पंजाब की फीस पॉलिसी लागू करने की तैयारी में यूटी प्रशासन
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शहर के 70 से अधिक प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस पर रोक के लिए नई फीस पॉलिसी बनने में अभी ओर समय लग सकता है। यूटी प्रशासन की ओर से तैयार की गई फीस पॉलिसी ड्राफ्ट को मंजूरी नहीं मिल सकी।
यूटी प्रशासन की ओर से इस संबंध में कई बार कानूनी राय ली गई, लेकिन विशेषज्ञों ने हर बार फीस पॉलिसी के ड्रॉफ्ट में कई त्रुटियां निकाल दीं। यूटी प्रशासन अब नए सिरे से फीस पॉलिसी तैयार करने की तैयारी में जुट गया है।
जानकारी अनुसार यूटी शिक्षा सचिव की ओर से चार महीने पहले तैयार की गई फीस पॉलिसी की जगह अब यूटी प्रशासन पंजाब सरकार की ओर से 2016 में तैयार की गई पंजाब फीस रेगुलेटरी एक्ट को ही चंडीगढ़ में लागू करना चाहता है।
कानूनी अड़चनों को देखते हुए फिलहाल यूटी प्रशासन ने पंजाब सरकार की प्राइवेट स्कूलों की फीस पर नकेल कसने के लिए तैयार फीस पॉलिसी को भी अपनाने की तैयारी की है।
मजबूत पॉलिसी के लिए एमएचए से लेंगे मंजूरी
सूत्रों के अनुसार फीस पॉलिसी पर एडवाइजर परिमल राय की अध्यक्षता में मीटिंग हुई है। मामले में शिक्षा अधिकारियों ने पूरे यूटी द्वारा तैयार फीस पॉलिसी पर यूटी प्रशासन की एलआर ने कई आपत्तियां लगा दी थी।
फीस पॉलिसी को लेकर शिक्षा सचिव सर्वजीत सिंह, डीपीआई रुबिंदरजीत सिंह बराड़ सहित अन्य अधिकारियों की पिछले 3 महीने में कई मीटिंग हुई। लेकिन फीस पॉलिसी कानूनी स्तर पर फिट नहीं बैठने के कारण उसे निरस्त कर दिया गया।
साथ ही यूटी प्रशासन को पंजाब सर्विस रुल्स की तर्ज पर पंजाब की फीस पॉलिसी लागू करने का सुझाव दिया गया। शिक्षा विभाग ने अब पिछले साल विधानसभा में पारित फीस रेगुलेटरी एक्ट को ही फालो करने का फैसला लिया है। लेकिन अंतिम फैसला शिक्षा सचिव और प्रशासक की मुहर के बाद ही लिया जाएगा।
मजबूत पॉलिसी के लिए एमएचए से लेंगे मंजूरी
सूत्रों के अनुसार फीस पॉलिसी को लेकर शिक्षा विभाग और यूटी प्रशासन के आला अधिकारियों की अहम मीटिंग हुई है। जिसमें पंजाब की पॉलिसी को बेहतर तरीके से स्टडी करने को कहा गया है।
जाविए क्या है पूरा मामला ?
यूटी प्रशासन अपनी सुविधा के तहत पॉलिसी को स्वीकार करेगा। अधिकारियों के अनुसार पॉलिसी को सही तरह लागू करने के लिए पहले यूटी प्रशासक और फिर मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर से मंजूरी ली जाएगी, ताकि इसे चंडीगढ़ में लागू करने में संवैधानिक तौर पर कोई दिक्कत नहीं आए।
क्या है मामला
प्राइवेट स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस,ड्रेस और किताबों के नाम पर अभिभावकों से हर साल हजारों की धोखाधड़ी की जा रही है। मामले को लेकर चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन ने शहर में विरोध प्रदर्शन किया।
एसोसिएशन ने शिक्षा सचिव के घर से लेकर सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया। अभिभावकों के कड़े विरोध के बाद शिक्षा सचिव की ओर से फीस पॉलिसी ड्रॉफ्ट तैयार भी किया गया।
लेकिन एलआर द्वारा फीस पॉलिसी ड्रॉफ्ट पर कई ऑब्जेक्शन लगा दिए गए और पॉलिसी सिरे नहीं चढ़ सकी।शिक्षा विभाग द्वारा अभिभावकों से फीस पॉलिसी और अन्य मामलों को लेकर फीडबैक भी लिया गया था।