फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab-Haryana High Court said sacrilege falls in category of heinous crime

Highcourt: हाईकोर्ट ने कहा-बेअदबी चाहे किसी भी धर्म की हो, यह जघन्य अपराध... एफआईआर रद्द करने से इनकार

Mon, 09 Oct 2023 11:29 AM IST
निवेदिता वर्मा विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 09 Oct 2023 11:29 AM IST
सार

23 दिसंबर, 2022 को दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए याची ने कहा था कि दुनिया में केवल एक धर्म है, जो सनातन है, बाकी सब पंथ हैं। ऐसे में याची पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का मामला बनता ही नहीं है। याची ने कहा कि उसमें श्री गुरु नानक देव की आत्मा है और वह उनका ही अवतार है।

विज्ञापन
Punjab-Haryana High Court said sacrilege falls in category of heinous crime
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo

विस्तार

श्री गुरु नानक देव का अवतार व सिखों का 12वां गुरु होने के दावे को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बेहद गंभीर मामला बताते हुए याचिकाकर्ता के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने से इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि बेअदबी चाहे किसी भी धर्म की हो, यह जघन्य अपराध की श्रेणी में आती है, क्योंकि यह समाज को बुरी तरह प्रभावित करती है।
विज्ञापन


शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा निवासी संजय राय के खिलाफ अमृतसर पुलिस को शिकायत दी थी कि वह सिखों की धार्मिक भावनाओं को आहत कर रहा है। संजय की सोशल मीडिया पर वीडियो है, जिसमें वह खुद को श्री गुरु नानक देव जी का अवतार होने का दावा कर रहा है। सिख धर्म में श्री गुरुग्रंथ साहिब के अतिरिक्त किसी जीवित व्यक्ति को गुरु नहीं माना जा सकता, ऐसे में उसका ऐसा दावा सिखों की धार्मिक भावनाओं को आहत करता है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: जालंधर में आग से पांच जिंदगियां खत्म: क्या सात माह पहले खरीदा डबल डोर फ्रिज बना काल! दावे में कितना सच
विज्ञापन
विज्ञापन


2022 में अमृतसर में दर्ज हुई थी एफआईआर
इस मामले में अमृतसर में 23 दिसंबर, 2022 को दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए याची ने कहा था कि दुनिया में केवल एक धर्म है, जो सनातन है, बाकी सब पंथ हैं। ऐसे में याची पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का मामला बनता ही नहीं है। याची ने कहा कि उसमें श्री गुरु नानक देव की आत्मा है और वह उनका ही अवतार है। पंजाब सरकार ने बताया कि इस मामले में जांच जारी है। वीडियो में याचिकाकर्ता खुद को सिखों का 12वां गुरु घोषित कर रहा है, जो आईपीसी की धारा 295-ए के तहत एक संज्ञेय अपराध है।

बेअदबी समाज को बुरी तरह से प्रभावित करती है
हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि धर्म की बेअदबी जघन्य अपराध है, फिर चाहे वह कोई भी धर्म क्यों न हो। बेअदबी समाज को बुरी तरह से प्रभावित करती है। याची ने बेअदबी की है या नहीं इस बारे में जांच अभी जारी है, ऐसे में याची के खिलाफ एफआईआर को खारिज नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने कहा कि अभी ट्रायल कोर्ट को तय करना है कि याची के खिलाफ बेअदबी या धार्मिक भावनाओं को आहत करने का मामला बनता है या नहीं। ऐसे में हाईकोर्ट अभी इस मामले में दखल नहीं देना चाहता।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed