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PMT परीक्षा के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई पूरी, जानिए फैसला कब?

Tue, 06 Sep 2016 09:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 06 Sep 2016 09:55 PM IST
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punjab haryana highcourt hearing completed in baba rafid university pmt case, decision safe
सजा सुनने के बाद भाग - फोटो : amar ujala
एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स के लिए ली गई पीएमटी परीक्षा के खिलाफ याचिकाओं पर हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। पंजाब में बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के इस मामले में दायर चार विभिन्न याचिकाओं पर सभी पक्षों को सुनने के बाद मंगलवार को जस्टिस जीएस संधावालिया की बेंच ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
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इस मामले में रवनीत कौर सहित अन्य की ओर से याचिका दायर कर कहा गया था कि बाबा फरीद विवि ने पीएमटी की परीक्षा के नतीजे पर्सेंटाइल के अनुसार घोषित किए, जबकि परीक्षा की नोटिफिकेशन में इसके बारे में कोई जानकारी ही नहीं दी गई थी।
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इसके अलावा यह परीक्षा सिर्फ पंजाब में आयोजित की गई और दो शिफ्टों में इस परीक्षा के आयोजन से विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस मामले में हाईकोर्ट को बताया गया कि परीक्षा में कई प्रश्न सही नहीं थे, जिसका नुकसान विद्यार्थियों को ही हुआ।
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परीक्षा नए सिर के करवाने की मांग पर अड़े थे स्टूडेंट

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कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
याचिकाकर्ताओं ने इस परीक्षा को नए सिरे से करवाने की मांग हाईकोर्ट से थी। याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान बाबा फरीद विवि की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि पर्सेंटाइल सिस्टम ही सबसे बेहतर था और इसी तरीके से आल इंडिया इंस्टीट्यूट और मेडिकल साइंसेज (एम्स) ने भी एमबीबीएस में दाखिले किए गए हैं।

यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने विस्तृत जवाब दायर करते हुए कहा कि इस सिस्टम से किसी भी परीक्षार्थी के साथ पक्षपात नहीं किया गया। यूनिवर्सिटी ने यह भी बताया कि यह परीक्षा सिर्फ पंजाब में ही करवाई गई थी। इसके लिए पंजाब के मुख्यमंत्री ने ही यूनिवर्सिटी को निर्देश दिए थे।

यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि उन दिनों हरियाणा में जाट आंदोलन के कारण स्थिति अलग थी। इसके अलावा पंजाब में ही परीक्षा आयोजित होने से यहां छात्रों की संख्या बढ़ गई तो दो शिफ्टों में यह परीक्षा ली गई।
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