कपूरथला: सियासी रंजिश चलते पंच की गई आंखों की रोशनी, बेटे के सिर पर भी लगे 15 टांके
सियासी रंजिश की खींचतान ने पंच की आंखों की रोशनी छीन ली है। पिछले दो साल से चल रहे विवाद ने बीते 29 जनवरी को खूनी संघर्ष का रूप अख्तियार कर लिया। इसमें न केवल पंच को गंभीर चोटें लगी, बल्कि उसके बेटे के सिर पर भी किरपानों से वार किया गया। इस घटना में घायल होने के बाद उसके सिर पर 15 टांके डॉक्टरों ने लगाए। इतने से ही हमलावरों का मन न भरा तो उन्होंने उसकी पत्नी को भी जमकर पीटा।
थाना फत्तूढींगा की पुलिस ने 31 जनवरी को इरादा-ए-कत्ल के तहत छह लोगों को नामजद करने के साथ-साथ दो अज्ञात को आरोपी बनाया है, लेकिन सभी आरोपी फरार है। पुलिस छापेमारी कर रही है। बुरी तरह से जख्मी पंच नरिंदर सिंह की पत्नी राजविंदर के बयान के अनुसार 29 जनवरी को शाम के करीब साढ़े चार बजे उसका पति नरिंदर सिंह खून से लथपथ हालत में घर आया।
पूछने पर बताया कि वह गांव देसल मोड़ वाली मार्केट में नाई से अपने बाल कटवा रहा था तो वहां गांव के शंकर व उसके एक अन्य साथी शराब पी रहे थे। कुछ समय बाद वे नशे की हालत में उसे गालियां देने लगे। मामले को बढ़ता देख वह मोटरसाइकिल लेकर घर के लिए निकल पड़ा। वह जैसे ही गांव फैजलाबाद की तरफ मुड़ा ही था कि शंकर सिंह व पड्डा ने उसे घेर लिया और पीटना शुरू कर दिया। शंकर के हाथ में पहना कड़ा उसके सिर पर लगा और खून बहने लगा।
उसका पति नरिंदर सिंह, बेटा अर्जुन सिंह और वह खुद मोटरसाइकिल पर सवार होकर जब चौक में पहुंचे तो शंकर सिंह व उसके साथियों ने किरपानों से हमला करके दोबारा उसके पति व बेटे को पीटकर बुरी तरह से जख्मी कर दिया। उसने और उसकी बेटी ने हमलावरों के आगे उन्हें न मारने की बात कहीं, लेकिन उन्होंने उनकी एक न सुनी। उनके शोर मचाने पर वह भाग निकले।
इसके बाद वे अपने पति व बेटे को गंभीर हालत में सिविल अस्पताल लेकर आई। जहां डॉक्टरों ने उसे जालंधर ले जाने की सलाह दी। जालंधर से उसके पति को पीजीआई रेफर कर दिया गया। राजविंदर कौर ने बताया कि पीजीआई के डॉक्टरों अनुसार उसके पति की 80 फीसदी रोशनी चली गई है। चोट ज्यादा गंभीर होने की वजह से आखों की रोशनी लौटना मुश्किल है, महज 20 फीसदी ही चांस हैं। अब 11 फरवरी को दोबारा ऑपरेशन होना है, लेकिन इतना कुछ होने के बावजूद पुलिस अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
पुलिस ने शंकर सिंह, मंगल सिंह, धर्म सिंह, लखविंदर सिंह, स्वर्ण सिंह, पड्डा व दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्जकर लिया है। थाना फत्तूढींगा के एसएचओ एसआई चन्नन सिंह ने कहा कि यह लड़ाई आज की नहीं, बल्कि दो साल पुरानी है और वजह भी सियासी है। चुनाव को लेकर इनके बीच पुरानी रंजिश चल रही है। पहले भी कई बार झगड़े हो चुके हैं लेकिन पंचायत में निपट जाते रहे, लेकिन इस बार इस विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप अख्तियार कर लिया। उन्होंने साफ इंकार किया कि नशा विवाद का कारण नहीं है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। एसएचओ के अनुसार दोनों गुट कांग्रेसी हैं।