होशियारपुर के सूबेदार राजेश कुमार राजौरी में शहीद, आज गांव में होगा अंतिम संस्कार
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जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास पाकिस्तानी सेना ने बुधवार सुबह करीब साढ़े तीन बजे गोलीबारी की। इसमें पंजाब के मुकेरियां के गांव कलीचपुर कलोता के सूबेदार राजेश कुमार शहीद हो गए।
पाकिस्तान ने राजौरी जिले के केरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा की नजदीक चौकियों पर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। इस दौरान 41 वर्षीय सूबेदार राजेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए लेकिन बाद में गहरी चोटों के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया।
सूबेदार राजेश कुमार के शहीद होने की खबर जैसे ही मुकेरियां पहुंची तो उनके पैतृक गांव कलीचपुर कलोता समेत पूरे क्षेत्र में माहौल गमगीन हो गया। राजेश कुमार के पिता राम चंद भी फौज में आरटी 60 में सेवा से रिटायर हैं। राजेश कुमार अपने माता पिता के इकलौते पुत्र थे। उनकी तीन बहनें हैं। बेटे की मौत से गमगीन पिता रामचंद, माता रोशनी देवी बेसुध हैं।
रिश्तेदार शहीद की पत्नी अनीता देवी, बेटी रिया (13) एवं बेटे जतिन (11) को हौसला बंधाते दिखे। जानकारी के अनुसार, शहीद सूबेदार राजेश कुमार के पार्थिव शरीर को कलीचपुर कलोता गांव के लिए रवाना कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन की उपस्थिति में गुरुवार को उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी। राजेश कुमार 1996 में जालंधर में सेना भर्ती में चयनित हुए थे। उनकी पहली पोस्टिंग आरटी 60 में उरी जम्मू-कश्मीर में हुई। उसके बाद राजस्थान, नासिक और मुम्बई में भी वे तैनात रहे।
कलोते के जांबाज ने फिर दी शहादत
मुकेरियां क्षेत्र के सबसे ज्यादा फौज में सेवा देने वाले गांवों ने चार कलोते हैं। इनमें कलीचपुर कलोता, होशियारपुर कलोता, सरदूलपुर कलोता और बहादुरपुर कलोता है। परिवार को अपने सपूत की शहादत पर गर्व है। वहीं पाकिस्तान की नापाक हरकतों से गुस्सा भी है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पाकिस्तान को इन हरकतों का कड़ा जवाब दिया जाना चाहिए।