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Highcourt: पंचकूला-चंडीगढ़ मार्ग जाम होने जैसी स्थिति दोबारा न हो... हाईकोर्ट ने 15 मार्च तक मांगी रिपोर्ट
Tue, 07 Mar 2023 11:03 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 07 Mar 2023 11:03 AM IST
सार
कोर्ट ने कहा कि यह तो केवल एक मार्ग है। इसके जैसे कई अन्य मार्ग मौजूद होंगे, जिनमें यह घटना दोहराई जा सकती है। कोर्ट ने अब 15 मार्च तक ऐसी योजना सौंपने का आदेश दिया है, जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटना को दोहराकर चंडीगढ़-पंचकूला मार्ग को बाधित न किया जा सके।
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पंचकूला में हाउसिंग बोर्ड पर डटे सरपंच।
- फोटो : फाइल
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विस्तार
चंडीगढ़-पंचकूला मार्ग को हरियाणा सरपंच एसोसिएशन की ओर से बाधित करने के मामले में कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए हरियाणा सरकार ने बताया कि शनिवार रात 9 बजे तक पूरा मार्ग खाली करवा दिया गया था। अब हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसे अन्य कई मार्ग मौजूद हैं, जहां यह दोहराया जा सकता है। ऐसे में हरियाणा के गृह सचिव, डीजीपी, पंचकूला के पुलिस कमिश्नर व डीसी को ऐसी योजना सौंपनी है, जिससे भविष्य में ऐसी घटना का दोहराव न हो।
पंचकूला निवासी डाक्टर नीतू बजाज व अन्य ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करते हुए बंद रास्ते के कारण लोगों को होने वाली परेशानी का मुद्दा उठाया था। याचिका में बताया गया कि यह रास्ता चंडीगढ़-पंचकूला की लाइफ लाइन है। हजारों लोगों को पंचकूला से चंडीगढ़ व चंडीगढ़ से पंचकूला रोज आना-जाना पड़ता है। यह रास्ता ब्लॉक होने से न केवल लोगों के सामान्य जीवन पर फर्क पड़ा है, बल्कि इमरजेंसी के हालात में लोगों का पीजीआई जैसे संस्थानों में जाना भी मुश्किल हो गया है। पंचकूला से रोजाना स्कूल बसें, कर्मचारी व अन्य लोग अपने कार्य को चंडीगढ़ जाने के लिए इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। इस मार्ग के बाधित होने से पंचकूला व चंडीगढ़ दोनों स्थानों पर जाम की स्थिति बन गई है।
बहस के दौरान हरियाणा सरकार की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि मुख्यमंत्री ने आंदोलनकारियों को 9 मार्च को मिलने का समय दिया है। पुलिस ने आंदोलनकारियों को रास्ता खोलने का नोटिस दे दिया है और उन्होंने एक तरफ का रास्ता खोलने पर सहमति दे दी है। कोर्ट ने कहा था कि यह बेहद गंभीर विषय है और सरकार को चाहिए कि इस समस्या का हल निकाले। आज केवल एक मार्ग को खोलने की अनुमति दी गई और बाद में वार्ता विफल हुई तो हालात पहले जैसे होंगे। कोर्ट ने शनिवार को हरियाणा सरकार को रात दस बजे तक की मोहलत देते हुए इस मार्ग को खाली करवाने और ऐसा करने में विफल रहने पर पंचकूला के पुलिस कमिश्नर व डीसी को हाजिर रहने का आदेश दिया था।
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अब कोर्ट को बताया गया कि शनिवार को ही रात दस बजे तक धरना हटवा दिया गया था। प्रदर्शनकारियों को बसों के माध्यम से वहां से विभिन्न स्थानों पर ले जाया गया था। कोर्ट ने इस पर संतुष्टि जताई, लेकिन कहा कि यह तो केवल एक मार्ग है। इसके जैसे कई अन्य मार्ग मौजूद होंगे, जिनमें यह घटना दोहराई जा सकती है। कोर्ट ने अब 15 मार्च तक ऐसी योजना सौंपने का आदेश दिया है, जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटना को दोहराकर चंडीगढ़-पंचकूला मार्ग को बाधित न किया जा सके।
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पंचकूला निवासी डाक्टर नीतू बजाज व अन्य ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करते हुए बंद रास्ते के कारण लोगों को होने वाली परेशानी का मुद्दा उठाया था। याचिका में बताया गया कि यह रास्ता चंडीगढ़-पंचकूला की लाइफ लाइन है। हजारों लोगों को पंचकूला से चंडीगढ़ व चंडीगढ़ से पंचकूला रोज आना-जाना पड़ता है। यह रास्ता ब्लॉक होने से न केवल लोगों के सामान्य जीवन पर फर्क पड़ा है, बल्कि इमरजेंसी के हालात में लोगों का पीजीआई जैसे संस्थानों में जाना भी मुश्किल हो गया है। पंचकूला से रोजाना स्कूल बसें, कर्मचारी व अन्य लोग अपने कार्य को चंडीगढ़ जाने के लिए इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। इस मार्ग के बाधित होने से पंचकूला व चंडीगढ़ दोनों स्थानों पर जाम की स्थिति बन गई है।
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बहस के दौरान हरियाणा सरकार की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि मुख्यमंत्री ने आंदोलनकारियों को 9 मार्च को मिलने का समय दिया है। पुलिस ने आंदोलनकारियों को रास्ता खोलने का नोटिस दे दिया है और उन्होंने एक तरफ का रास्ता खोलने पर सहमति दे दी है। कोर्ट ने कहा था कि यह बेहद गंभीर विषय है और सरकार को चाहिए कि इस समस्या का हल निकाले। आज केवल एक मार्ग को खोलने की अनुमति दी गई और बाद में वार्ता विफल हुई तो हालात पहले जैसे होंगे। कोर्ट ने शनिवार को हरियाणा सरकार को रात दस बजे तक की मोहलत देते हुए इस मार्ग को खाली करवाने और ऐसा करने में विफल रहने पर पंचकूला के पुलिस कमिश्नर व डीसी को हाजिर रहने का आदेश दिया था।
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अब कोर्ट को बताया गया कि शनिवार को ही रात दस बजे तक धरना हटवा दिया गया था। प्रदर्शनकारियों को बसों के माध्यम से वहां से विभिन्न स्थानों पर ले जाया गया था। कोर्ट ने इस पर संतुष्टि जताई, लेकिन कहा कि यह तो केवल एक मार्ग है। इसके जैसे कई अन्य मार्ग मौजूद होंगे, जिनमें यह घटना दोहराई जा सकती है। कोर्ट ने अब 15 मार्च तक ऐसी योजना सौंपने का आदेश दिया है, जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटना को दोहराकर चंडीगढ़-पंचकूला मार्ग को बाधित न किया जा सके।