कैप्टन के खिलाफ बाजवा ने खोला मोर्चा, बोले- छह कैबिनेट मंत्रियों ने फोन कर कहा- ऐसे ही डटे रहो
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कैबिनेट बैठक में मंगलवार को लाए प्रस्ताव पर बाजवा ने कहा कि छह कैबिनेट मंत्रियों ने उन्हें फोन करके कहा है कि वे बैठक में मौजूद भी नहीं थे, फिर भी उनका नाम प्रस्ताव में डाला गया है। बाजवा ने कहा कि इन मंत्रियों ने उनसे कहा है-आप जो काम कर रहे हो, बहुत बढ़िया है। ऐसे ही डटे रहो।
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और राज्यसभा सदस्य व पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान प्रताप सिंह बाजवा के बीच सियासी खींचतान में भले ही पूरी कैबिनेट कैप्टन से साथ खड़ी हो गई है लेकिन बाजवा के तेवरों में कहीं कोई नरमी दिखाई नहीं दे रही। पंजाब कैबिनेट द्वारा बाजवा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की एक स्वर में की गई मांग के अगले ही दिन बाजवा ने जवाबी हमला करते हुए साफ कर दिया कि वे अपनी बात पर कायम हैं। कैप्टन सरकार को जनता से किए वादे पूरे करने ही होंगे और हम उनके साथ पाप में भागी नहीं बनेंगे।
पत्रकारों से बातचीत में बुधवार को प्रताप बाजवा ने कहा कि अगर कैप्टन सरकार ने सब कुछ ठीक होता तो वह आवाज ही क्यों उठाते। उन्होंने कहा कि वे उन्हीं बातों को उठा रहे हैं जो पंजाब की जनता और पार्टी वर्कर उठा रहे हैं। सार्वजनिक मंचों पर कैप्टन की आलोचना के सवाल पर बाजवा ने कहा कि कोई और प्लेटफार्म नहीं है। पार्टी के प्लेटफार्म पर उन्हें कभी बुलाया ही नहीं गया।
बाजवा ने कहा कि तीन साल में उन्हें कैप्टन साहब के केवल एक बार दर्शन दीदार हुए हैं। अगर मौजूदा राज्यसभा सदस्य और पूर्व प्रदेश प्रधान को दर्शन नहीं होते तो सोचिए आम लोगों को कैप्टन कब मिलते होंगे? या पार्टी वर्करों से उनकी कितनी मुलाकात होती होगी? कैबिनेट बैठक में मंगलवार को लाए प्रस्ताव पर बाजवा ने कहा कि छह कैबिनेट मंत्रियों ने उन्हें फोन करके कहा है कि वे बैठक में मौजूद भी नहीं थे, फिर भी उनका नाम प्रस्ताव में डाला गया है। बाजवा ने कहा कि इन मंत्रियों ने उनसे कहा है-आप जो काम कर रहे हो, बहुत बढ़िया है। ऐसे ही डटे रहो।
बाजवा यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वादा किया था कि बिजली सस्ती करेंगे लेकिन तीन साल में 12 बार बिजली के दाम बढ़ाए गए हैं। उन्होंने सवाल किया कि इसकी कीमत कौन देगा? उन्होंने यह भी कहा कि बहिबल कलां और बरगाड़ी कांड में मुख्य भूमिका सुखबीर बादल और तत्कालीन डीजीपी सुमेध सैनी की थी लेकिन कैप्टन सरकार मामूली सिपाहियों के गले में फंदा डालकर वाहवाही लूटना चाहती है जबकि मुख्य आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि कैप्टन ने गुटका हाथ में पकड़कर और तलवंडी साबो की तरफ मुंह करके कसम खाई थी। उस मंच पर हम लोग भी थे, इसलिए कसम नहीं निभाने के जुर्म में हम भी भागी बन रहे हैं, जोकि हम बनना नहीं चाहते।
सोनिया-राहुल को बताउंगा सच्चाई: बाजवा
सोनिया गांधी और राहुल गांधी के उनकी शिकायत किए जाने के बारे में बाजवा ने कहा कि वे बड़ी खुशी से वहां जाएं और जो शिकायत करनी हैं, करें। उन्हें क्या लगता है कि मैं सोनिया जी या राहुल जी से नहीं मिलता? मैं भी मिलता हूं और उन्हें कैप्टन सरकार की सच्चाई बताऊंगा कि वे क्या कुछ कर रहे हैं।