पंजाब कांग्रेस में और बढ़ेगी कलह, कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू का इस्तीफा
- पंजाब मंत्रिमंडल से कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू का इस्तीफा।
- कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम भेजे इस्तीफे में दस जून 2019 डाली तारीख।
- स्थानीय निकाय मंत्री और अन्य विभागों से दिया त्यागपत्र।
- लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बदल दिया था विभाग।
- बिजली मंत्रालय का कार्यभार सिद्धू ने नहीं संभाला, और बढ़ेगी पंजाब कांग्रेस में कलह।
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विस्तार
बता दें कि नवजोत सिंह सिद्धू अपना मंत्रालय बदले जाने से एक महीने से नाराज चल रहे थे। जून में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सिद्धू से शहरी निकाय के साथ पर्यटन एवं सांस्कृतिक विभाग वापस ले लिया था और उन्हें ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग का प्रभार सौंपा था। सिद्धू से विभाग वापस लेते हुए इसके लिए उनके खराब प्रदर्शन को जिम्मेदार ठहराया गया था।
कुछ समय पहले उनके खिलाफ भाजपा नेता तरूण चुग ने राज्यपाल को चिट्ठी लिखकर शिकायत की थी कि उन्होंने मंत्री पद की शपथ तो ले ली है लेकिन अभी तक कार्यभार नहीं संभाला है।
पहले से चल रही थी इस्तीफा देने की अटकलें
पिछले दिनों विधायक अपने परिजनों के साथ मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे। हालांकि मुलाकात को एक औपचारिक भेंट के रूप में ही देखा गया था लेकिन यह भी माना जा रहा था कि वे अपने परिवार के किसी सदस्य को बोर्ड-निगम की चेयरमैनी दिलाना चाह रहे हैं। शुक्रवार को विधायक को कुछ करीबियों ने मीडिया से विधायक के बिजली मंत्री बनने को लेकर पूछताछ शुरू की तो पूरा वाकया सामने आया।
मंत्रालय न संभालने के कारण सीएम ने की थी विभाग की समीक्षा बैठक
विभागों में फेरबदल करने के करीब एक महीने बाद भी जब सिद्धू ने मंत्रालय नहीं संभाला तो खुद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बिजली विभाग के उच्चाधिकारियो के साथ समीक्षा बैठक की थी। मुख्यमंत्री द्वारा ही बिजली विभाग की पहली विधिवत बैठक बुलाए जाने से यह कयास लगाए जाने लगे थे कि अब कैप्टन ने भी यह मान लिया है कि सिद्धू शायद अपना विभाग नहीं संभालेंगे।पाक यात्रा के बाद से बढ़ने लगी थीं दूरियां
करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास के मौके पर पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पाकिस्तान गए थे। इसके बाद से ही सीएम और सिद्धू के बीच दूरियां बढ़ने लगी थीं। खुद सीएम अमरिंदर सिंह ने पाक आर्मी चीफ से गले मिलने पर सिद्धू की अलोचना की थी।
इसके बाद सिद्धू के एक बयान ने पंजाब की सियासत गरमा दी थी। सिद्धू ने अपने बयान में कहा था कि राहुल गांधी के कहने पर पाकिस्तान गए थे। हालांकि बाद में उन्होंने बयान से यू-टर्न ले लिया था और कहा था कि राहुल गांधी के कहने पर नहीं, बल्कि इमरान खान का न्योता मिलने पर पाकिस्तान गए थे।
इतना ही नहीं उन्होंने कहा था कि कैप्टन ,कौन कैप्टन, मुझे तो मेरे कैप्टन राहुल गांधी ने पाकिस्तान भेजा था। सिद्धू के इस बयान पर पंजाब के कैबिनेट मंत्री तृप्त रजिंदर बाजवा ने कहा था कि राहुल गांधी अकेले सिद्धू के नहीं बल्कि पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के भी कैप्टन हैं।
जिस तरह सिद्धू द्वारा बयान दिया गया है, उस हिसाब से उन्हें पंजाब कैबिनेट से इस्तीफा देकर वहां चले जाना चाहिए। बाजवा के अलावा सुखजिंदर सिंह सरकारिया और ब्रह्म मोहिंदरा ने भी सिद्धू से इस्तीफा मांगा था।
सीएम ऑफिस ने जारी किया बयान
सिद्धू के इस्तीफा पर पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय ने बयान जारी किया। कार्यालय ने पुष्टि की है कि उन्हें नवजोत सिंह सिद्धू का त्याग पत्र नहीं मिला है। त्याग पत्र में कहा गया है कि यह तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष को भेजा गया था।
Punjab Chief Minister’s office has confirmed that they had not received Navjot Singh Sidhu’s resignation letter. The resignation letter states that it had been sent to the then Congress President.
— ANI (@ANI) July 14, 2019