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पंजाब की चुनावी जंग में बिहार का मंत्र, 'बहारी' मद्दा भुनाने की है तैयारी

Sat, 14 Jan 2017 10:50 AM IST
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 14 Jan 2017 10:50 AM IST
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Punjab Minister of Bihar in the fray, they depress the preparation of cash
केजरीवाल और कैप्टन

 पंजाब के पारंपरिक विरोधियों कांग्रेस और अकाली दल के बीच चुनावी जंग को त्रिकोणीय बना रही आप को घेरने के लिए बिहार का मंत्र फूंका जाएगा।

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बिहार की तरह ही पंजाब में भी कांग्रेस और अकाली दल ने पंजाबी बनाम बाहरी मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कन्वीनर अरविंद केजरीवाल को घेरने की रणनीति बना ली है। 
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हाल ही में दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने मोहाली में केजरीवाल का नाम लेकर जो भ्रम पैदा किया उसने कांग्रेस और अकाली दल की रणनीति को नई धार दे दी है। 
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सिसोदिया ने कहा था कि पंजाब के लोग केजरीवाल को सीएम मानकर वोट करें। कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर इस मौके को भुना लेना चाहते हैं। सिसोदिया के मुंह से जैसे ही उक्त बात निकली प्रशांत किशोर की टीम सोशल मीडिया पर आक्रामक कैंपेन में जुट गई। 

कांग्रेस की सारी कैंपेन शुरू से ही पंजाब दा कैप्टन ब्रांड पर आधारित थी। जिसका मुख्य फोकस ही पंजाबी बनाम गैर पंजाबी था। यह ब्रांड पंजाबियत और पंजाबी पहचान पर खड़ा किया गया था। 

अब कांग्रेस और टीम पीके ने इस मुद्दे को तूल देने की रणनीति बनाई है। पंजाब दा कैप्टन फेसबुक पेज पर पंजाबी सीएम बनाम बाहरी सीएम पर बहस शुरू की गई है। 

बिहार में भी बना था यह मुद्दा

Punjab Minister of Bihar in the fray, they depress the preparation of cash
सीएम बादल - फोटो : अमर उजाला

हर रैली, पब्लिक मीटिंग और डोर-टू-डोर कैंपेन में भी लोगों से यही सवाल किया जाएगा। सोशल मीडिया के लिए खास कार्टून भी तैयार कराए गए हैं। यही नहीं, एक कैंपेन सॉन्ग भी तैयार किया गया है, जो पूरी तरह इस पर आधारित है।

‘गैरां दे हत्थ डोर न देणी, गैर ता हुंदे गैर। घर दा बंदा होवे जेहड़ा, घर दी मंगे खैर। मिट्टी दी रग-रग जाणे, अगला-पिछला, सब पहचाणे’। कैंपेन में यह भी शामिल किया जाएगा कि पंजाबी तो बादल भी हैं, लेकिन ऐसा पंजाबी चाहिए जो सही नेतृत्व दे सके।

दूसरी तरफ अकाली दल पहले से ही इस मौके की ताक में था। पंजाब के डिप्टी सीएम और शिअद के प्रधान सुखबीर बादल पहले से ही अपनी रैलियों में कहते आ रहे हैं कि केजरीवाल पंजाब के सीएम बनना चाहते हैं। 

उनके लिए सिसोदिया की बात खुद को सही साबित करने का सुनहरा मौका थी और सुखबीर ने बिना वक्त गंवाए इस मौके को लपक लिया। उन्होंने तत्काल प्रतिक्रिया दी कि वे पहले से ही कहते आ रहे हैं कि केजरीवाल के मन में क्या है। 

बिहार में भी बना था यह मुद्दा
2015 में बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने पूरी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहारे नैय्या पार लगाने का फैसला किया था। भाजपा को लगता था कि लोकसभा की तरह मोदी-वेव में पार्टी आसानी से जीत जाएगी। इसलिए उसने कोई स्थानीय चेहरा नहीं उतारा। तब प्रशांत किशोर की टीम ने बिहारी बनाम बाहरी का नारा दिया। जिसने भाजपा के सारे समीकरण उलट दिए थे।

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