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बसों में नियमों का पालन नहीं किया तो प्रिंसिपल होंगे जिम्मेदार
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 20 Feb 2016 09:24 PM IST
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने स्कूल बसों में यातायात प्रबंधों और नियमों को लेकर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कड़ी टिप्पणी की है। जस्टिस राजीव भल्ला ने कहा कि चंडीगढ़ की स्कूल बसों में सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई सेफ स्कूल ट्रांसपोर्टेशन पालिसी का अनुसरण नहीं हुआ तो स्कूलों के प्रिंसिपल जिम्मेवार होंगे।
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यूटी बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने हाईकोर्ट को बताया है कि 24 निजी स्कूल सेफ स्कूल ट्रांसपोर्टेशन पालिसी का पालन कर रहे हैं और इनकी सभी बसें मानक के तहत चल रही हैं। आयोग ने कहा है कि अभी 24 स्कूलों की ही रिपोर्ट आई है, जबकि 31 अन्य स्कूलों की रिपोर्ट आनी बाकी है।
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हाईकोर्ट ने इन बाकी स्कूलों को एक हफ्ते में कार्रवाई रिपोर्ट आयोग को सौंपने का निर्देश दिया है। जस्टिस राजीव भल्ला की एकल बेंच ने कहा है कि हर स्कूल की अलग रिपोर्ट होनी चाहिए और वह भी सीलबंद लिफाफे में। बेंच ने साफ कहा है कि शहर में सेफ स्कूल ट्रांसपोर्टेशन पॉलिसी के तहत नहीं चलने वाली सरकारी और निजी स्कूलों की सभी बसों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। स्कूल बसें तय नीति के तहत चलें, इसकी जिम्मेदारी संबंधित स्कूल प्रिंसिपल की होगी।
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हाईकोर्ट ने बाल अधिकार संरक्षण आयोग को शहर की सभी स्कूल बसों की जांच करने को कहा है। आयोग से कहा है कि आयोग के सदस्य हर स्कूल का दौरा कर खुद स्कूल बसों की जांच करें और रिपोर्ट दें कि बसें पॉलिसी के तहत चल रही हैं या नहीं। यह भी कहा कि पॉलिसी नियमों का उल्लंघन कर रही स्कूल बसों को तुरंत सड़क पर चलने से हटाया जाए।
उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को शहर में चल रही स्कूल बसों में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित बनाने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट के आदेश पर पंजाब और हरियाणा ने ऐसी नीति बना ली थी। यूटी द्वारा नीति नहीं बनाने पर हाईकोर्ट ने कई बार फटकार भी लगाई थी, लेकिन अब यहां भी प्रशासन ने भी पॉलिसी बना ली है। अब हाईकोर्ट ने इस नीति को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है।