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घर से भागे प्रेमी जोड़े में एक नाबालिग हो तो भी नहीं छिनता सुरक्षा का अधिकार: उच्च न्यायालय
Tue, 29 Sep 2020 10:05 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 29 Sep 2020 10:05 AM IST
सार
- सहमति संबंध में रहने से भी सुरक्षा का अधिकार समाप्त नहीं होता है
- हिसार निवासी प्रेमी जोड़े की याचिका पर उच्च न्यायालय की टिप्पणी
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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विस्तार
पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय ने हिसार के एक प्रेमी जोड़े की याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट कर दिया कि घर से भागे प्रेमी जोड़े में एक नाबालिग हो तो भी सुरक्षा का अधिकार नहीं छिनता। यहां तक कि भले ही वह सहमति संबंध (लिव इन रिलेशनशिप) में रहते हों तो भी यह अधिकार कायम रहता है।
प्रेमी युगल ने घर से भाग कर एक साथ रहने का फैसला लिया था और इसके लिए सुरक्षा हेतु उच्च न्यायालय से गुहार लगाई थी। याचिकाकर्ता की उम्र तो 24 साल थी, लेकिन विवाद लड़की की उम्र को लेकर था, जो केवल 16 साल नौ महीने की थी।
उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करते हुए दोनों ने कहा कि वे एक दूसरे से प्यार करते हैं और एक दूसरे के साथ रहना चाहते हैं, लेकिन उनके परिवार वाले इस रिश्ते के खिलाफ हैं, जिसके चलते उन्हें घर से भागना पड़ा। उच्च न्यायालय ने कहा कि भले ही दोनों का विवाह नहीं हुआ, लेकिन उनको जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा का सांविधानिक अधिकार है।
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भले ही उनका रिश्ता कुछ भी हो और न्यायालय रिश्ते को लेकर टिप्पणी नहीं करना चाहता। न्यायालय ने याचिका का निपटारा करते हुए हिसार के जिला पुलिस प्रमुख को आदेश दिया कि वे याचिकाकर्ता जोड़े द्वारा सुरक्षा की मांग के आवेदन की जांच करके उचित निर्णय लेकर उनके जान माल की रक्षा करें।
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प्रेमी युगल ने घर से भाग कर एक साथ रहने का फैसला लिया था और इसके लिए सुरक्षा हेतु उच्च न्यायालय से गुहार लगाई थी। याचिकाकर्ता की उम्र तो 24 साल थी, लेकिन विवाद लड़की की उम्र को लेकर था, जो केवल 16 साल नौ महीने की थी।
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उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करते हुए दोनों ने कहा कि वे एक दूसरे से प्यार करते हैं और एक दूसरे के साथ रहना चाहते हैं, लेकिन उनके परिवार वाले इस रिश्ते के खिलाफ हैं, जिसके चलते उन्हें घर से भागना पड़ा। उच्च न्यायालय ने कहा कि भले ही दोनों का विवाह नहीं हुआ, लेकिन उनको जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा का सांविधानिक अधिकार है।
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भले ही उनका रिश्ता कुछ भी हो और न्यायालय रिश्ते को लेकर टिप्पणी नहीं करना चाहता। न्यायालय ने याचिका का निपटारा करते हुए हिसार के जिला पुलिस प्रमुख को आदेश दिया कि वे याचिकाकर्ता जोड़े द्वारा सुरक्षा की मांग के आवेदन की जांच करके उचित निर्णय लेकर उनके जान माल की रक्षा करें।