने के लिए बड़े पैमाने पर जन जागरूकता अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में स्वास्थ्य देखभाल की गुणवत्ता में भी सुधार लाने की आवश्यकता है और आवश्यक सुविधाओं के साथ अनुमोदित अस्पतालों की सूची सार्वजनिक डोमेन में प्रकाशित की जानी चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ साप्ताहिक कोविड समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान टीकाकरण अभियान के तहत प्रतिदिन लगभग 90 हजार लोगों को टीका लगाया जा रहा है, जबकि प्रति दिन 2 लाख लोगों के टीकाकरण की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रसार को रोकने के लिए टीकाकरण एकमात्र तरीका है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को टीकाकरण अभियान को गति देने के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया।
कैप्टन ने की हर वर्ग के टीकाकरण की मांग
कैप्टन ने कहा कि वह फिर से केंद्र सरकार से 45 साल से कम उम्र के लोगों के टीकाकरण के लिए आयु मानदंड में ढील देने का आग्रह करेंगे, जो संक्रमण दर में दोगुनी वृद्धि दिखा रहा है। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार को 18 वर्ष से ऊपर के छात्रों, शिक्षकों, पार्षदों, सरपंचों आदि के टीकाकरण की अनुमति भी देनी चाहिए।
पीजीआई नहीं कर रहा पंजाब के मरीजों को दाखिल
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सूचित किया गया कि पीजीआई चंडीगढ़ उचित चैनलों के माध्यम से भेजे जाने के बावजूद पंजाब से मरीजों को भर्ती करने से इनकार कर रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में प्रधानमंत्री के सामने इस मामले को उठाएंगे और उनसे अनुरोध करेंगे कि राज्य सरकार द्वारा संदर्भित रोगियों के लिए कम से कम 50 आईसीयू बेड आरक्षित करने के लिए अस्पताल को निर्देशित किया जाए।