फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab Haryana Highcourt Asked about Economic Condition Report of Punjab University

दो साल में वित्तीय हालत में कितना सुधार हुआ, हाईकोर्ट ने पीयू से पूछा, केंद्र सरकार ने झाड़ा पल्ला

Thu, 20 Sep 2018 11:10 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 20 Sep 2018 11:10 AM IST
विज्ञापन
Punjab Haryana Highcourt Asked about Economic Condition Report of Punjab University
पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस - फोटो : file photo
पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) की खराब आर्थिक स्थिति के मद्देनजर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यूनिवर्सिटी से वर्तमान स्थिति की जानकारी मांगी है। कोर्ट ने पूछा कि उसके संज्ञान लेने से अब तक पिछले दो साल में पीयू की स्थिति में कितना सुधार हुआ है। इसके बारे में अगली सुनवाई पर हाईकोर्ट को जानकारी दी जाए।
विज्ञापन


मामले की सुनवाई आरंभ होते ही पूर्व वीसी प्रो अरुण ग्रोवर की शासन सुधार से जुड़े हलफनामे पर केंद्र सरकार ने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह पीयू का अंदरूनी मामला है और इससे केंद्र का कोई लेना देना नहीं है। इससे पहले पीयू की सीनेट प्रोफेसर अरुण कुमार ग्रोवर के हलफनामे को वापस लेने का प्रस्ताव पास कर चुकी है और इसके लिए रजिस्ट्रार ने हाईकोर्ट में अर्जी भी दाखिल की है।
विज्ञापन


हालांकि बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान प्रो. ग्रोवर के हलफनामे को लेकर पीयू की ओर से कोई दलील या टिप्पणी नहीं की गई। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि दो वर्ष पहले इस याचिका पर संज्ञान लिया गया था। तब से यह मामला लगातार हाईकोर्ट के विचाराधीन है। पंजाब सरकार ने ग्रांट भी बढ़ाई है और केंद्र के स्तर पर भी काम हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसे में यह देखा जाना जरूरी है कि आखिर पिछले दो साल में पीयू की वित्तीय स्थिति में कितना सुधार हुआ है। कोर्ट ने प्रो. ग्रोवर से कहा कि अब वह रिटायर हो चुके हैं और वीसी नहीं हैं। ऐसे में पीयू के बजट सहित विभन्न चीजों के बारे में वह जानकारी नहीं दे सकते हैं। ऐसे में पीयू को ही अगली सुनवाई पर यह बताना होगा कि उसकी वर्तमान में वित्त स्थिति क्या है।


शासकीय सुधारों को लेकर प्रो. ग्रोवर का हलफनामा लंबित
वित्तीय स्थिति सुधरने के बाद प्रो. ग्रोवर ने हलफनामा दखिल कर पीयू को शासन सुधार की जरूरत बताई थी। वीसी ने पीयू की सीनेट और सिंडिकेट पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि इन दोनों बॉडी में मौजूद कुछ सदस्यों के कारण पीयू का माहौल बिगड़ रहा है। पीयू के गवर्नेंस रिफॉर्म्स को लेकर उन्होंने पिछली सुनवाई पर हलफनामा देकर दोनों बॉडी के सदस्यों पर सवाल खड़े कर दिए थे। प्रो. ग्रोवर ने कहा था कि यूनिवर्सिटी बिना शिक्षकों के कुछ भी नहीं है लेकिन अब यूनिवर्सिटी उन लोगों द्वारा चलाई जा रही है जिनका पीयू से कुछ लेना-देना ही नहीं है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed