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जजों के खिलाफ सोशल मीडिया पर टिप्पणी, हाईकोर्ट ने चार्ज फ्रेम करने का आदेश लिया वापस
Fri, 05 Jun 2020 11:26 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 05 Jun 2020 11:26 AM IST
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सोशल मीडिया पर जजों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में आरोपी पर चार्ज फ्रेम करने के अपने ही आदेश हाईकोर्ट ने वापस ले लिए। पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी जिला अदालत के एक कर्मचारी की मौजूदगी के चार्ज फ्रेम नहीं किए जा सकते, इसलिए पूर्व में जारी आदेश में संशोधन आवश्यक है।
हाईकोर्ट ने कहा कि कोविड-19 के चलते वकील और आरोपी कर्मी हाईकोर्ट में पेश नहीं हो पाए। ऐसे में हाईकोर्ट ने अब इस मामले की सुनवाई 24 सितंबर तक स्थगित कर दी है और कहा कि अगली सुनवाई पर आरोपी की अदालत में मौजूदगी में ही चार्ज फ्रेम कर उसे सुनाए जाएंगे और उसे अपने बचाव में दलील और साक्ष्य पेश करने की छूट होगी।
इसके साथ ही हाईकोर्ट ने मामले में बुधवार को चार्ज फ्रेम किए जाने के आदेश वापस ले लिए हैं। गत दिवस हाईकोर्ट ने कहा था जजों और न्यायपालिका पर फर्जी और आधारहीन आरोप लगा वीडियो अपलोड करने से आरोपी कर्मी ने आम लोगों में न्यायपालिका और जजों की प्रतिष्ठा को कम करने का प्रयास किया है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नही माना जा सकता है।
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हाईकोर्ट ने कहा कि कोविड-19 के चलते वकील और आरोपी कर्मी हाईकोर्ट में पेश नहीं हो पाए। ऐसे में हाईकोर्ट ने अब इस मामले की सुनवाई 24 सितंबर तक स्थगित कर दी है और कहा कि अगली सुनवाई पर आरोपी की अदालत में मौजूदगी में ही चार्ज फ्रेम कर उसे सुनाए जाएंगे और उसे अपने बचाव में दलील और साक्ष्य पेश करने की छूट होगी।
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इसके साथ ही हाईकोर्ट ने मामले में बुधवार को चार्ज फ्रेम किए जाने के आदेश वापस ले लिए हैं। गत दिवस हाईकोर्ट ने कहा था जजों और न्यायपालिका पर फर्जी और आधारहीन आरोप लगा वीडियो अपलोड करने से आरोपी कर्मी ने आम लोगों में न्यायपालिका और जजों की प्रतिष्ठा को कम करने का प्रयास किया है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नही माना जा सकता है।
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