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राम रहीम प्रकरण: 'नुकसान के आंकलन को ट्रिब्यूनल बनाएं पंजाब-हरियाणा'

Thu, 28 Sep 2017 01:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 28 Sep 2017 01:07 AM IST
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Punjab, Haryana, tribunal for assessment of loss,  highcourt
पंचकूला में हिंसा - फोटो : File Photo
डेरा प्रमुख राम रहीम की पेशी के दौरान हुई हिंसा को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने दोनों राज्यों को मुआवजा वितरण तथा आंकलन के कार्य में पारदर्शिता के लिए ट्रिब्यूनल के गठन के निर्देश जारी किए हैं।  इसके साथ ही डेरे से  गायब लोगों के मामले में हरियाणा सरकार को अब तक की जांच की स्टेटस रिपोर्ट  पेश करने के आदेश  दिए हैं।
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 हालांकि अधिकतर वकील इस बात को लेकर एकमत थे ट्रिब्यूनल का गठन राज्य सरकारों की बजाए हाईकोर्ट की निगरानी में किया जाए तथा हाईकोर्ट पूरे घटनाक्रम पर अपनी निगरानी रखे। इसे लेकर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई के दौरान हरियाणा के मुकाबले पंजाब खासा सक्रिय नजर आया। पंजाब के महाधिवक्ता अतुल नंदा ने कहा कि इस प्रकरण में अब तक कुल 59 एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और पंजाब सरकार का पैरा मिलिट्री फोर्स की तैनाती पर कुल 169 करोड़ रुपये खर्च आया है।
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  एडवोकेट नवकिरण सिंह ने कोर्ट बताया कि डेरे से अब तक 25 लोग गायब हो चुके हैं । इस संबंध में 18 एफआईआर दर्ज हैं।  जिनके बारे में आज तक किसी को कोई जानकारी नहीं मिल पाई है कि ये लोग कहां गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने सही तरह से जांच ही नहीं की है।  इस पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को अगली सुनवाई पर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया।  इसी तरह हरियाणा सरकार की तरफ से कोर्ट हाईकोर्ट को बताया गया की डेरा मामले में कुल 240 एफआईआर दर्ज की गई है और 1862 लोग गिरफ्तार किए गए है। सभी जांच अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि वो 30 सितम्बर से पहले इलाका मजिस्ट्रेट के पास केस डायरी जमा करवा दे। इन सभी केस की जांच एडीजीपी स्तर के अधिकारी पी के अग्रवाल कर रहे हे।
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डेरे में निर्माण की जांच कराए सरकार

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स्कूल और अस्पताल के लिए एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त करे
डेरे की ओर से ही कुछ अनुयायियों ने हाई कोर्ट में अर्जी दायर कर बताया था कि डेरे में स्कूल और हस्पताल सहित अन्य संस्थान हैं जहां बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ रहे हैं और स्टाफ कार्यरत है लिहाजा डेरे के सील किये गए खातों को खोला जाए। इस पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से कहा कि वह बताए कि कितने संस्थान डेरे की ओर से चलाए जा रहे हैं। उसके बाद ही आगे निर्णय लिया जाएगा कि इन संस्थानों को चलने के लिए एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त किया जाए या नहीं जो इनका काम खुद अपनी देख-रेख में संभल सकें।

डेरे में निर्माण की जांच कराए सरकार
एडवोकेट अनुपम गुप्ता ने हाई कोर्ट को बताया कि डेरे के भीतर के अधिकतर निर्माण अवैध हैं।  उनके निर्माण के लिए टाउन एंड क न्ट्री प्लानिंग से न इजाजत ली गई  और न ही सीएलयू। डेरा खुद अपनी जमीन पर इमारतों के निर्माण के नियम तय करता था। इसके लिए डेरे को मौजूदा सरकारों का संरक्षण मिला हुआ था।  हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार को इसकी जांच कर रिपोर्ट अगली सुनवाई पर प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।

1990 से पहले के कितने डेरे
डेरे के संस्थापक शाह मस्ताना के समर्थकों ने हाई कोर्ट से मांग की थी कि उनका डेरा मुखी गुरमीत रामरहीम से कोई लेना देना नहीं है लिहाजा जो डेरे शाह मस्ताना के समय से चल रहे हैं उन्हें अटैच न किया जाए। इस पर हाईकोर्ट ने पूछा की कितने डेरे वर्ष 1990 से पहले के हैं यह बताया जाए। 
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