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Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab-Haryana High Court ordered the dismissal of 1259 JBT teachers appointed in 2017 in Haryana

Punjab-Haryana High Court: 2017 में नियुक्त 1259 जेबीटी शिक्षकों की नियुक्ति अवैध, बर्खास्त करने का आदेश

Wed, 20 Jul 2022 10:15 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 20 Jul 2022 10:15 PM IST
सार

नियुक्ति के लिए आवेदन की अंतिम तिथि के बाद आवेदन करने वालों को हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। 2012 में हरियाणा सरकार ने 8760 जेबीटी शिक्षकों की भर्ती निकाली थी। 

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Punjab-Haryana High Court ordered the dismissal of 1259 JBT teachers appointed in 2017 in Haryana
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

2012 की 8760 जेबीटी शिक्षकों की भर्ती में अंतिम तिथि के बाद आवेदन कर नियुक्ति पाने वाले 1259 जेबीटी शिक्षकों को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने 2017 में नियुक्त इन जेबीटी शिक्षाकों की नियुक्ति को अवैध करार देते हुए तीन माह में नोटिस देकर बर्खास्त करने का आदेश दिया है।

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याचिकाकर्ताओं के वकील विक्रम श्योराण ने बताया कि हरियाणा सरकार ने 2012 में जेबीटी के 8760 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। आवेदन की अंतिम तिथि 11 दिसंबर 2012 थी। आवेदन के लिए राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा अनिवार्य योग्यता थी। 2012 में परीक्षा आयोजित नहीं हो सकी ऐसे में सरकार ने अप्रैल 2013 में परीक्षा आयोजित की थी।
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इसी बीच हाईकोर्ट में बड़ी संख्या में याचिकाएं दाखिल हुई कि सरकार ने 2012 में परीक्षा आयोजित नहीं की ऐसे में 2013 में आयोजित परीक्षा में भाग लेने वालों को इस भर्ती में कट ऑफ तिथि के बाद भी आवेदन की अनुमति दी जाए। हाईकोर्ट ने प्रोविजनल तौर पर याचिकाकर्ताओं को आवेदन की अनुमति दे दी थी। इसी बीच पात्रता परीक्षा का परिणाम आया और बड़ी संख्या में आवेदक पास हो गए।
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अब हरियाणा सरकार के पास दो सूची थी एक कट ऑफ डेट से पहले आवेदन करने वालों की और दूसरी 2013 में पात्रता परीक्षा पास करने वालों की। सरकार ने कट ऑफ से पहले आवेदन करने वालों को नियुक्ति का फैसला लेकर उन्हें नियुक्ति दे दी।

इसके बाद 2013 में पात्रता परीक्षा पास करने वाले आवेदकों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि उनके अंक कट ऑफ से पहले आवेदन करने वालों से ज्यादा अंक हैं ऐसे में संयुक्त मेरिट सूची तैयार कर नियुक्तियां दी जाएं। हाईकोर्ट ने इस पर कहा कि सरकार चाहे तो संयुक्त मेरिट सूची बनाकर नियुक्तियां दे सकती है लेकिन यह नियुक्तियां याचिका पर आने वाले फैसले पर निर्भर होंगी। जब संयुक्त मेरिट सूची जारी हुई तो पहले नियुक्त कई जेबीटी शिक्षकों को नोटिस देकर उनकी सेवा समाप्त कर दी गई।

इन शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कट ऑफ तिथि के बाद आवेदन करने वालों को नियुक्ति करने को गलत करार दिया। याचिकाकर्ताओं के वकील विक्रम श्योराण ने बताया कि याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि कट आफ डेट के बाद आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को मौका देना सरकार का गलत निर्णय था।


कोर्ट ने कहा कि कट ऑफ डेट से पहले आवेदन करने वालों को हटा कर 2013 में पात्रता परीक्षा पास करने वालों को नियुक्ति देना सरकार का गलत निर्णय था। हाईकोर्ट ने अब हटाए गए शिक्षकों को 2017 से नियुक्ति, वरिष्ठता व अन्य वित्तीय लाभ जारी करने का अदेश दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि यदि कुछ पद रिक्त रह जाते हैं तो प्रतीक्षा सूची से उन्हें भरा जाए। यदि फिर भी पद रिक्त रहते हैं तो उन्हें नए सिरे से विज्ञापन जारी कर भरा जाए।

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