लेक्चरर भर्ती मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
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पंजाब के एडेड कालेजों में लेक्चरर भर्ती के मामले में अनियमितताएं बरते जाने का आरोप लगाते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दाखिल अर्जी खारिज हो गई है।
याचिका में हाईकोर्ट से अपने फैसले में कुछ तथ्य स्पष्ट करने की मांग की गई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने कहा है कि यह स्पष्टीकरण का मामला नहीं बनता। यदि आपत्ति है तो अवमानना याचिका दायर की जा सकती है।
राज्य के एडेड कालेजों में लेक्चरर के 1925 पद खाली पड़े थे। इसी को लेकर जनहित याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने सख्ती बरती तो सरकार ने कहा कि सभी पद एक साथ नहीं भरे जा सकते। इसे चरणों में भरा जाएगा।
हाईकोर्ट को आश्वासन दिया गया था कि इस साल 31 मार्च तक 464 पदों पर भर्ती की जाएगी। ऐसे ही बाद में भर्ती करते हुए 31 मार्च 2016 तक सभी पद भर लिए जाएंगे।
वायदे के मुताबिक भर्ती का निर्देश दिया
सरकार के इस जवाब पर हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया था। साथ ही सरकार को अपने वायदे के मुताबिक भर्ती का निर्देश दिया गया था। इसी बीच याचिकाकर्ता ने एक अर्जी दायर कर आरोप लगाया कि भर्तियां नियमित नहीं हो रही हैं।
वोकेशनल कोर्सेज के लेक्चरर के पदों को भी अन्य विषयों के पदों के स्थान पर भरा जा रहा है। हाईकोर्ट से मांग की गई थी कि फैसले में स्पष्ट किया जाए कि सरकार केवल नियमित भर्तियां करेगी।
जिन विषयों के लेक्चररों के पद खाली हैं, उन पदों पर संबंधित विषयों के लेक्चरर ही भर्ती किए जाएं, न कि वोकेशनल कोर्सेज़ के लेक्चरार भी इसी 1925 पदों में एडजस्ट हों। हाईकोर्ट ने फैसले में स्पष्टीकरण से साफ इनकार करते हुए अर्जी खारिज कर दी है।