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Highcourt: विधायक के भांजे को टेंडर नहीं मिलने पर निलंबित हुआ था बीडीपीओ, हाईकोर्ट ने अगले आदेश तक लगाई रोक

Sat, 30 Dec 2023 04:15 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 30 Dec 2023 04:15 PM IST
सार

याची ने बताया कि विधायक सीताराम ने जेबीएनडब्ल्यू इंटरप्राइजेज के मालिक ईश्वर सिंह उर्फ बिल्लू के पक्ष में टेंडर जारी करने का दबाव बनाया जो उनका भांजा है। इसके बाद टेंडर अन्य कंपनी को जारी हो गया जिसका नतीजा यह हुआ कि याची का तबादला कनीना से नूंह में कर दिया गया। 

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Punjab-Haryana High Court stayed suspension of BDPO Kanina till further orders
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

विस्तार

कनीना की 53 ग्राम पंचायतों के ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़े टेंडर के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बीडीपीओ अरुण कुमार के निलंबन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। उन्होंने इस मामले में विधायक सीताराम के भांजे को टेंडर नहीं मिलने के चलते यह कार्रवाई होने की दलील देते हुए कहा था कि उन्हें बली का बकरा बनाया जा रहा है। 
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याचिका पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार, विधायक सीताराम व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

याचिकाकर्ता ने बताया कि बीडीपीओ कनीना के पद पर कार्यरत रहते हुए उन्होंने तीन अक्तूबर को सभी 53 ग्राम पंचायतों का समाधान करवाकर ठोस कचरा प्रबंधन के लिए ऑनलाइन टेंडर निकाला था। याचिकाकर्ता की ओर से 6 अक्तूबर को कमेटी का गठन किया गया। 
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याची ने बताया कि विधायक सीताराम ने जेबीएनडब्ल्यू इंटरप्राइजेज के मालिक ईश्वर सिंह उर्फ बिल्लू के पक्ष में टेंडर जारी करने का दबाव बनाया जो उनका भांजा है। इसके बाद टेंडर अन्य कंपनी को जारी हो गया जिसका नतीजा यह हुआ कि याची का तबादला कनीना से नूंह में कर दिया गया। 
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20 अक्तूबर को हाईकोर्ट ने उनके तबादले पर रोक लगा दी थी। इसके बाद अब 11 दिसंबर को उन्हें निलंबित कर दिया गया। याची ने बताया कि टेंडर रद्द किया जा चुका है और मामला अदालत में विचाराधीन है। याची ने कहा कि विधायक के निर्देशों को स्वीकार नहीं करने के कारण उसे बलि का बकरा बनाया जा रहा है। याची के पास इससे जुड़े सबूत हैं जिनके बारे में अधिकारियों को बताया गया लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद निलंबन पर रोक लगा दी है।


हाईकोर्ट ने कहा कि निलंबन आदेश में विभागीय कार्रवाई का जिक्र नहीं है और ऐसे में अगली तारीख पर याची के निलंबन का कारण स्पष्ट करने का सरकार को आदेश दिया है।
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